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Basti News: सावधान... कहीं आप मसाला के नाम पर केमिकल तो नहीं खा रहे
Tue, 28 May 2024 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 28 May 2024 02:29 AM IST
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पिसा हुआ मासला
प्रतिबंध के बावजूद खुले बाजार में बिक रहे मसाले
मिलावट के कारण प्रभावित हो रहा सेहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। क्योंकि सस्ते के चक्कर में खुले मसाले का उपयोग खतरनाक हो सकता है। इसमें केमिकल की मिलावट कर उसका रंग चटख बना दिया जाता है। हालांकि, खुले मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध है, मगर इसे रोक पाने में तंत्र असफल है। धंधेबाज खुले पिसे मसालों में सिंथेटिक कलर और खराब सामग्री का प्रयोग कर आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
यह समस्या इसलिए भी बड़ी है। क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटखोर ढूंढ़े नहीं मिल रहे। खुले पिसे मसालों की बिक्री पर रोक है, लेकिन पुरानी बस्ती व गांधीनगर की कई दुकानों में यह मसाले खुलेआम बिक रहे हैं। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो माह में पैकेट वाले मसालों के 20 नमूने लिए थे। इसके अलावा साबूत मसालों के चार नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। अब तक इसका परिणाम नहीं आया है।
व्यापारियों की मानें तो पैकेट बंद ब्रांडेड कंपनियों के मसालों की जांच तो की जाती है, मगर खुले में बिकने वाले पिसे मसालों की ओर कोई नहीं देखता। जबकि शहर से लेकर गांव तक लगने वाली साप्ताहिक बाजार हो या आम दिन कोई भी व्यक्ति सीधे जाकर किराना दुकान से पिसे मसालों को खरीद सकता है।
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शहर के गांधीनगर व रौता चौराहे पर तो मसाले पीसे भी जाते हैं, मगर अब तक यहां कोई नमूना खाद्य सुरक्षा विभाग ने नहीं लिया है। गांधीनगर में एक दुकानदार ने कहा कि खुले मसाले बेचने पर रोक है, मगर पैकेट बंद मसालों की कीमत अधिक होने के कारण खुले मसाला बेचना मजबूरी है।
100-100 ग्राम खरीदने पर भी मसाले आसानी से मिल गए। दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि पैकेट वाले मसाले की अपेक्षा खुले मसाले सस्ते मिलते हैं। इसलिए कुछ ढाबा और चाट ब फुल्की वाले खुले मसाले खरीदने आते हैं। उसने बताया कि आम लोग भी यह मसाले खरीदकर ले जाते हैं। क्योंकि यह पैकेट बंद से कम दर में मिल जाता है।
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इस प्रकार करते हैं मिलावट
व्यापारियों की मानें तो मिलावटखोर खुले पिसे मसालों में तमाम खतरनाक सामग्री मिलाकर उसे देखने में खूबसूरत बना देते हैं। मसलन हल्दी में सेंथेटिक कलर डालते हैं। इससे उसका रंग चटख हो जाता है। इसी प्रकार काली मिर्च में पपीता का बीज मिलाकर बेचते हैं। इसे उसके जैसा बनाने के लिए कलर करते हैं जिससे काली मिर्च एकदम उसी जैसी दिखती है। इसके अलावा जीरा में जंगली पौधों से निकले बीज को मिलाया जाता है। चावल की खुद्दी का भी हल्दी में प्रयोग होता है जिससे वह वजनदार हो जाता है।
...
पिसे हुए खुले मसालों की बिक्री प्रतिबंधित है। बाजारों में मसालों की नियमित जांच की जा रही है। यदि कोई दुकानदार खुले हुए पिसे मसाले की बिक्री करते हुए पकड़ा गया तो कार्रवाई की जाएगी। वैसे सूचना है कि साप्ताहिक बाजार में खुले हुए पिसे मसाले बेचे जा रहे हैं। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
-डीआर मिश्र, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा
...
बिना प्रयोगशाला में जांच किए मसालों की शुद्धता की जानकारी नहीं हो सकती। मसालों में मिलावट से बचने के लिए खड़े मसाले खरीदकर इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। मिलावटी मसालों के सेवन से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। इस कारण विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं होती हैं। खुले पिसे मसालों का प्रयोग कतई न करें। यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
डॉ. प्रियंका, असिस्टेंट प्रोफेसर, गृह विज्ञान, महिला पीजी कॉलेज
...
