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बदलेगी जिला अस्पताल की व्यवस्था, ओपीडी में ही छोटी सर्जरी

Sat, 09 Apr 2022 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:48 AM IST
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CHange arrangments in Ditt-hospital
जिला अस्पताल : बदलेगी व्यवस्था, ओपीडी में ही होगी छोटी सर्जरी
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बस्ती। जिला अस्पताल में अब छोटी सर्जरी की व्यवस्था ओपीडी में ही होगी। अब तक इसके लिए चिकित्सक को आपरेशन थिएटर में जाना होता था। लेकिन, एसआईसी डॉ. आलोक वर्मा ने ओपीडी में ही एक कमरा इसके लिए निर्धारित किया है। इस कमरे को ही ओटी के रूप में सुसज्जित कर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसी माह के अंत तक यह व्यवस्था संचालित होने लगेगी।
जिला चिकित्सालय में अब तक यहां वहां ओपीडी संचालित होती थी। इस अव्यवस्था को अब पटरी पर लाया जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी चिकित्सकों की ओपीडी के लिए कमरे आवंटित कर दिए हैं, जबकि यहां वहां संचालित ओपीडी के कमरों को अन्य संसाधनों के लिए आवंटित कर दिया है। यही नहीं, जिला चिकित्सालय में छोटे आपरेशन के लिए मरीज को तो परेशान होना ही पड़ता था, चिकित्सक भी ओपीडी छोड़ कर ओटी तक जाते थे। इस व्यवस्था को अब बदल दिया गया है। ओपीडी में तैनात चिकित्सक अब एक बजे से छोटा आपरेशन अपने ही निकटस्थ वार्ड में कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें ओटी तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा चिकित्सालय में उन दवाओं की भी आपूर्ति सुनिश्चित करा दी गई है, जिसे चिकित्सक बाहर से लिखते रहे हैं। ऐसे में मरीजों को यह सुविधा निशुल्क मिलने लगी है।
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पांच से दस हो गया प्राइवेट वार्ड
जिला अस्पताल में अब तक केवल पांच प्राइवेट वार्ड स्थापित थे, मगर अब चिकित्सालय प्रशासन ने इसकी संख्या दोगुनी कर दी है। यहां अब दस प्राइवेट वार्ड तैयार करा दिए गए हैं। इसमें पांच तो वातानुकूलित होंगे जबकि पांच सामान्य श्रेणी के वार्ड हैं। इसके अलावा चार बेड का एक प्राइवेट वार्ड और होगा, जहां चार मरीज बेहद कम शुल्क में वातानुकूलित कक्ष का लाभ पाएंगे।
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बोले, एसआईसी
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने में करीब एक वर्ष लग गए हैं। संसाधनों की कमी को पूरी तरह से दूर कर लिया गया है। दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करा ली गई है। यही नहीं, अब सभी विभागों की ओपीडी एक ही छत के नीचे संचालित होगी। यहीं छोटी सर्जरी भी चिकित्सक कर सकेंगे। कहा कि व्यवस्थागत ढांचे में सुधार का प्रयास लगातार जारी है।
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