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बस्ती में सिलेंडर के धमाके से दो की मौत
बस्ती/ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:16 PM IST
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सिलेंडर फटने से पंकज चतुर्वेदी के घर बिखरा सामान।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। शहर के ओरीजोत मोहल्ले में अधिवक्ता के घर में रसोई गैस सिलेंडर फटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह गंभीर हालत में हैं। आग पकड़ने से तेज धमाके के साथ सिलेंडर फटा तो न केवल मकान का ज्यादातर सामान छिन्न-भिन्न हो गया बल्कि एक कमरे की खिड़की-चौखट उखड़कर करीब 20 फीट दूर पड़ोसी के बरामदे में जा गिरी। आसपास इलाके में काफी देर अफरातफरी जैसी स्थिति रही।
घटना की चपेट में आया कप्तानगंज थानाक्षेत्र के भैंसा चौबे के मूल निवासी अधिवक्ता रामचंद्र चतुर्वेदी का घर।
ओरीजोत मोहल्ले के उनके मकान में मंगलवार को कथा-पूजा की तैयारी चल रही थी कि इसी दौरान किचन में रखे गैस सिलेंडर में आग लग गई। आयोजन की तैयारी छोड़कर घर के सदस्य आग बुझाने भागे। आग की चपेट में आए सिलेंडर को खींचकर घर से बाहर ले जाने की कोशिश हो रही कि इसी बीच तेज धमके के साथ सिलेंडर फट गया।
बड़े विस्फोट जैसी आवाज से गांधीनगर मेन रोड तक के लोग दहल गए, जबकि मकान के एक कमरे की खिड़की-चौखट, दरवाजा उड़ने के अंदाज में दूर जा गिरे। आग और धमाके से हुई टूटफूट की चपेट में आकर घर का कोई सदस्य झुलसा तो कोई जख्मी हो गया। हादसे की जद में आए अधिवक्ता के बेटे नीरज चतुर्वेदी (30) और भाई की पत्नी मंजू चतुर्वेदी (30) की जान चली गई। सुषमा चतुर्वेदी (32), हरिश्चंद्र चतुर्वेदी (60), ध्रुवचंद्र चतुर्वेदी (40), रामचंद्र चतुर्वेदी (66) और डेढ़ माह के बच्चे की हालत नाजुक है।
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घटना की चपेट में आया कप्तानगंज थानाक्षेत्र के भैंसा चौबे के मूल निवासी अधिवक्ता रामचंद्र चतुर्वेदी का घर।
ओरीजोत मोहल्ले के उनके मकान में मंगलवार को कथा-पूजा की तैयारी चल रही थी कि इसी दौरान किचन में रखे गैस सिलेंडर में आग लग गई। आयोजन की तैयारी छोड़कर घर के सदस्य आग बुझाने भागे। आग की चपेट में आए सिलेंडर को खींचकर घर से बाहर ले जाने की कोशिश हो रही कि इसी बीच तेज धमके के साथ सिलेंडर फट गया।
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बड़े विस्फोट जैसी आवाज से गांधीनगर मेन रोड तक के लोग दहल गए, जबकि मकान के एक कमरे की खिड़की-चौखट, दरवाजा उड़ने के अंदाज में दूर जा गिरे। आग और धमाके से हुई टूटफूट की चपेट में आकर घर का कोई सदस्य झुलसा तो कोई जख्मी हो गया। हादसे की जद में आए अधिवक्ता के बेटे नीरज चतुर्वेदी (30) और भाई की पत्नी मंजू चतुर्वेदी (30) की जान चली गई। सुषमा चतुर्वेदी (32), हरिश्चंद्र चतुर्वेदी (60), ध्रुवचंद्र चतुर्वेदी (40), रामचंद्र चतुर्वेदी (66) और डेढ़ माह के बच्चे की हालत नाजुक है।
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