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Basti News: वीडियो का सीडब्लूसी ने लिया संज्ञान, बीएसए को नोटिस
Wed, 10 Apr 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 10 Apr 2024 12:56 AM IST
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नाबालिग छात्रों से निर्माण कार्य में सहयोग लेने का मामला
संवाद न्यूज एजेसी
बस्ती। नाबालिग छात्रों से विद्यालय निर्माण कार्य में सहयोग लेने के वायरल वीडियो का बाल कल्याण समिति ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में बीएसए को नोटिस जारी किया है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा है कि छात्रों के मौलिक अधिकार के साथ ही बाल अधिकार का भी उल्लंघन है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत बीएसए को नोटिस भी भेजा गया है।
गौर तलब है कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें नाबालिग छात्र पढ़ाई के बजाय काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो परशुरामपुर ब्लाॅक के रामपुर न्याय पंचायत के दुफेड़ी का बताया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
मंगलवार को मामले की जानकारी होने पर न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डाॅ. संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेज कर 16 अप्रैल तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि यह प्रकरण बच्चों की शिक्षा के अधिकार के साथ ही बाल अधिनियम 2015 का भी उल्लंघन है। मामले में लापरवाही बरतने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेसी
बस्ती। नाबालिग छात्रों से विद्यालय निर्माण कार्य में सहयोग लेने के वायरल वीडियो का बाल कल्याण समिति ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में बीएसए को नोटिस जारी किया है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा है कि छात्रों के मौलिक अधिकार के साथ ही बाल अधिकार का भी उल्लंघन है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत बीएसए को नोटिस भी भेजा गया है।
गौर तलब है कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें नाबालिग छात्र पढ़ाई के बजाय काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो परशुरामपुर ब्लाॅक के रामपुर न्याय पंचायत के दुफेड़ी का बताया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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मंगलवार को मामले की जानकारी होने पर न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डाॅ. संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेज कर 16 अप्रैल तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि यह प्रकरण बच्चों की शिक्षा के अधिकार के साथ ही बाल अधिनियम 2015 का भी उल्लंघन है। मामले में लापरवाही बरतने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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