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निर्माणाधीन लोहिया आवास का छज्जा गिरा, दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:15 AM IST
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नगर थाना क्षेत्र बक्सर गांव में लोहिया आवास का छज्ज गिरा।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में मंगलवार की सुबह 10 बजे के करीब निर्माणाधीन लोहिया आवास का छज्जा गिरने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। इनमें एक बच्ची और बुजुर्ग महिला शामिल हैं। मासूम ने मौके पर ही जबकि बुजुर्ग महिला ने उपचार के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। शासन की ओर से डीएम ने मृतकों के परिवार को दो दो लाख और घायलों को पचास पचास हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बक्सर गांव के निरहू को लोहिया आवास के लिए चयनित किया गया था। लोहिया आवास के लिए मिले धन से वह खुद मकान बनवा रहा था। मकान की दीवार खड़ी हो गई थी, लिंटर बाकी था। मकान का लिंटर लगाने से पहले उसने छज्जा बना लिया था। परिवार के लोग मकान से सटे छप्पर रखकर रह रहे थे।
मंगलवार की सुबह 10 बजे अचानक छज्जा भरभराकर गिर गया। इसकी चपेट में दो बच्चियों समेत परिवार के चार लोग आ गए। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। हर कोई निरहू के घर की ओर दौड़ा। मलबे के नीचे दबे चार लोगों पर से जब मलबा हटाया गया तो निरहू की पांच वर्षीय बेटी शिवांगी की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल निरहू की 60 वर्षीय मां सिरमती, तीस वर्षीय गुड़िया पत्नी छोटेलाल और छह वर्षीय प्रियंका को मलबे से निकाला गया।
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प्रधान प्रतिनिधि नूर आलम ने तत्काल सरकारी एंबुलेंस बुलवाकर सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। इनमें सिरमती की हालत गंभीर थी। दोपहर पौने दो बजे के करीब गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग सिरमती ने भी जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गुड़िया और प्रियंका की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
इधर घटना की खबर मिलने के बाद एसडीएम सदर रामप्रसाद और नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए। लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। एसडीएम ने जिला अस्पताल में भी पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
पीडी डीआरडीए डीपी सिंह ने कहा कि वर्तमान सत्र में ही बक्सर का चयन लोहिया समग्र ग्राम के लिए हुआ था। रही बात लोहिया आवास के छज्जा गिरने की तो विभाग का काम केवल आवास के लिए धनराशि उपलब्ध कराना है। भवन निर्माण खुद लाभार्थी कर रहा था। ऐसे में यदि निर्माण में कोई कमी होगी तो उसके स्तर से हुई होगी।
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बक्सर गांव के निरहू को लोहिया आवास के लिए चयनित किया गया था। लोहिया आवास के लिए मिले धन से वह खुद मकान बनवा रहा था। मकान की दीवार खड़ी हो गई थी, लिंटर बाकी था। मकान का लिंटर लगाने से पहले उसने छज्जा बना लिया था। परिवार के लोग मकान से सटे छप्पर रखकर रह रहे थे।
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मंगलवार की सुबह 10 बजे अचानक छज्जा भरभराकर गिर गया। इसकी चपेट में दो बच्चियों समेत परिवार के चार लोग आ गए। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। हर कोई निरहू के घर की ओर दौड़ा। मलबे के नीचे दबे चार लोगों पर से जब मलबा हटाया गया तो निरहू की पांच वर्षीय बेटी शिवांगी की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल निरहू की 60 वर्षीय मां सिरमती, तीस वर्षीय गुड़िया पत्नी छोटेलाल और छह वर्षीय प्रियंका को मलबे से निकाला गया।
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प्रधान प्रतिनिधि नूर आलम ने तत्काल सरकारी एंबुलेंस बुलवाकर सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। इनमें सिरमती की हालत गंभीर थी। दोपहर पौने दो बजे के करीब गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग सिरमती ने भी जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गुड़िया और प्रियंका की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
इधर घटना की खबर मिलने के बाद एसडीएम सदर रामप्रसाद और नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए। लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। एसडीएम ने जिला अस्पताल में भी पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
पीडी डीआरडीए डीपी सिंह ने कहा कि वर्तमान सत्र में ही बक्सर का चयन लोहिया समग्र ग्राम के लिए हुआ था। रही बात लोहिया आवास के छज्जा गिरने की तो विभाग का काम केवल आवास के लिए धनराशि उपलब्ध कराना है। भवन निर्माण खुद लाभार्थी कर रहा था। ऐसे में यदि निर्माण में कोई कमी होगी तो उसके स्तर से हुई होगी।