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लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:39 PM IST
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कुदरहा बी आर सी पर शोक मनाते शिक्षक।
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लखनऊ में पुरानी पेंशन नीति बहाली और शिक्षक समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर लाठीचार्ज के विरोध में शिक्षकों ने धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र डीएम को दिया।
धरने के दौरान तमाम शिक्षकों के घायल होने और एक शिक्षक की मौत से माहौल गरमा गया है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चन्द्रिका प्रसाद सिंह के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन देकर मांग की गई कि लाठीचार्ज में मारे गए शिक्षक को शहीद का दर्जा देते हुए आश्रितों को एक करोड़ आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए। गांधी कला भवन स्थित बापू प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि सभा कर प्रदेश सरकार की निंदा की। जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की मांगों को मान लिया होता तो इस दु:खद घटना को रोका जा सकता था।
जिला मंत्री शान्तिभूषण ने मांग की कि समूचे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए।पुरानी पेंशन नीति को बहाल की जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल कृष्ण ओझा ने कहा कि शिक्षकों पर जुल्म और अत्याचार करने वाली सरकार को करारा जवाब मिलेगा। दुर्गेश यादव ने मांग की कि घायल शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। शिव पूजन आर्य, शमीउल्लाह अंसारी, वंदना त्रिपाठी, प्रवीन श्रीवास्तव, अशोक, देवेन्द्र सिंह, प्रताप नारायण चौधरी, सुरेश गौड़, प्रमोद ओझा, सुधीर, आशीष, फैजान आदि ने संबोधित किया।
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धरने के दौरान तमाम शिक्षकों के घायल होने और एक शिक्षक की मौत से माहौल गरमा गया है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चन्द्रिका प्रसाद सिंह के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन देकर मांग की गई कि लाठीचार्ज में मारे गए शिक्षक को शहीद का दर्जा देते हुए आश्रितों को एक करोड़ आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए। गांधी कला भवन स्थित बापू प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि सभा कर प्रदेश सरकार की निंदा की। जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की मांगों को मान लिया होता तो इस दु:खद घटना को रोका जा सकता था।
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जिला मंत्री शान्तिभूषण ने मांग की कि समूचे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए।पुरानी पेंशन नीति को बहाल की जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल कृष्ण ओझा ने कहा कि शिक्षकों पर जुल्म और अत्याचार करने वाली सरकार को करारा जवाब मिलेगा। दुर्गेश यादव ने मांग की कि घायल शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। शिव पूजन आर्य, शमीउल्लाह अंसारी, वंदना त्रिपाठी, प्रवीन श्रीवास्तव, अशोक, देवेन्द्र सिंह, प्रताप नारायण चौधरी, सुरेश गौड़, प्रमोद ओझा, सुधीर, आशीष, फैजान आदि ने संबोधित किया।
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