फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   CM Yogi an aerial survey to know condition of flood in Basti

Gorakhpur: सीएम योगी बोले- बेमौसम बाढ़ आपदा का युद्ध स्तर पर मुकाबला कर रही सरकार

Thu, 13 Oct 2022 11:17 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 13 Oct 2022 11:17 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ आपदा से हुई हर प्रकार की क्षति पर मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान या मकान बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है।
 

विज्ञापन
CM Yogi an aerial survey to know condition of flood in Basti
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अक्तूबर में इस तरह की अप्रत्याशित बाढ़ न कभी देखी गई थी, न सुनी गई थी। पहली बार प्रदेश के कई जनपदों में इस तरह की स्थिति देखने को मिली है और सरकार इस आपदा का युद्ध स्तर पर मजबूती से मुकाबला कर रही है। संकट की इस घड़ी में केंद्र व राज्य सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है। पीड़ितों तक राहत सामग्री व अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों में प्रशासन को पर्याप्त सामग्री व धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। बाढ़ से हुए हर प्रकार के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित कराई जा रही है। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद गोला तहसील के बड़हलगंज फोरलेन बाईपास तथा शहर के बाल विहार विद्यालय लालडिग्गी बसंतपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। दोनों ही स्थानों पर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, उनका दुख साझा किया। आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ पूरी संवेदना से खड़ी है। प्रत्येक पीड़ित तक हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अक्तूबर में आई इस अप्रत्याशित बाढ़ का जायजा लेने और प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री व अन्य सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए वह बाढ़ क्षेत्रों के दौरे पर निकले हैं। अयोध्या, अंबेडकरनगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर का हवाई सर्वेक्षण करने व मौके पर जाकर लोगों से मिलते हुए गोरखपुर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि हर पीड़ित के घर तक राहत सामग्री समय से पहुंच जाए। उनको सुरक्षित स्थान पर लाने के साथ ही भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाओं का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। पशुओं के चारे की व्यवस्था करने का निर्देश भी प्रशासन को दिया गया है। 

पर्याप्त मात्रा में हो रहा राहत सामग्री किट का वितरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। दो तरह की किट दी जा रही है। राहत सामग्री किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्किट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, नहाने के दो साबुन शामिल हैं। इसके अलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट की एक तारपोलीन शीट भी दी जा रही है।

जनहानि, अंग-भंग व क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पर्याप्त मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को युद्ध स्तर पर राहत सामग्री वितरित करने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। अंग- भंग होने पर 2.5 लाख रुपये तक की सहायता के साथ ही गंभीर रूप से घायलों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। बाढ़ से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने या मकान बनवाने के लिए तत्काल 1.20 लाख रुपये देने का निर्देश दिया गया है।

अन्नदाता किसानों व पशुपालकों के हर नुकसान की भरपाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के चलते पशुओं की हानि का भी सर्वे कराया जा रहा है। साथ ही जिन किसानों की फसलें बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई हैं, सर्वे कराकर उन्हें हम 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिपूर्ति देंगे। बारहमासी फसलों पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी। इसी तरह दुधारू पशु गाय, भैंस आदि के मरने पर 37,500 रुपये, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर चार हजार, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा आदि के मरने पर 32,000 रुपये, बछड़ा, गधा, टट्टू आदि के मरने पर 20 हजार रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी। मुर्गी पालकों को हुई क्षति पर प्रति मुर्गी 100 रुपये की दर से सहायता प्रदान की जाएगी।

विज्ञापन

युद्ध स्तर पर शुरू हो स्वच्छता और सैनेटाइजेशन का अभियान
मुख्यमंत्री ने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले दो से तीन दिन में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वच्छता, सैनेटाइजेशन और छिड़काव का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। दीपावली से पूर्व बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराते हुए शुद्ध पेयजल, विद्युत आपूर्ति बहाली समेत हर व्यवस्था पुख्ता कर दी जाए। लालडिग्गी में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरण के दौरान मेयर सीताराम जायसवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

बच्चों को दुलारा, दिया आशीर्वाद
बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके बच्चों को खूब दुलारा। उन्हें प्यार और आशीर्वाद देते हुए चॉकलेट दिए। उनके गालों पर स्नेहिल थपकी दी और माथा सहलाकर आशीष दिया। इस दौरान उन्होंने कुछ बच्चों से ठिठोली भी की। एक बच्चे से पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं। घर में झगड़ा तो नहीं करते, गाली तो नहीं देते। बच्चे के इन्कार में सिर हिलाने पर मुख्यमंत्री भी खिलखिला पड़े।

माई! यह किट लेती जाओगी या दिक्कत होगी
राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं से आत्मीय अंदाज में उनका हाल जाना। बुजुर्ग महिलाओं से पूछा कि माई, राहत सामग्री का यह किट लेती जाओगी या दिक्कत होगी। पास में मौजूद अधिकारियों को सीएम ने निर्देशित किया कि जो लोग राहत सामग्री किट ले जाने में असमर्थ हों, उनके घर तक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। 

मुख्यमंत्री ने मंजूर किया सरयू नदी पर तटबंध का प्रस्ताव
बड़हलगंज में बाढ़ पीड़ितों के बीच मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद कमलेश पासवान और विधायक राजेश त्रिपाठी की तरफ से सरयू नदी पर बैरिया-सरिया तटबंध बनाने के लिए दिए गए प्रस्ताव को स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरयू व राप्ती के संगम क्षेत्र को बाढ़ विभीषिका से बचाने के लिए सरकार कार्ययोजना बनाएगी। इसके लिए वह खुद पूर्व में भी हवाई सर्वेक्षण कर चुके हैं। आसन्न बरसात के बाद एक बार फिर सर्वे कराकर आगामी वर्षों में बाढ़ त्रासदी से बचाव की मुकम्मल रूपरेखा तैयार की जाएगी। बड़हलगंज में मुख्यमंत्री के साथ सांसद कमलेश पासवान, विधायक राजेश त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed