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Basti News: धान के बीज का शोधन कर डालें नर्सरी, अगिया रोग से होगा बचाव

Fri, 17 May 2024 04:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 17 May 2024 04:20 AM IST
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After purifying the paddy seeds, put it in the nursery.
राजकीय गोदामों पर पहुंचे छह प्रजातियों के धान केबीज
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पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर ही मिलेगा बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू कर दी है। किसान धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों को तैयार कर रहे हैं। कृषि विभाग भी धान का बीज मंगवाकर राजकीय गोदामों पर भेजने लगा है। किसान गोदामों से छह प्रजातियों के धान का बीज प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि किसान बिना बीज शोधन किए नर्सरी न डालें। बीज शोधन से अगिया रोग पर नियंत्रण किया जा सकता है। राजकीय गोदामों पर सांभा सब-1, बीपीटी-5204, सीओ-51, शियाट्स-4, पंत-24 और एनडीआर प्रजाति का बीज प्राप्त कर सकते हैं।
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इस बार बीज वितरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। किसान गोदाम पर आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लेकर जाएं। पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। इसके बाद अनुदान पर बीज प्राप्त होगा। पीओएस मशीन से मिलने वाली पर्ची जरूर प्राप्त करें।
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उन्होंने बताया कि बुवाई से पहले बीज को कुछ देर के लिए साफ पानी में भिगो दें, पानी में ऊपर तैर रहे खराब बीज को छान लें। इसके बाद स्ट्रेप्टोमायसीन सल्फेट 90 प्रतिशत व टेट्रासाइक्लिन 10 प्रतिशत की पांच ग्राम मात्रा को 25 किलोग्राम बीज की दर से 100 लीटर पानी में घोल बना लें और इसी पानी में बीज को रात भर भिगो दें। इसके बाद इसे छानकर छाया में सुखाकर, अंकुरित होने के लिए रख दें। ऐसा करने से जीवाणु व फफूंद जनित बीमारियों में कमी लाई जा सकती है।
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