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Basti News: पटीदार के घर में आग लगाने पर पांच साल की सजा
Sat, 22 Mar 2025 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 22 Mar 2025 01:12 AM IST
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फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने सुनाया फैसला, चार हजार अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार की अदालत ने रिहायशी मकान में आग लगाने के मामले में आरोपी को पांच साल कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दो माह और जेल में रहना पड़ेगा।
कप्तानगंज क्षेत्र के महादेवा पांडेय गांव निवासी राजेश पांडेय ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनका रिहायशी मकान मालवीय रोड बस्ती में है। यहां पर उनकी दादी रहती है। उनकी मृत्यु 27 मार्च 2004 को हो गई थी। उनके दाह संस्कार आदि कार्यों में वह सपरिवार व्यस्त थे। सब लोग बस्ती में थे। उसके चार बच्चे बरामदे में खेल रहे थे। 28 मार्च 2004 की शाम करीब 5:30 बजे पटीदार प्रेमचंद पांडेय ने छत पर चढ़कर आंगन से उतरकर उसके कमरे में घुसकर आग लगा दी।
इससे कमरे में रखा सारा सामान और आभूषण जलकर राख हो गया। प्रेमचंद्र को आगे लगाते और भागते समय शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग पहुंच गए और पकड़कर थाने पर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रेमचंद्र पांडेय पर केस दर्ज कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया । न्यायाधीश ने बहस सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर प्रेमचंद को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार की अदालत ने रिहायशी मकान में आग लगाने के मामले में आरोपी को पांच साल कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दो माह और जेल में रहना पड़ेगा।
कप्तानगंज क्षेत्र के महादेवा पांडेय गांव निवासी राजेश पांडेय ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनका रिहायशी मकान मालवीय रोड बस्ती में है। यहां पर उनकी दादी रहती है। उनकी मृत्यु 27 मार्च 2004 को हो गई थी। उनके दाह संस्कार आदि कार्यों में वह सपरिवार व्यस्त थे। सब लोग बस्ती में थे। उसके चार बच्चे बरामदे में खेल रहे थे। 28 मार्च 2004 की शाम करीब 5:30 बजे पटीदार प्रेमचंद पांडेय ने छत पर चढ़कर आंगन से उतरकर उसके कमरे में घुसकर आग लगा दी।
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इससे कमरे में रखा सारा सामान और आभूषण जलकर राख हो गया। प्रेमचंद्र को आगे लगाते और भागते समय शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग पहुंच गए और पकड़कर थाने पर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रेमचंद्र पांडेय पर केस दर्ज कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया । न्यायाधीश ने बहस सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर प्रेमचंद को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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