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कोडीन युक्त कफ सिरप : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए तीन आरोपी, अगली सुनवाई 16 को
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- जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी पंकज कुमार को न्यायिक रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया
बस्ती। कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित तस्करी के मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में सोमवार को सुनवाई हुई। जेल में निरुद्ध आरोपी पंकज कुमार को पीठासीन न्यायाधीश मीनाक्षी सोनकर के समक्ष पेश किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 16 अक्तूबर को होगी। अदालत ने गणपति फार्मा के नाम से संचालित खाते में जमा रकम कुर्क किए जाने का आदेश पहले ही दिया था।
कोतवाली बस्ती में एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान रांची, झारखंड स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स के मालिक धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल का नाम सामने आया है। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं। सोमवार को पंकज कुमार बस्ती जेल से न्यायालय में पेश हुआ। वहीं देवेश, धर्मेंद्र अग्रवाल वाराणसी जेल और भोला जायसवाल सोनभद्र जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। विवेचना में सामने आया है कि गांधी नगर में गणपति फार्मा के नाम से पंकज कुमार के नाम पर कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड तथा फर्जी पते का इस्तेमाल कर थोक दवा की दुकान कागजों में खोली गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि गणपति फार्मा की दुकान वास्तव में कभी खुलती ही नहीं थी।
जांच के अनुसार गणपति फार्मा से शहर की चार दवा फर्मों को भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री विभिन्न बिलों के माध्यम से दिखाई गई। इनमें मेसर्स संस फार्मा, जिला अस्पताल को 45 हजार शीशी, हर्ष मेडिसिन सेंटर, जिला चिकित्सालय को 49 हजार शीशी, टाउन क्लब के पास स्थित मेसर्स आइडियल फार्मा एंड मेडिसिन सेंटर को 45 हजार शीशी और खीरीघाट स्थित मेसर्स यश मेडिसिन सेंटर को 33 हजार शीशी भेजे जाने का उल्लेख है। इस तरह कुल 1.72 लाख शीशी की बिक्री सामने आई है। विवेचना में इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री को संदिग्ध माना गया है। इसके बांग्लादेश और खाड़ी देशों तक तस्करी किए जाने की आशंका भी जांच में जताई गई है। पुलिस के अनुसार कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। मामले की विवेचना जारी है। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता कुमार उत्कर्ष और मृत्युंजय उपाध्याय ने पैरवी की।
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बस्ती। कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित तस्करी के मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में सोमवार को सुनवाई हुई। जेल में निरुद्ध आरोपी पंकज कुमार को पीठासीन न्यायाधीश मीनाक्षी सोनकर के समक्ष पेश किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 16 अक्तूबर को होगी। अदालत ने गणपति फार्मा के नाम से संचालित खाते में जमा रकम कुर्क किए जाने का आदेश पहले ही दिया था।
कोतवाली बस्ती में एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान रांची, झारखंड स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स के मालिक धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल का नाम सामने आया है। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं। सोमवार को पंकज कुमार बस्ती जेल से न्यायालय में पेश हुआ। वहीं देवेश, धर्मेंद्र अग्रवाल वाराणसी जेल और भोला जायसवाल सोनभद्र जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। विवेचना में सामने आया है कि गांधी नगर में गणपति फार्मा के नाम से पंकज कुमार के नाम पर कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड तथा फर्जी पते का इस्तेमाल कर थोक दवा की दुकान कागजों में खोली गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि गणपति फार्मा की दुकान वास्तव में कभी खुलती ही नहीं थी।
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जांच के अनुसार गणपति फार्मा से शहर की चार दवा फर्मों को भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री विभिन्न बिलों के माध्यम से दिखाई गई। इनमें मेसर्स संस फार्मा, जिला अस्पताल को 45 हजार शीशी, हर्ष मेडिसिन सेंटर, जिला चिकित्सालय को 49 हजार शीशी, टाउन क्लब के पास स्थित मेसर्स आइडियल फार्मा एंड मेडिसिन सेंटर को 45 हजार शीशी और खीरीघाट स्थित मेसर्स यश मेडिसिन सेंटर को 33 हजार शीशी भेजे जाने का उल्लेख है। इस तरह कुल 1.72 लाख शीशी की बिक्री सामने आई है। विवेचना में इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री को संदिग्ध माना गया है। इसके बांग्लादेश और खाड़ी देशों तक तस्करी किए जाने की आशंका भी जांच में जताई गई है। पुलिस के अनुसार कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। मामले की विवेचना जारी है। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता कुमार उत्कर्ष और मृत्युंजय उपाध्याय ने पैरवी की।
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