{"_id":"64d532ddebead3471b0bb9c4","slug":"death-case-investigation-basti-news-c-207-1-sgkp1002-2580-2023-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: अधर में लटक गई संदीप की मौत की तफ्तीश, तीसरा विवेचक करेगा विवेचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: अधर में लटक गई संदीप की मौत की तफ्तीश, तीसरा विवेचक करेगा विवेचना
विज्ञापन
बस्ती। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के कच्चीपुर निवासी युवक की डूबकर मौत के केस की तफ्तीश एक बार फिर अधर में लटक गई। छावनी के थानाध्यक्ष व विवेचक दुर्गेश पांडेय का तबादला होने के बाद विवेचना अधर में रह गई। अधिकारियों का कहना है कि थाने की कमान संभालने वाले नए एसओ नारायण लाल श्रीवास्तव को अब नए सिरे से जांच करनी होगी।
बता दें कि 13 जून को संदीप विश्वकर्मा का रवई नदी में शव मिला था। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत होने की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पल्ला झाड़ रही थी। मगर परिवार वालों के दबाव में मृतक के तीन दोस्तों पर डुबोकर हत्या करने का केस दर्ज किया गया। यह विवेचना एसओ कप्तानगंज ने शुरू की। बाद में परिवार के लोगों ने विवेचक पर गिरफ्तारी न करके आरोपियों को बचाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए विवचेना छावनी थाने पर स्थानांतरित कराया। इसके 15 दिन भी नहीं बीते कि बुधवार रात विवेचक का तबादला हो गया, जिससे विवेचना फिर अधर में लटक गई।
-- -- -- -- -- -- -
इन तीनों पर दर्ज हुआ है केस
कप्तानगंज पुलिस ने संदीप विश्वकर्मा के चाचा बाबूराम की तहरीर पर उसके साथ देखे गए रोहित चौधरी निवासी पैगापुर थाना कप्तानगंज हाल मुकाम डमरूआ थाना कोतवाली, शिवम निवासी डमरूआ थाना कोतवाली बस्ती और उसके एक दोस्त सिद्धार्थ पता अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव छिपाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उनमें किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद नहाने के बहाने से उसे नदी के किनारे ले गए। जहां रोहित ने पानी में धक्का दे दिया। उसके गिरने के बाद बाकी दो लोगों ने डुबो कर मार डाला।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
यह थी घटना
- 13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव का रहने वाले संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उसके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी (ढोढ़रहवा घाट) पर पानी में पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाभी और मोबाइल गायब थी।
-- -- -- -
पोस्टमार्टम में हुई थी डूबकर मौत की पुष्टि
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि वह नहाते समय डूबने से मौत हुई। मगर घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने गांव के ही साथ पढ़ने वाले रोहित चौधरी, शिवम और सिद्धार्थ पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी।
-- -- -- -- -- --
जांच के बाद दोस्तों पर दर्ज हुआ था हत्या का केस
मृतक के चाचा ने एसपी से मिलकर आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। मामले की शिकायत परिजनों ने आईजीआरएस के जरिये मुख्यमंत्री पोर्टल पर की भी थी। एसपी ने मामले की जांच सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान को सौंपी थी। सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी एकत्र की। सीओ ने एसओ कप्तानगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने की निर्देश दिया।
-- -- -- -- --
इन दो बिंदुओं पर फंसा है पेंच
चारों के एक साथ नदी में नहाने के लिए जाने पर यदि संदीप की डूबकर मौत हो गई, तो बाकी तीनों दोस्तों ने इसकी किसी को सूचना देने के बजाए भाग क्यों गए ?
- संदीप की मोबाइल और बाइक की चाभी उन दोस्तों के पास थी तो मोबाइल को परिवार वालों को देने के बजाए तोड़कर फेंक क्यों दिया।
विज्ञापन
बता दें कि 13 जून को संदीप विश्वकर्मा का रवई नदी में शव मिला था। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत होने की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पल्ला झाड़ रही थी। मगर परिवार वालों के दबाव में मृतक के तीन दोस्तों पर डुबोकर हत्या करने का केस दर्ज किया गया। यह विवेचना एसओ कप्तानगंज ने शुरू की। बाद में परिवार के लोगों ने विवेचक पर गिरफ्तारी न करके आरोपियों को बचाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए विवचेना छावनी थाने पर स्थानांतरित कराया। इसके 15 दिन भी नहीं बीते कि बुधवार रात विवेचक का तबादला हो गया, जिससे विवेचना फिर अधर में लटक गई।
विज्ञापन
इन तीनों पर दर्ज हुआ है केस
कप्तानगंज पुलिस ने संदीप विश्वकर्मा के चाचा बाबूराम की तहरीर पर उसके साथ देखे गए रोहित चौधरी निवासी पैगापुर थाना कप्तानगंज हाल मुकाम डमरूआ थाना कोतवाली, शिवम निवासी डमरूआ थाना कोतवाली बस्ती और उसके एक दोस्त सिद्धार्थ पता अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव छिपाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उनमें किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद नहाने के बहाने से उसे नदी के किनारे ले गए। जहां रोहित ने पानी में धक्का दे दिया। उसके गिरने के बाद बाकी दो लोगों ने डुबो कर मार डाला।
विज्ञापन
यह थी घटना
- 13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव का रहने वाले संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उसके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी (ढोढ़रहवा घाट) पर पानी में पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाभी और मोबाइल गायब थी।
पोस्टमार्टम में हुई थी डूबकर मौत की पुष्टि
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि वह नहाते समय डूबने से मौत हुई। मगर घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने गांव के ही साथ पढ़ने वाले रोहित चौधरी, शिवम और सिद्धार्थ पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी।
जांच के बाद दोस्तों पर दर्ज हुआ था हत्या का केस
मृतक के चाचा ने एसपी से मिलकर आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। मामले की शिकायत परिजनों ने आईजीआरएस के जरिये मुख्यमंत्री पोर्टल पर की भी थी। एसपी ने मामले की जांच सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान को सौंपी थी। सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी एकत्र की। सीओ ने एसओ कप्तानगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने की निर्देश दिया।
इन दो बिंदुओं पर फंसा है पेंच
चारों के एक साथ नदी में नहाने के लिए जाने पर यदि संदीप की डूबकर मौत हो गई, तो बाकी तीनों दोस्तों ने इसकी किसी को सूचना देने के बजाए भाग क्यों गए ?
- संदीप की मोबाइल और बाइक की चाभी उन दोस्तों के पास थी तो मोबाइल को परिवार वालों को देने के बजाए तोड़कर फेंक क्यों दिया।