100 ग्राम मसाले का भाव रुपये में
मसाले खुला पैकेट वाले
हल्दी 20 30
धनिया 15 20
मिर्चा 25 40
जीरा 50 100
काली मिर्च 80 130
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मिलावट के कारण प्रभावित हो रहा सेहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। क्योंकि सस्ते के चक्कर में खुले मसाले का उपयोग खतरनाक हो सकता है। इसमें केमिकल की मिलावट कर उसका रंग चटख बना दिया जाता है। हालांकि, खुले मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध है, मगर इसे रोक पाने में तंत्र असफल है। धंधेबाज खुले पिसे मसालों में सिंथेटिक कलर और खराब सामग्री का प्रयोग कर आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
यह समस्या इसलिए भी बड़ी है। क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटखोर ढूंढ़े नहीं मिल रहे। खुले पिसे मसालों की बिक्री पर रोक है, लेकिन पुरानी बस्ती व गांधीनगर की कई दुकानों में यह मसाले खुलेआम बिक रहे हैं। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो माह में पैकेट वाले मसालों के 20 नमूने लिए थे। इसके अलावा साबूत मसालों के चार नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। अब तक इसका परिणाम नहीं आया है।
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व्यापारियों की मानें तो पैकेट बंद ब्रांडेड कंपनियों के मसालों की जांच तो की जाती है, मगर खुले में बिकने वाले पिसे मसालों की ओर कोई नहीं देखता। जबकि शहर से लेकर गांव तक लगने वाली साप्ताहिक बाजार हो या आम दिन कोई भी व्यक्ति सीधे जाकर किराना दुकान से पिसे मसालों को खरीद सकता है।
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शहर के गांधीनगर व रौता चौराहे पर तो मसाले पीसे भी जाते हैं, मगर अब तक यहां कोई नमूना खाद्य सुरक्षा विभाग ने नहीं लिया है। गांधीनगर में एक दुकानदार ने कहा कि खुले मसाले बेचने पर रोक है, मगर पैकेट बंद मसालों की कीमत अधिक होने के कारण खुले मसाला बेचना मजबूरी है।
100-100 ग्राम खरीदने पर भी मसाले आसानी से मिल गए। दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि पैकेट वाले मसाले की अपेक्षा खुले मसाले सस्ते मिलते हैं। इसलिए कुछ ढाबा और चाट ब फुल्की वाले खुले मसाले खरीदने आते हैं। उसने बताया कि आम लोग भी यह मसाले खरीदकर ले जाते हैं। क्योंकि यह पैकेट बंद से कम दर में मिल जाता है।
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इस प्रकार करते हैं मिलावट
व्यापारियों की मानें तो मिलावटखोर खुले पिसे मसालों में तमाम खतरनाक सामग्री मिलाकर उसे देखने में खूबसूरत बना देते हैं। मसलन हल्दी में सेंथेटिक कलर डालते हैं। इससे उसका रंग चटख हो जाता है। इसी प्रकार काली मिर्च में पपीता का बीज मिलाकर बेचते हैं। इसे उसके जैसा बनाने के लिए कलर करते हैं जिससे काली मिर्च एकदम उसी जैसी दिखती है। इसके अलावा जीरा में जंगली पौधों से निकले बीज को मिलाया जाता है। चावल की खुद्दी का भी हल्दी में प्रयोग होता है जिससे वह वजनदार हो जाता है।
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पिसे हुए खुले मसालों की बिक्री प्रतिबंधित है। बाजारों में मसालों की नियमित जांच की जा रही है। यदि कोई दुकानदार खुले हुए पिसे मसाले की बिक्री करते हुए पकड़ा गया तो कार्रवाई की जाएगी। वैसे सूचना है कि साप्ताहिक बाजार में खुले हुए पिसे मसाले बेचे जा रहे हैं। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
-डीआर मिश्र, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा
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बिना प्रयोगशाला में जांच किए मसालों की शुद्धता की जानकारी नहीं हो सकती। मसालों में मिलावट से बचने के लिए खड़े मसाले खरीदकर इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। मिलावटी मसालों के सेवन से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। इस कारण विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं होती हैं। खुले पिसे मसालों का प्रयोग कतई न करें। यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
डॉ. प्रियंका, असिस्टेंट प्रोफेसर, गृह विज्ञान, महिला पीजी कॉलेज
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100 ग्राम मसाले का भाव रुपये में
मसाले खुला पैकेट वाले
हल्दी 20 30
धनिया 15 20
मिर्चा 25 40
जीरा 50 100
काली मिर्च 80 130