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अवैध बालू कारोबार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2016 12:01 AM IST
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अवैध तरीके से बालू खनन
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती/हर्रैया/छावनी। प्रशासन और पुलिस की टीम ने बालू का अवैध खनन और उसका कारोबार करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम, सीओ और खनन निरीक्षक की टीम ने हर्रैया तहसील के छावनी क्षेत्र में बालू से लदे चार ट्रक, एक डम्पर और पांच ट्रैक्टर ट्राली रास्ते में छापा मारकर पकड़ा गया।
इसमें दो ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गए। खनन निरीक्षक अर्जुन कुमार ने बताया घघौआ के पास बालू का खनन करके व्यापार करने के लिए ले जाया जा रहा था। सभी वाहनों को सीज कर उसे हर्रैया थाने के पुलिस के हवाले कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बालू माफियाओं में खलबली मची हुई है। बालू मंडी में एक भी ट्रैक्टर ट्राली नहीं दिखाई दिया।
सोमवार की सुबह तीन और छह बजे के बीच एसडीएम हर्रैया, सीओ और खनन निरीक्षक की टीम ने हर्रैया तहसील के छावनी एनएच के पास छापा मारकर बालू से लदे 10 वाहनों को बिना किसी वैध कागजात के परिवहन करते पकड़ा। खनन निरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई। बताया कि चार ट्रक में से दो ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गया।
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बताया कि पकड़े गए ट्रक चालक का नाम महानंद एवं बबलू है। दोनों गोरखपुर जिले के सहजनवां निवासी हैं। पकड़े गए डंपर के चालक का नाम नौरंग है। वह जनपद कुशीनगर का रहने वाला है। जो अन्य ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी गई, उसके चालक का नाम छोटू, राजकुमार, मनोज एवं भोला है, यह सभी छावनी के रहने वाले हैं। इसमें एक अन्य चालक अरुण हर्रैया का निवासी है। बताया कि सभी वाहन जनपद बस्ती और जनपद गोंडा के सीमा के पास घघौआ नाला के पास से बालू का खनन करके ले जा रहे थे।
लगभग चार साल से जिले में हो रहा बालू का अवैध खनन
जिले में पिछले लगभग चार साल से बालू खनन का पटटा किसी के भी नाम नहीं है, खनन का पटटा 31 अप्रैल 2012 तक था। पटटा न होने के बावजूद जिले के हर्रैया और सदर तहसील के लगभग 12 स्थानों पर खुले आम खनन हो रहा है।
जानकार बता रहे हैं कि खनन के इस अवैध कारोबार में राजनेताओं का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सरंक्षण रहता है, जिसके चलते प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाता। तहसील प्रशासन और पुलिस के लोगों के भी इस गोरख धंधे में शामिल होने की चर्चा है। भूल से अगर कोई अधिकारी कार्रवाई कर भी देता है, तो उसे बाद में बहुत कुछ सहना पड़ता है।
यही कारण है कि थाने के सामने से वाहन निकल जाती है, मगर उसे रोका नहीं जाता। हालांकि डीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि बालू का अवैध खनन और उसका कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
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इसमें दो ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गए। खनन निरीक्षक अर्जुन कुमार ने बताया घघौआ के पास बालू का खनन करके व्यापार करने के लिए ले जाया जा रहा था। सभी वाहनों को सीज कर उसे हर्रैया थाने के पुलिस के हवाले कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बालू माफियाओं में खलबली मची हुई है। बालू मंडी में एक भी ट्रैक्टर ट्राली नहीं दिखाई दिया।
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सोमवार की सुबह तीन और छह बजे के बीच एसडीएम हर्रैया, सीओ और खनन निरीक्षक की टीम ने हर्रैया तहसील के छावनी एनएच के पास छापा मारकर बालू से लदे 10 वाहनों को बिना किसी वैध कागजात के परिवहन करते पकड़ा। खनन निरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई। बताया कि चार ट्रक में से दो ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गया।
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बताया कि पकड़े गए ट्रक चालक का नाम महानंद एवं बबलू है। दोनों गोरखपुर जिले के सहजनवां निवासी हैं। पकड़े गए डंपर के चालक का नाम नौरंग है। वह जनपद कुशीनगर का रहने वाला है। जो अन्य ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी गई, उसके चालक का नाम छोटू, राजकुमार, मनोज एवं भोला है, यह सभी छावनी के रहने वाले हैं। इसमें एक अन्य चालक अरुण हर्रैया का निवासी है। बताया कि सभी वाहन जनपद बस्ती और जनपद गोंडा के सीमा के पास घघौआ नाला के पास से बालू का खनन करके ले जा रहे थे।
लगभग चार साल से जिले में हो रहा बालू का अवैध खनन
जिले में पिछले लगभग चार साल से बालू खनन का पटटा किसी के भी नाम नहीं है, खनन का पटटा 31 अप्रैल 2012 तक था। पटटा न होने के बावजूद जिले के हर्रैया और सदर तहसील के लगभग 12 स्थानों पर खुले आम खनन हो रहा है।
जानकार बता रहे हैं कि खनन के इस अवैध कारोबार में राजनेताओं का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सरंक्षण रहता है, जिसके चलते प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाता। तहसील प्रशासन और पुलिस के लोगों के भी इस गोरख धंधे में शामिल होने की चर्चा है। भूल से अगर कोई अधिकारी कार्रवाई कर भी देता है, तो उसे बाद में बहुत कुछ सहना पड़ता है।
यही कारण है कि थाने के सामने से वाहन निकल जाती है, मगर उसे रोका नहीं जाता। हालांकि डीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि बालू का अवैध खनन और उसका कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।