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Basti News: कफ सिरप को लेकर बस्ती में भी एलर्ट...स्टॉक की जांच शुरू, बिक्री पर रोक
Mon, 06 Oct 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:40 AM IST
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बस्ती। मध्य प्रदेश में 14 बच्चों की मौत के बाद कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर बैन के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन अलर्ट पर है। विभाग ऐसे सिरप की बिक्री पर रोक लगाते हुए दिशा-निर्देश जारी किया है। इससे दवा बाजार में हलचल है।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने सभी निजी अस्पतालों पर संचालित मेडिकल स्टोरों पर कफ सिरप की बिक्री तुरंत रोकने और स्टॉक की जानकारी देने का आदेश दिया है। वहीं औषधि विभाग ने ड्रग इंस्पेक्टर के जरिये दवा दुकानों से सैंपल लेने और जांच के लिए तैयारी किए हुए है। बताया जा रहा है कि सिरप में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया जो किडनी को फेल कर देता है।
निजी अस्पतालों और डॉक्टरों को भी इस ब्रांड के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी गई है। विभाग ने संदिग्ध दवाओं की सैंपलिंग और जांच तेज कर दी है। ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि मेसर्स श्रेसन फार्मास्यूटिकल की कफ सिरप पर रोक लगाने का निर्देश मिला है। सरकारी और निजी संस्थानों में दवा की सैंपलिंग कराई जाएगी। सरकारी और निजी संस्थानों में कफ सिरप के आयात निर्यात पर रोक है।
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साथ ही सरकारी और निजी संस्थानों से कफ सिरप के लिए सैंपल लिए जाएंगे। बताया कि संदिग्ध दवा के सैंपल कलेक्ट कर लखनऊ की लेबोरेटरी में जांच के लिए भेज जाएगा। बताया जाता है कि राजस्थान, दिल्ली और दूसरे प्रदेशों में दवा के साइड इफेक्ट के बाद एक्शन शुरू है।
सेटिंग की दवा में डॉक्टर करते हैं खेल
जिले में निजी अस्पताल में खुले मेडिकल स्टोरों पर डॉक्टर सेटिंग की ही दवा लिखते हैं। यदि मरीज बाहर वह दवा लेना चाहे तो नहीं मिलती। ऐसे में कई दवाएं संदिग्ध होती हैं। कई एक्सपायर तक बेंच दी जाती हैं। इसका खुलासा भी कई बार जांच में हो चुका है। सेटिंग के दुकानों पर सिरप से लेकर दवा और अन्य टॉनिक भी सेटिंग वाले दिए जाते हैं। यह दवा लोकल कंपनियों के माध्यम से बाजार में पहुंच रही है। इसके कथित दलाल सक्रिय हैं। अब जांच के बाद निर्मित कफ सिरप पर संदेह होने पर खलबली है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अलर्ट हो गया है। क्योंकि सर्दी के सीजन में अलग-अलग कंपनियों के कफ सिरप की खपत बढ़ जाती है। इससे पहले मामला प्रकाश में आने पर सख्ती शुरू होने से कथित कारोबारियों में हड़कंप जैसी स्थिति है। थोक और फुटकर दवा दुकानों पर रविवार को कई प्रकार की चर्चाएं भी होती रही।
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जिले भर में निगरानी करते रहने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। एक ही कंपनी के सैंपल अलग-अलग दुकानों से लेते समय यह ध्यान दिया जाएगा कि बैच नंबर अलग हो। कोल्ड्रिफ कफ सिरप जो मेसर्स श्रेसन फार्मास्यूटिकल की है, उस पर यहां बैन है। किसी भी दशा में इसकी बिक्री नहीं होने दी जाएगी। बताया कि अभी कहीं से कोई सूचना इस सिरप की उपलब्धता को लेकर नहीं मिली है। फिर भी जांच और सैंपल कराए जाएंगे।
-अरविंद कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर, औषधि विभाग, बस्ती
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सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने सभी निजी अस्पतालों पर संचालित मेडिकल स्टोरों पर कफ सिरप की बिक्री तुरंत रोकने और स्टॉक की जानकारी देने का आदेश दिया है। वहीं औषधि विभाग ने ड्रग इंस्पेक्टर के जरिये दवा दुकानों से सैंपल लेने और जांच के लिए तैयारी किए हुए है। बताया जा रहा है कि सिरप में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया जो किडनी को फेल कर देता है।
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निजी अस्पतालों और डॉक्टरों को भी इस ब्रांड के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी गई है। विभाग ने संदिग्ध दवाओं की सैंपलिंग और जांच तेज कर दी है। ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि मेसर्स श्रेसन फार्मास्यूटिकल की कफ सिरप पर रोक लगाने का निर्देश मिला है। सरकारी और निजी संस्थानों में दवा की सैंपलिंग कराई जाएगी। सरकारी और निजी संस्थानों में कफ सिरप के आयात निर्यात पर रोक है।
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साथ ही सरकारी और निजी संस्थानों से कफ सिरप के लिए सैंपल लिए जाएंगे। बताया कि संदिग्ध दवा के सैंपल कलेक्ट कर लखनऊ की लेबोरेटरी में जांच के लिए भेज जाएगा। बताया जाता है कि राजस्थान, दिल्ली और दूसरे प्रदेशों में दवा के साइड इफेक्ट के बाद एक्शन शुरू है।
सेटिंग की दवा में डॉक्टर करते हैं खेल
जिले में निजी अस्पताल में खुले मेडिकल स्टोरों पर डॉक्टर सेटिंग की ही दवा लिखते हैं। यदि मरीज बाहर वह दवा लेना चाहे तो नहीं मिलती। ऐसे में कई दवाएं संदिग्ध होती हैं। कई एक्सपायर तक बेंच दी जाती हैं। इसका खुलासा भी कई बार जांच में हो चुका है। सेटिंग के दुकानों पर सिरप से लेकर दवा और अन्य टॉनिक भी सेटिंग वाले दिए जाते हैं। यह दवा लोकल कंपनियों के माध्यम से बाजार में पहुंच रही है। इसके कथित दलाल सक्रिय हैं। अब जांच के बाद निर्मित कफ सिरप पर संदेह होने पर खलबली है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अलर्ट हो गया है। क्योंकि सर्दी के सीजन में अलग-अलग कंपनियों के कफ सिरप की खपत बढ़ जाती है। इससे पहले मामला प्रकाश में आने पर सख्ती शुरू होने से कथित कारोबारियों में हड़कंप जैसी स्थिति है। थोक और फुटकर दवा दुकानों पर रविवार को कई प्रकार की चर्चाएं भी होती रही।
जिले भर में निगरानी करते रहने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। एक ही कंपनी के सैंपल अलग-अलग दुकानों से लेते समय यह ध्यान दिया जाएगा कि बैच नंबर अलग हो। कोल्ड्रिफ कफ सिरप जो मेसर्स श्रेसन फार्मास्यूटिकल की है, उस पर यहां बैन है। किसी भी दशा में इसकी बिक्री नहीं होने दी जाएगी। बताया कि अभी कहीं से कोई सूचना इस सिरप की उपलब्धता को लेकर नहीं मिली है। फिर भी जांच और सैंपल कराए जाएंगे।
-अरविंद कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर, औषधि विभाग, बस्ती