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ठंड व भीषण कोहरे में रेंगते रहे वाहन
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:34 PM IST
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कोहरे के कारण लाइट जला कर चलना पड़ रहा है।
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सर्द हवाओं और कोहरे के बीच स्पर्धा से जनमानस प्रभावित हो रहा है। हवाएं थमती हैं तो कोहरा ढक लेता है और कोहरा कम होता है तो बर्फीली हवाएं गलन बढ़ा देती हैं। सोमवार सुबह 10 बजे तक लोग हेडलाइट के सहारे सड़क पर चलते नजर आए। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि अभी तापमान और गिरेगा। घना कोहरा भी छाया रहेगा।
रविवार देर रात तक हवाओं की रफ्तार 10 किमी प्रतिघंटा रही। जिसके कारण तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। सुबह होते होते तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। हवा की गति धीमी होते ही कोहरे ने जकड़ना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे घना कोहरा हो जाने से दृश्यता घटकर शून्य किलोमीटर पहुंच गई। हाइवे पर वाहन हेडलाइट के सहारे रेंगते रहे। घने कोहरे का प्रभाव लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित कर दिया। सुबह टहलने वाले लोग घरों में ही दुबके रहे। साढ़े सात से आठ बजे तक लोगों से भरा रहने वाला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुछ ही लोग मॉर्निग वॉक करते दिखे। रेल और बसों से शहर पहुंचे यात्रियों को घर जाने के लिए लंबे समय तक वाहनों का इंतजार करना पड़ा।
शहर के शास्त्री चौक के पास गायघाट, नगर बाजार को जाने वाले टेंपो व अन्य वाहनों का जमावड़ा आठ बजे के बाद शुरू हुआ। गायघाट जाने के लिए निकले राम कुमार का कहना था कि इंटर सिटी से उतरे तभी से परेशान हैं। एक टेंपो ने यहां उतार दिया। घर जाने के लिए दूसरी टेंपो तो है लेकिन पूरी सवारी होने के बगैर चलेगा ही नहीं। यही पीड़ा नगर बाजार जाने के लिए निकले संदीप और सुशीला देवी की थी। न तो सवारी थी और न ही दुकान पर चाय की व्यवस्था। दुकानदार का कहना था कि अभी तक दूध वाला आया ही नहीं।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोहरे और ठंड से जनजीवन खासा प्रभावित है। लोग स्वत: अलाव की व्यवस्था कर ठंड से बचने का उपाय कर रहे लेकिन मुसीबत शहर वालों की है। यहां चिह्नित स्थलों पर भी अलाव नहीं जलाए जा रहे। बारावफात के अवकाश के चलते अधिकतर कार्यालय बंद रहे।
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रविवार देर रात तक हवाओं की रफ्तार 10 किमी प्रतिघंटा रही। जिसके कारण तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। सुबह होते होते तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। हवा की गति धीमी होते ही कोहरे ने जकड़ना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे घना कोहरा हो जाने से दृश्यता घटकर शून्य किलोमीटर पहुंच गई। हाइवे पर वाहन हेडलाइट के सहारे रेंगते रहे। घने कोहरे का प्रभाव लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित कर दिया। सुबह टहलने वाले लोग घरों में ही दुबके रहे। साढ़े सात से आठ बजे तक लोगों से भरा रहने वाला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुछ ही लोग मॉर्निग वॉक करते दिखे। रेल और बसों से शहर पहुंचे यात्रियों को घर जाने के लिए लंबे समय तक वाहनों का इंतजार करना पड़ा।
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शहर के शास्त्री चौक के पास गायघाट, नगर बाजार को जाने वाले टेंपो व अन्य वाहनों का जमावड़ा आठ बजे के बाद शुरू हुआ। गायघाट जाने के लिए निकले राम कुमार का कहना था कि इंटर सिटी से उतरे तभी से परेशान हैं। एक टेंपो ने यहां उतार दिया। घर जाने के लिए दूसरी टेंपो तो है लेकिन पूरी सवारी होने के बगैर चलेगा ही नहीं। यही पीड़ा नगर बाजार जाने के लिए निकले संदीप और सुशीला देवी की थी। न तो सवारी थी और न ही दुकान पर चाय की व्यवस्था। दुकानदार का कहना था कि अभी तक दूध वाला आया ही नहीं।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोहरे और ठंड से जनजीवन खासा प्रभावित है। लोग स्वत: अलाव की व्यवस्था कर ठंड से बचने का उपाय कर रहे लेकिन मुसीबत शहर वालों की है। यहां चिह्नित स्थलों पर भी अलाव नहीं जलाए जा रहे। बारावफात के अवकाश के चलते अधिकतर कार्यालय बंद रहे।