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बंधक भूमि बैनामा करके पति-पत्नी फंसे
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:48 PM IST
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बस्ती। अरबन कोऑपरेटिव बैंक के हक में बंधक भू-खंड का दूसरे को बैनामा करने का मामला सामने आया है। बैंक के सचिव व अन्य जिम्मेदार ओहदेदारों की संयुक्त तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने संपत्ति बेचने वाली दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
गांधीनगर स्थित बैंक के प्रशासनिक कार्यालय शाखा से कलवारी थानाक्षेत्र के डिंगरापुर निवासी प्रदीप सिंह ने रौतापार स्थित अपने भू-खंड पर मकान बनवाने के लिए छह मार्च 2009 को कर्ज लिया। इसमें अपनी पत्नी अनामिका सिंह के नाम ब्लॉक रोड रौतापार की रजिस्ट्रीशुदा एक बिस्वा छह धुर जमीन गारंटी के तौर पर बंधक किया।
ऋण देवे वाले अरबन कोआपरेटिव बैंक के सचिव महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार 12 दिसंबर 2012 को प्रदीप सिंह ने साढ़े सोलह लाख रुपये में किसी ममता सिंह के नाम बेच दिया। इधर कर्ज की किश्त अदा न होने से बैंक की ओर से नोटिस दी जाने लगी। इसी बीच पता चला कि बंधक जमीन रजिस्ट्री कर दी गई। बैंक की ओर से कोतवाली में कई बार अप्लीकेशन दिया गया लेकिन मुकदमा दर्ज न होने पर बैंक की ओर से अदालत में अर्जी दी गई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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गांधीनगर स्थित बैंक के प्रशासनिक कार्यालय शाखा से कलवारी थानाक्षेत्र के डिंगरापुर निवासी प्रदीप सिंह ने रौतापार स्थित अपने भू-खंड पर मकान बनवाने के लिए छह मार्च 2009 को कर्ज लिया। इसमें अपनी पत्नी अनामिका सिंह के नाम ब्लॉक रोड रौतापार की रजिस्ट्रीशुदा एक बिस्वा छह धुर जमीन गारंटी के तौर पर बंधक किया।
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ऋण देवे वाले अरबन कोआपरेटिव बैंक के सचिव महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार 12 दिसंबर 2012 को प्रदीप सिंह ने साढ़े सोलह लाख रुपये में किसी ममता सिंह के नाम बेच दिया। इधर कर्ज की किश्त अदा न होने से बैंक की ओर से नोटिस दी जाने लगी। इसी बीच पता चला कि बंधक जमीन रजिस्ट्री कर दी गई। बैंक की ओर से कोतवाली में कई बार अप्लीकेशन दिया गया लेकिन मुकदमा दर्ज न होने पर बैंक की ओर से अदालत में अर्जी दी गई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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