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Basti News: जर्जर भवन में चार दशक से चल रहा आयुर्वेदिक अस्पताल

Mon, 19 Feb 2024 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 19 Feb 2024 12:51 AM IST
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Ayurvedic hospital running in dilapidated building for four decades
बनकटी। शुभखर फिरोजपट्टी गांव में स्थित चार बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल जर्जर हो चुका है। करीब चार दशक पहले गांव के ही सेवानिवृत्त दरोगा संतराम यादव ने अस्पताल के लिए अपना भवन दान किया था। इसकी दीवारों व छत में दरारें पड़ गई हैं। प्लस्टर टूट चुका है।
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अस्पताल का जायजा लिया गया तो तमाम खामियां देखने को मिलीं। अस्पताल में तैनात रहे चिकित्सक का महीनेभर पहले स्थानांतरण हो गया है, तब से यहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं किया गया। फार्मासिस्ट रामलाल तिवारी व वार्ड बॉय धीरेंद्र और इंद्रजीत चौधरी अस्पता में मौजूद थे। पूछने पर बताया कि पीने का पानी तक बाहर से लाना पड़ता है। परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। शौचालय भी नहीं है।
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भवन का एक हिस्सा जमींदोज हो चुका है। दो कमरे और बरामदा बचा है। उसी में दवा स्टोर, ओपीडी और अभिलेखीय कार्य किया जा रहा है। बारिश के समय छत टपकने के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल पर सिकराखुर्द, गोविंदपुर, कराहपिठिया, जगुई, देवकुंडा,पगार, डेल्हापार, जमुहट, बेलवाडाड़ी, तरैनी इमिलडीहा, गडौना आदि गांवों के करीब 50 हजार मरीजों के इलाज का भार है।
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कोट
प्रधान अस्पताल के लिए भूमि का चिह्नांकन कराकर प्रस्ताव भेजें तो शासन से भवन निर्माण के लिए धनराशि की मांग की जाए। भवन निर्माण के लिए जमीन न मिलने के कारण मजबूरी में दान के भवन में अस्पताल चलाया जा रहा है।

-रामशंकर गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी, आयुष।
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