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तितली तूफान लाया संकट के बादल,36 घंटे अलर्ट
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:29 AM IST
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‘तितली’ तूफान लाया संकट के बादल, 36 घंटे अलर्ट
हवा के साथ बारिश की आशंका, किसानों के होश उड़े
बस्ती व गोरखपुर मंडल 36 घंटे तक रहेगा संवेदनशील
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। उड़ीसा से पश्चिम की तरफ बढ़ रहे तितली तूफान के असर से मौसम का मिजाज गड़बड़ हो सकता है। मौसम विज्ञानियों ने आशंका व्यक्त की है कि पूर्वी यूपी में 36 घंटे मौसम की संवेदनशीलता बनी रह सकती है। बृहस्पतिवार को दिन में कई बार छिटपुट बादल छा जाने से किसानों के होश उड़ गए। हालांकि, धान के खेत में बारिश से फायदा होगा लेकिन तेज हवा के साथ यदि भारी बारिश हुई तो खेत में खड़ी अधपकी फसल बर्बाद हो सकती है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक मौसम में दो दिन परिवर्तन होने की आशंका है। इसके कारण तापमान में गिरावट हो सकती है। 15 दिन पहले ही मानसून रुखसत हो चुका है, जिससे दिन में तेज धूप हो रही है। रात और सुबह का मौसम गुलाबी ठंड वाला हो गया है। पहले माना जा रहा था कि मौसम में धीरे-धीरे बदलाव होगा लेकिन तितली तूफान के कारण मौसम बदल गया। पूर्वांचल की बात की जाए तो यहां पर बारिश होने की आशंका बनी हुई है। जानकार बताते हैं कि 11 अक्तूबर से मौसम में बदलाव होना शुरू हो गया है और 12 अक्तूबर को बारिश होने की संभावना है यदि बारिश नहीं होती है तो भी अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
किसानों के लिए फिफ्टी-फिफ्टी
इस बीच यदि हल्की बारिश हो जाए तो धान की बालियां सज जाएंगी। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि पूर्वांचल में अभी धान की फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। यदि हल्की बारिश होती है तो जिन लोगों की फसल तैयार नहीं है उन किसानों को फायदा मिलेगा। मगर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसान भी लगातार तितली तूफान पर नजर लगाए हुए हैं।
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हवा के साथ बारिश की आशंका, किसानों के होश उड़े
बस्ती व गोरखपुर मंडल 36 घंटे तक रहेगा संवेदनशील
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। उड़ीसा से पश्चिम की तरफ बढ़ रहे तितली तूफान के असर से मौसम का मिजाज गड़बड़ हो सकता है। मौसम विज्ञानियों ने आशंका व्यक्त की है कि पूर्वी यूपी में 36 घंटे मौसम की संवेदनशीलता बनी रह सकती है। बृहस्पतिवार को दिन में कई बार छिटपुट बादल छा जाने से किसानों के होश उड़ गए। हालांकि, धान के खेत में बारिश से फायदा होगा लेकिन तेज हवा के साथ यदि भारी बारिश हुई तो खेत में खड़ी अधपकी फसल बर्बाद हो सकती है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक मौसम में दो दिन परिवर्तन होने की आशंका है। इसके कारण तापमान में गिरावट हो सकती है। 15 दिन पहले ही मानसून रुखसत हो चुका है, जिससे दिन में तेज धूप हो रही है। रात और सुबह का मौसम गुलाबी ठंड वाला हो गया है। पहले माना जा रहा था कि मौसम में धीरे-धीरे बदलाव होगा लेकिन तितली तूफान के कारण मौसम बदल गया। पूर्वांचल की बात की जाए तो यहां पर बारिश होने की आशंका बनी हुई है। जानकार बताते हैं कि 11 अक्तूबर से मौसम में बदलाव होना शुरू हो गया है और 12 अक्तूबर को बारिश होने की संभावना है यदि बारिश नहीं होती है तो भी अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
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किसानों के लिए फिफ्टी-फिफ्टी
इस बीच यदि हल्की बारिश हो जाए तो धान की बालियां सज जाएंगी। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि पूर्वांचल में अभी धान की फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। यदि हल्की बारिश होती है तो जिन लोगों की फसल तैयार नहीं है उन किसानों को फायदा मिलेगा। मगर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसान भी लगातार तितली तूफान पर नजर लगाए हुए हैं।
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