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दोहा में कमाने गया युवक फंसा, परिजन बेहाल
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दोहा में कमाने गया युवक फंसा, परिजन बेहाल
- परिजनों का आरोप तय समय से अधिक घंटे लिया जा रहा काम
संवाद न्यूज एंजेंसी
नगर बाजार (बस्ती)। छह साल साल पहले सऊदी अरब के दोहा कतर में कमाने गया युवक वहां फंस गया है। उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है कि वह किस हाल में है। कभी-कभार वह छुपकर परिजनों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात पूरी होने से पहले ही फोन कट जा रहा है। बेटे की कोई खबर न मिलने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
सऊदी अरब में फंसे अमरजीत के भाई अमन कुमार ने बताया कि 26 अप्रैल 2016 को एजेंट के माध्यम से उसका भाई अमरजीत 22 लखनऊ से ऊंट को चारा खिलाने के काम के लिए दोहा कतर गया था। जाने से पहले उससे कहा गया था कि दो घंटे सुबह व दो घंटे शाम ऊंट को चारा खिलाना है। वहां जाने के दो दिन बाद उसके मालिक ने किसी तरह से दोहा कतर से सऊदी भेज दिया। जहां उसे रेगिस्तान के जंगलों में ऊंटों को चराने के काम में लगा दिया गया। चार घंटे के बजाए उससे 15 घंटे काम करना पड़ा। फोन भीं नहीं करने देते। इसी बीच किसी तरह उसने फोन करके सारी घटना से अवगत कराया। इसके बाद विदेश मंत्रालय से संपर्क कर भाई को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई। परिवार में अमरजीत के पिता रामभवन, माता शांति देवी व भाई अमन कुमार, सर्वजीत, संतोष कुमार व दो बहन रीता व गीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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- परिजनों का आरोप तय समय से अधिक घंटे लिया जा रहा काम
संवाद न्यूज एंजेंसी
नगर बाजार (बस्ती)। छह साल साल पहले सऊदी अरब के दोहा कतर में कमाने गया युवक वहां फंस गया है। उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है कि वह किस हाल में है। कभी-कभार वह छुपकर परिजनों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात पूरी होने से पहले ही फोन कट जा रहा है। बेटे की कोई खबर न मिलने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
सऊदी अरब में फंसे अमरजीत के भाई अमन कुमार ने बताया कि 26 अप्रैल 2016 को एजेंट के माध्यम से उसका भाई अमरजीत 22 लखनऊ से ऊंट को चारा खिलाने के काम के लिए दोहा कतर गया था। जाने से पहले उससे कहा गया था कि दो घंटे सुबह व दो घंटे शाम ऊंट को चारा खिलाना है। वहां जाने के दो दिन बाद उसके मालिक ने किसी तरह से दोहा कतर से सऊदी भेज दिया। जहां उसे रेगिस्तान के जंगलों में ऊंटों को चराने के काम में लगा दिया गया। चार घंटे के बजाए उससे 15 घंटे काम करना पड़ा। फोन भीं नहीं करने देते। इसी बीच किसी तरह उसने फोन करके सारी घटना से अवगत कराया। इसके बाद विदेश मंत्रालय से संपर्क कर भाई को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई। परिवार में अमरजीत के पिता रामभवन, माता शांति देवी व भाई अमन कुमार, सर्वजीत, संतोष कुमार व दो बहन रीता व गीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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