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शराब तस्कर को छोड़ा, चालक को भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 12:38 AM IST
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दुबौलिया। पुलिस ने शराब तस्कर को छोड़ दिया और वाहन चालक को गिरफ्तार कर
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जेल भेज दिया। इस तरह पुलिस अधीक्षक का निर्देश दूसरे ही दिन बेअसर हो गया।
अवैध शराब का गढ़ माने जाने वाले दुबौलिया थाना क्षेत्र में दो दिन पहले एसपी शिवहरि मीणा ने छापामारी कार्रवाई की थी और अवैध शराब बनाने वाली तमाम भट्ठियों को तहस-नहस कर थानाध्यक्ष को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
एसपी की गई इस कार्रवाई के बाद थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इसके बाद अगले दिन पुलिस ने भी चेकिंग अभियान चलाया और कैसलाबाबू के पास बगैर नंबर के आ रहे चार पहिया वाहन को रोक कर तलाशी ली।
उसमें अवैध शराब से भरी दो पेटियां बरामद हुईं। मगर पुलिस ने शराब तस्कर को छोड़ दिया और चालक को हिरासत में लेकर वाहन को थाने पहुंचा दिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम पंकज सिंह पुत्र कृष्णचंद सिंह निवासी सांडपुर बताया।
पुलिस ने आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि बगैर नंबर की गाड़ी होने के कारण उसे सीज कर दिया गया है।
ऐसे में सवाल यह उठता है, पूछताछ में चालक जब अपना नाम-पता बता सकता है तो गाड़ी मालिक का क्यों नहीं? बताया जाता है कि शराब तस्कर प्रधान पद का प्रत्याशी है।
वह सत्ताधारी दल का झंडा लगा कर अपना कारोबार करता है। इधर, एसओ गंगेश शुक्ला ने बताया कि वाहन के मालिक के बारे में उन्हें नहीं पता है। अब सीज कर दिया है। जिसकी होगी। वह कोर्ट से छुड़ाएगा।
अवैध शराब का गढ़ माने जाने वाले दुबौलिया थाना क्षेत्र में दो दिन पहले एसपी शिवहरि मीणा ने छापामारी कार्रवाई की थी और अवैध शराब बनाने वाली तमाम भट्ठियों को तहस-नहस कर थानाध्यक्ष को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
एसपी की गई इस कार्रवाई के बाद थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इसके बाद अगले दिन पुलिस ने भी चेकिंग अभियान चलाया और कैसलाबाबू के पास बगैर नंबर के आ रहे चार पहिया वाहन को रोक कर तलाशी ली।
उसमें अवैध शराब से भरी दो पेटियां बरामद हुईं। मगर पुलिस ने शराब तस्कर को छोड़ दिया और चालक को हिरासत में लेकर वाहन को थाने पहुंचा दिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम पंकज सिंह पुत्र कृष्णचंद सिंह निवासी सांडपुर बताया।
पुलिस ने आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि बगैर नंबर की गाड़ी होने के कारण उसे सीज कर दिया गया है।
ऐसे में सवाल यह उठता है, पूछताछ में चालक जब अपना नाम-पता बता सकता है तो गाड़ी मालिक का क्यों नहीं? बताया जाता है कि शराब तस्कर प्रधान पद का प्रत्याशी है।
वह सत्ताधारी दल का झंडा लगा कर अपना कारोबार करता है। इधर, एसओ गंगेश शुक्ला ने बताया कि वाहन के मालिक के बारे में उन्हें नहीं पता है। अब सीज कर दिया है। जिसकी होगी। वह कोर्ट से छुड़ाएगा।