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फाइनेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति का आदेश
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फाइनेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति का आदेश
दो मामलों में उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष प्रेमचंद्र गुप्ता व सदस्य महादेव प्रसाद दुबे ने दो अलग-अलग मामलों में मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय के रूप में सात-सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश फाइनेंस कंपनी को दिया है। इसके अलावा प्रत्येक मामले में खाताधारक की संपूर्ण जमा रकम की भुगतान के साथ साथ परिपक्वता तिथि से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत साधारण ब्याज भी अदा करना होगा।
कोतवाली थाना क्षेत्र के भुुअर निरंजनपुर निवासी मनोरमा सिंह ने अधिवक्ता रविशरण सिंह के माध्यम से फोरम में प्रतिवाद दाखिल किया। कहा कि उसने 11 मार्च 2011 को सहारा इंडिया शाखा बस्ती में 60 माह की अवधि के लिए 200 रुपये मासिक किस्त पर खाता खोला था। जिसमें कुल 9600 रुपये जमा किया। परिपक्वता तिथि के बाद भुगतान नहीं किए जाने पर कानूनी नोटिस देकर वाद दायर किया। कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए फोरम ने संपूर्ण रकम मय ब्याज अदा करने का आदेश दिया।
दूसरा मामला भानपुर तहसील का है। साड़ी कल्प गांव निवासी विमल कुुमार ने कंपनी के विरुद्ध वाद दाखिल कर कहा कि उसने बस्ती शाखा में 20 अक्तूबर 09 को रियल इस्टेट बांड 800 रुपये प्रतिमाह की दर से 60 माह के लिए तीन खाता खोला था। तीनों खातों में कुल 51 हजार रुपये जमा किया। कंपनी की ओर से उक्त रकम सहारा क्यूशॉप स्कीम के तहत 72 माह के लिए जमा करा दिया। समय पूरा होने पर फिर से लॉयल्टी प्लान के तहत छह माह के लिए जमा करा दिया, जिसकी परिपक्वता तिथि आठ नवंबर 17 थी। समय पूरा होने पर भी कंपनी की ओर से भुगतान नहीं किया गया तब कानूनी नोटिस देकर परिवाद दाखिल किया गया। फोरम की पीठ ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए एक लाख 41 हजार 486 रुपये छह प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान का आदेश दिया है।
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दो मामलों में उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष प्रेमचंद्र गुप्ता व सदस्य महादेव प्रसाद दुबे ने दो अलग-अलग मामलों में मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय के रूप में सात-सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश फाइनेंस कंपनी को दिया है। इसके अलावा प्रत्येक मामले में खाताधारक की संपूर्ण जमा रकम की भुगतान के साथ साथ परिपक्वता तिथि से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत साधारण ब्याज भी अदा करना होगा।
कोतवाली थाना क्षेत्र के भुुअर निरंजनपुर निवासी मनोरमा सिंह ने अधिवक्ता रविशरण सिंह के माध्यम से फोरम में प्रतिवाद दाखिल किया। कहा कि उसने 11 मार्च 2011 को सहारा इंडिया शाखा बस्ती में 60 माह की अवधि के लिए 200 रुपये मासिक किस्त पर खाता खोला था। जिसमें कुल 9600 रुपये जमा किया। परिपक्वता तिथि के बाद भुगतान नहीं किए जाने पर कानूनी नोटिस देकर वाद दायर किया। कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए फोरम ने संपूर्ण रकम मय ब्याज अदा करने का आदेश दिया।
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दूसरा मामला भानपुर तहसील का है। साड़ी कल्प गांव निवासी विमल कुुमार ने कंपनी के विरुद्ध वाद दाखिल कर कहा कि उसने बस्ती शाखा में 20 अक्तूबर 09 को रियल इस्टेट बांड 800 रुपये प्रतिमाह की दर से 60 माह के लिए तीन खाता खोला था। तीनों खातों में कुल 51 हजार रुपये जमा किया। कंपनी की ओर से उक्त रकम सहारा क्यूशॉप स्कीम के तहत 72 माह के लिए जमा करा दिया। समय पूरा होने पर फिर से लॉयल्टी प्लान के तहत छह माह के लिए जमा करा दिया, जिसकी परिपक्वता तिथि आठ नवंबर 17 थी। समय पूरा होने पर भी कंपनी की ओर से भुगतान नहीं किया गया तब कानूनी नोटिस देकर परिवाद दाखिल किया गया। फोरम की पीठ ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए एक लाख 41 हजार 486 रुपये छह प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान का आदेश दिया है।
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