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लेखपालों को नहीं मिलेगा पदाधिकारी होने का लाभ
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:59 PM IST
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अध्यक्षों और मंत्रियों का भी होगा तबादला
बस्ती।
पदाधिकारी होने का लाभ अब लेखपालों को नहीं मिलेगा। राजस्व परिषद ने उन सभी लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्षों एवं मंत्रियों का तबादला करने का आदेश दिया है जो एक ही तहसील में 10 साल से अधिक समय से कार्य रहे हैं। इस नई व्यवस्था के दायरे में तीन अध्यक्ष और तीन मंत्री आ रहे हैं। इनमें कोई 20 तो 17 तो साल से एक ही तहसील में जमे हुए हैं। इन सभी के तहसील बदलने की तैयारी हो रही है। इसके दायरे में दो अध्यक्ष और चार मंत्री आ रहे हैं।
जिले में चार तहसीलें हैं। इनमें लेखपाल संघ के कई ऐसे अध्यक्ष और मंत्री पदाधिकारी होने का लाभ ले रहे थे। इनमें तो कई इसलिए पदाधिकारी होने का चुनाव लड़ते थे ताकि वे तहसील में ही जमे रहें। ऐसे लेखपाल पदाधिकारी का पद जीतने के लिए सारे जतन करते थे मगर राजस्व परिषद के एक आदेश ने उन लेखपालों के मंसूबों पर पानी फेर दिया जो पिछले 20 साल से इसलिए एक ही तहसील में जमे हुए थे क्योंकि वे या अध्यक्ष हैं या फिर मंत्री? लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को तहसीलों में पदाधिकारी रहते कार्य करने की छूट राजस्व परिषद ने अभी तक दे रखी थी। हाल ही में प्रशासन ने 28 लेखपालों का तबादला किया मगर इसमें एक भी पदाधिकारी लेखपाल का नाम नहीं रहा। जिन लेखपाल पदाधिकारियों के तबादले की सूची बन रही है, उनमें तहसील हर्रैया में तैनात मंत्री सतीश कुमार भी हैं। यह पिछले लगभग 20 से इसी तहसील में कार्य कर रहे हैं। भानपुर तहसील में कार्यरत बालकृष्ण उपाध्याय भी मंत्री के पद पर हैं और पिछले लगभग 17 साल से वहीं पर जमे हुए हैं। इसी कड़ी में भानपुर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष रणवीर सिंह आते हैं। यह भी लगभग 17 साल से जमे हुए हैं। 11 साल से अधिक कार्य करने वालों में रुधौली तहसील के मंत्री अंजनी नंदन शरण, सदर तहसील के मंत्री धर्मेंद्र कुमार और हर्रैया तहसील के अध्यक्ष रमेशचंद्र के नाम शामिल हैं।
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बस्ती।
पदाधिकारी होने का लाभ अब लेखपालों को नहीं मिलेगा। राजस्व परिषद ने उन सभी लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्षों एवं मंत्रियों का तबादला करने का आदेश दिया है जो एक ही तहसील में 10 साल से अधिक समय से कार्य रहे हैं। इस नई व्यवस्था के दायरे में तीन अध्यक्ष और तीन मंत्री आ रहे हैं। इनमें कोई 20 तो 17 तो साल से एक ही तहसील में जमे हुए हैं। इन सभी के तहसील बदलने की तैयारी हो रही है। इसके दायरे में दो अध्यक्ष और चार मंत्री आ रहे हैं।
जिले में चार तहसीलें हैं। इनमें लेखपाल संघ के कई ऐसे अध्यक्ष और मंत्री पदाधिकारी होने का लाभ ले रहे थे। इनमें तो कई इसलिए पदाधिकारी होने का चुनाव लड़ते थे ताकि वे तहसील में ही जमे रहें। ऐसे लेखपाल पदाधिकारी का पद जीतने के लिए सारे जतन करते थे मगर राजस्व परिषद के एक आदेश ने उन लेखपालों के मंसूबों पर पानी फेर दिया जो पिछले 20 साल से इसलिए एक ही तहसील में जमे हुए थे क्योंकि वे या अध्यक्ष हैं या फिर मंत्री? लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को तहसीलों में पदाधिकारी रहते कार्य करने की छूट राजस्व परिषद ने अभी तक दे रखी थी। हाल ही में प्रशासन ने 28 लेखपालों का तबादला किया मगर इसमें एक भी पदाधिकारी लेखपाल का नाम नहीं रहा। जिन लेखपाल पदाधिकारियों के तबादले की सूची बन रही है, उनमें तहसील हर्रैया में तैनात मंत्री सतीश कुमार भी हैं। यह पिछले लगभग 20 से इसी तहसील में कार्य कर रहे हैं। भानपुर तहसील में कार्यरत बालकृष्ण उपाध्याय भी मंत्री के पद पर हैं और पिछले लगभग 17 साल से वहीं पर जमे हुए हैं। इसी कड़ी में भानपुर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष रणवीर सिंह आते हैं। यह भी लगभग 17 साल से जमे हुए हैं। 11 साल से अधिक कार्य करने वालों में रुधौली तहसील के मंत्री अंजनी नंदन शरण, सदर तहसील के मंत्री धर्मेंद्र कुमार और हर्रैया तहसील के अध्यक्ष रमेशचंद्र के नाम शामिल हैं।
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