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डाॅक्टर और एएनएम में घमासान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:15 AM IST
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कप्तानगंज सीएचसी पर डाक्टर और एनएनएम में मारपीट होने पर मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज/कप्तानगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज पर तैनात एएनएम और महिला डाक्टर ने बुधवार को आपस में हंगामा किया। सरेआम दोनों के बीच पहले हाथापाई हुई। किसी तरह बीच बचाव करके उन्हें शांत कराया लेकिन दोनों ने अपने-अपने परिवार के लोगों को बुला लिया। उसके बाद दोपहर एक बजे दोबारा मारपीट हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।
कप्तानगंज सीएचसी पर ककुआ राउत गांव की प्रतिमा देवी पत्नी सत्य नरायन संविदा एएनएम के रूप में तैनात हैं। वहीं पर डा.श्वेेता सिंह निवासी मुरलीजोत कोतवाली संविदा महिला डाक्टर के रूप में तैनात हैं। दोनों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों पर जाना होता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार को सुबह 9 बजे फील्ड में जाने के लिए डाक्टर व एएनएम वाहन में बैठीं तभी विलंब से आने की बात पर हाथापाई होने लगी। उन्हें ऐसा देख सीएचसी के लोग हत्प्रभ रह गए। किसी तरह दोनों को समझाकर शांत कराया। दोपहर एक बजे डाक्टर और एनएएम के वापस अस्पताल आते ही फिर विवाद शुरू हो गया।
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दोनों ने अपने घर वालों को इसकी सूचना दे दी। उसके बाद उनके पति व परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। एनएएम का घर नजदीक होने की वजह से उसके पक्ष के ज्यादा लोग पहले पहुंच गए। उधर, महिला डाक्टर के पति डा. पंकज पहुंच गए। दोनों पक्षों में मारपीट हुई मगर संख्या बल अधिक होने से एएनएम पक्ष भारी पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस पक्षों को लेकर थाने गई। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। एसओ बृजेश यादव ने बताया कि अधिकारियों का निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संज्ञान लिए होते तो यह न होता
महराजगंज। एनएएम और महिला डाक्टर के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। दोनों एक-दूसरे की कई बार अधिकारियों से शिकायत करती रहती हैं, लेकिन किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल के लोगों का कहना है यदि अधिकारी मामले को गंभीरता से लिए होते तो यह घटना न होती।
यह पूूरा प्रकरण अत्यंत शर्मनाक है। डाक्टर और एएनएम एक दूसरे की पूरक होने की जगह असभ्य तरीके से व्यवहार करना कतई उचित नहीं है। इसके लिए दोनों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डा. हेमंत गुप्ता,प्रभारी चिकित्साधिकारी
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कप्तानगंज सीएचसी पर ककुआ राउत गांव की प्रतिमा देवी पत्नी सत्य नरायन संविदा एएनएम के रूप में तैनात हैं। वहीं पर डा.श्वेेता सिंह निवासी मुरलीजोत कोतवाली संविदा महिला डाक्टर के रूप में तैनात हैं। दोनों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों पर जाना होता है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार को सुबह 9 बजे फील्ड में जाने के लिए डाक्टर व एएनएम वाहन में बैठीं तभी विलंब से आने की बात पर हाथापाई होने लगी। उन्हें ऐसा देख सीएचसी के लोग हत्प्रभ रह गए। किसी तरह दोनों को समझाकर शांत कराया। दोपहर एक बजे डाक्टर और एनएएम के वापस अस्पताल आते ही फिर विवाद शुरू हो गया।
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दोनों ने अपने घर वालों को इसकी सूचना दे दी। उसके बाद उनके पति व परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। एनएएम का घर नजदीक होने की वजह से उसके पक्ष के ज्यादा लोग पहले पहुंच गए। उधर, महिला डाक्टर के पति डा. पंकज पहुंच गए। दोनों पक्षों में मारपीट हुई मगर संख्या बल अधिक होने से एएनएम पक्ष भारी पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस पक्षों को लेकर थाने गई। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। एसओ बृजेश यादव ने बताया कि अधिकारियों का निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संज्ञान लिए होते तो यह न होता
महराजगंज। एनएएम और महिला डाक्टर के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। दोनों एक-दूसरे की कई बार अधिकारियों से शिकायत करती रहती हैं, लेकिन किसी ने भी गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल के लोगों का कहना है यदि अधिकारी मामले को गंभीरता से लिए होते तो यह घटना न होती।
यह पूूरा प्रकरण अत्यंत शर्मनाक है। डाक्टर और एएनएम एक दूसरे की पूरक होने की जगह असभ्य तरीके से व्यवहार करना कतई उचित नहीं है। इसके लिए दोनों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डा. हेमंत गुप्ता,प्रभारी चिकित्साधिकारी