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आवास के नाम धन लेने वाला सेक्रेटरी सस्पेंड
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:19 PM IST
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बस्ती। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास के नाम पर तीस हजार रुपये लेने वाले सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया गया। सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गनेशपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेद्र त्रिपाठी को मौके पर डीएम अरविंद कुमार सिंह ने निलंबन आदेश थमा दिया। यह कार्रवाई डीएम ने सदर ब्लॉक में कैंप करके की। निलंबित सेक्रेटरी पर आरोप है कि इसमें उन 31 अपात्रों को धन लेकर आवास दे दिया जिनके पास पहले से पक्का मकान है।
दो दिन पहले अमर उजाला में गनेशपुर में आवास के नाम 30 हजार रुपये लिए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसकी जांच जब प्रभारी बीडीओ एवं आईएएस अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने कराई तो कुल 31 अपात्र ऐसे मिले जिन्हें एससी का लाभार्थी दिखाकर आवास दे दिया गया, जबकि ओबीसी का है। प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी हुआ। जवाब से असंतुष्ट होकर सेक्रेटरी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई अचानक सदर ब्लॉक पहुंचे डीएम अरविंद कुमार सिंह की देखरेख मे हुई। कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को बुलाया गया, सेक्रेटरी पहले से ही ब्लॉक पर मौजूद रहा। ब्लॉक पर निलंबन आदेश टाइप हुआ और उस पर डीपीआरओ से हस्ताक्षर कराया गया, उसके बाद सेक्रेटरी को बुलाकर निलंबन आदेश दिया गया। डीएम ने बताया कि यह सेक्रेटरी पिछले आठ साल से गनेशपुर में तैनात है, प्रशासन को इसके अनियमित कार्यों की शिकायतें निरंतर मिलती रही। डीएम ने बताया कि इसे देखते हुए जितने भी आवास इस योजना में दिए गएं सभी के जांच करने के आदेश दिए गए हैं। बताया कि जांच राजस्व विभाग के अधिकारी से कराई जाएगी।
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दो दिन पहले अमर उजाला में गनेशपुर में आवास के नाम 30 हजार रुपये लिए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसकी जांच जब प्रभारी बीडीओ एवं आईएएस अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने कराई तो कुल 31 अपात्र ऐसे मिले जिन्हें एससी का लाभार्थी दिखाकर आवास दे दिया गया, जबकि ओबीसी का है। प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी हुआ। जवाब से असंतुष्ट होकर सेक्रेटरी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई अचानक सदर ब्लॉक पहुंचे डीएम अरविंद कुमार सिंह की देखरेख मे हुई। कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को बुलाया गया, सेक्रेटरी पहले से ही ब्लॉक पर मौजूद रहा। ब्लॉक पर निलंबन आदेश टाइप हुआ और उस पर डीपीआरओ से हस्ताक्षर कराया गया, उसके बाद सेक्रेटरी को बुलाकर निलंबन आदेश दिया गया। डीएम ने बताया कि यह सेक्रेटरी पिछले आठ साल से गनेशपुर में तैनात है, प्रशासन को इसके अनियमित कार्यों की शिकायतें निरंतर मिलती रही। डीएम ने बताया कि इसे देखते हुए जितने भी आवास इस योजना में दिए गएं सभी के जांच करने के आदेश दिए गए हैं। बताया कि जांच राजस्व विभाग के अधिकारी से कराई जाएगी।
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