फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Don't go by the glitter...chemical colours will harm your health

Basti News: चमक पर मत जाएं...सेहत बिगाड़ देगा केमिकल वाला रंग

Wed, 25 Feb 2026 12:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
Don't go by the glitter...chemical colours will harm your health
बस्ती। होली के त्योहार से पहले ही बाजार सज चुका है। बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल तेज हो गया है। चटख और आकर्षक रंगों के नाम पर मिठाइयों, खोआ, नमकीन और पेय पदार्थों में केमिकल युक्त रंग मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
विज्ञापन

वहीं धंधेबाज गुपचुप तरीके से मिलावटी खोआ की खेप भेजने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का फोकस कानपुर, अयोध्या और गोंडा जिले के नवाबगंज से आने वाले खोआ तक सिमट कर रह गया है। जबकि जिले में ही कई स्थानों पर मिलावटी खोआ बनाने की फैक्टरी चल रही है।
विज्ञापन

बता दें कि होली जैसे बड़े त्याेहार नजदीक आते ही बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी मांग का फायदा उठाकर धंधेबाज मुनाफे के लालच में प्रतिबंधित और गैर मानक के रंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसके अलावा आइसक्रीम, शीतल पेय पदार्थ और मसालों तक में नुकसानदायक रंग मिलाए जा रहे हैं। ये रंग दो प्रकार के होते हैं। कोलतार (खाने योग्य) और प्राकृतिक (पेंट)। केवल कोलतार रंगों को ही खाने की वस्तुओं में मिलाने की अनुमति है। इसमें लाल, पीला, हरा और नीला रंग महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये रंग दो प्रकार के होते हैं अम्लीय और क्षारीय। शेष सभी अम्लीय और क्षारीय रंगों के इस्तेमाल पर रोक है। हालांकि, अब कोलतार रंगों में भी रसायन मिलाए जा रहे हैं। उदाहरणार्थ पीसी हुई लाल मिर्च में घुलनशील कोलतार रंग जैसे सूडान 293 की मिलावट की जाती है, ताकि कूड़ा, कंकड़, बुरादा आदि को छिपाया जा सके।
चिकित्सक बताते हैं कि खाद्य पदार्थों में हानिकारक रंगों की मिलावट से एजर्ली, त्वचा रोग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और आंखों में जलन जैसी परेशानी हो सकती है। इससे पाचन संबंधी समस्या और बुद्धि पर भी असर पड़ता है। मिलावटी खाद्य पदार्थ धीमा जहर होता है, इससे शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बड़ेवन के पास लावारिस हालत में मिला था साढ़े 11 क्विंटल खोआ : बता दें कि कुछ दिन पहले ही विभाग ने बड़ेवन के पास से साढ़े 11 क्विंटल खोआ लावारिस हालत में बरामद किया था। जांच में इस खोआ में रिफाइंड मिला पाया गया था। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि रिफाइंड युक्त खोआ खाने से लिवर पर सीधे असर पड़ता है। अधिक सेवन से लिवर भी डैमेज हो सकता है।

दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक सस्ता खोआ खोजते हुए आते हैं। कानपुर का खोआ सस्ता पड़ता है। फुटकर में 280 से 300 रुपये तक में यह खोआ मिल जाता है। वहीं, जरवल से आने वाला खोआ भी फुटकर में 300 रुपये तक पड़ जा रहा है। होली में इसे साढ़े तीन सौ रुपये तक में बिक्री करते हैं। इसके अलावा अयोध्या, अंबेडकरनगर, बलरामपुर से भी खोआ आता है। रोजाना खपत के हिसाब से होली में खोआ की खपत कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मांग पूरी करने के लिए धंधेबाज बाहरी खोआ का सहारा लेते हैं, जो यह खोआ मिलावटी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed