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कृषि यंत्रों के अनुदान के टोकन में ‘खेल’ की जांच शुरू
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एएसडीएम को मिली जांच टीम की कमान, तीन लोगों को नोटिस जारी
- प्रशासन को शक, वेबसाइट हैक करके टोकन काट दिए गए
- एनआईसी के अधिकारी करेंगे सिस्टम की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कृषि विभाग की वेबसाइट हैक करके अनुदान वाले कृषि यंत्रों का टोकन काटने के मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति की कमान एएसडीएम सुखवीर सिंह को सौंपी गई है। इसमें इस बात की जांच की जाएगी कि कृषि विभाग में यंत्रों के लिए आन लाइन जारी हो रहे टोकन वेबसाइट हैक करके तो नहीं काट लिए गए? एएसडीएम ने बताया कि वेबसाइट हैक करके टोकन जारी कर लेने का मामला चूंकि आईटी से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच में एनआईसी की मदद ली जाएगी। एसडीएम कार्यालय से सभी संबंधित पक्षों को बुधवार को पत्र जारी कर कहा गया है कि गलत तरीके से टोकन काटने के मामले में उनके पास यदि कोई साक्ष्य हो तो उपलब्ध कराएं।
प्रदेश में किसानों को भारी अनुदान पर कृषि यंत्र देने की योजनाएं संचालित हैं। जिसके लिए किसानों को ऑन लाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था है। पांच अगस्त को वेबसाइट शुरू की गई। आरोप है कि उस दिन वेबसाइट चली ही नहीं। अगले दिन छह अगस्त को जब किसानों ने साइट ओपेन की तो पता लगा कि जिले के लिए शासन से जितना लक्ष्य आवंटित किया गया था, उतने टोकन जारी किए जा चुके हैं। इसे लेकर किसानों ने पिछले हफ्ते कमिश्नर अनिल कुमार सागर को प्रार्थनापत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। कमिश्नर ने डीएम को संदर्भित करते हुए जांच एएसडीएम सुखवीर सिंह को सौंप दी। एएसडीएम ने बताया कि वह जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप देंगे।
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- प्रशासन को शक, वेबसाइट हैक करके टोकन काट दिए गए
- एनआईसी के अधिकारी करेंगे सिस्टम की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कृषि विभाग की वेबसाइट हैक करके अनुदान वाले कृषि यंत्रों का टोकन काटने के मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति की कमान एएसडीएम सुखवीर सिंह को सौंपी गई है। इसमें इस बात की जांच की जाएगी कि कृषि विभाग में यंत्रों के लिए आन लाइन जारी हो रहे टोकन वेबसाइट हैक करके तो नहीं काट लिए गए? एएसडीएम ने बताया कि वेबसाइट हैक करके टोकन जारी कर लेने का मामला चूंकि आईटी से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच में एनआईसी की मदद ली जाएगी। एसडीएम कार्यालय से सभी संबंधित पक्षों को बुधवार को पत्र जारी कर कहा गया है कि गलत तरीके से टोकन काटने के मामले में उनके पास यदि कोई साक्ष्य हो तो उपलब्ध कराएं।
प्रदेश में किसानों को भारी अनुदान पर कृषि यंत्र देने की योजनाएं संचालित हैं। जिसके लिए किसानों को ऑन लाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था है। पांच अगस्त को वेबसाइट शुरू की गई। आरोप है कि उस दिन वेबसाइट चली ही नहीं। अगले दिन छह अगस्त को जब किसानों ने साइट ओपेन की तो पता लगा कि जिले के लिए शासन से जितना लक्ष्य आवंटित किया गया था, उतने टोकन जारी किए जा चुके हैं। इसे लेकर किसानों ने पिछले हफ्ते कमिश्नर अनिल कुमार सागर को प्रार्थनापत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। कमिश्नर ने डीएम को संदर्भित करते हुए जांच एएसडीएम सुखवीर सिंह को सौंप दी। एएसडीएम ने बताया कि वह जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप देंगे।
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