{"_id":"5cb4d2cabdec2223512daf0f","slug":"161555354314-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता: स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पहले मतदान, फिर दूजा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता: स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पहले मतदान, फिर दूजा काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
पहले करें मतदान, फिर दूजा काम
- सरला इंटरनेशनल एकेडमी में अपराजिता अभियान के तहत आयोजित हुई लोकतंत्र की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। लोकतंत्र के महापर्व में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नागरिक को मतदान अवश्य करना चाहिए। शत-प्रतिशत मतदान से लोकतंत्र और मजबूत होगा। ऐसे में हमें सबसे पहले मतदान और फिर कोई दूसरा काम करना चाहिए। ये बातें चुनाव प्रशिक्षक व जिला विकास अधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित लोकतंत्र की पाठशाला में कहीं।
सरला इंटरनेशनल एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का काफी महत्व है। जिले में मतदान का औसत महज 59 प्रतिशत रहा है। इसमें महिलाओं की भागीदारी कम रही है। अपराजिता मुहिम के तहत हर नागरिक खासकर महिलाओं को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को अपने घरवालों को मतदान के लिए प्रेरित करने की सीख दी जा रही है। प्रधानाचार्य अंजू किजवानी ने कहा कि एक वोट से भी सरकार बनती और बिगड़ती है। इस वजह से हमें मतदान अवश्य करना चाहिए। प्रधानाचार्य ने नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों पर भी चर्चा की। इस दौरान 136 विद्यार्थियों ने शपथ पत्र भरकर मतदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षक पूनम शुक्ला, अमित सिंह, संजय आदि मौजूद रहे।
----------------------
मतदान के लिए जागरूक करना सराहनीय
- शिक्षक पूनम शुक्ल ने कहा कि आज भी कुछ लोग हैं जो मतदान का महत्व नहीं समझते। अपराजिता अभियान के तहत उन्हें जागरूक किया जा रहा है। यह सराहनीय है।
-----------------------
सभी को करना चाहिए मतदान
- छात्रा श्रेया ने कहा कि हम सभी को लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होना चाहिए। खुद मतदान करने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
--------------------------
महत्वपूर्ण जानकारी मिली
- छात्रा इकरा ने कहा कि कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जिनकी उम्र 18 साल से कम है वे दूसरों को प्रेरित कर अपना दायित्व निभा सकते हैं।
-------------------
बदलनी होगी सोच
- छात्रा शिवांशी ने कहा कि यह सोच बदलनी होगी कि एक वोट से क्या होगा। हमें जागरूक होना होगा और मतदान करना होगा।
विज्ञापन
पहले करें मतदान, फिर दूजा काम
- सरला इंटरनेशनल एकेडमी में अपराजिता अभियान के तहत आयोजित हुई लोकतंत्र की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। लोकतंत्र के महापर्व में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नागरिक को मतदान अवश्य करना चाहिए। शत-प्रतिशत मतदान से लोकतंत्र और मजबूत होगा। ऐसे में हमें सबसे पहले मतदान और फिर कोई दूसरा काम करना चाहिए। ये बातें चुनाव प्रशिक्षक व जिला विकास अधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित लोकतंत्र की पाठशाला में कहीं।
सरला इंटरनेशनल एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का काफी महत्व है। जिले में मतदान का औसत महज 59 प्रतिशत रहा है। इसमें महिलाओं की भागीदारी कम रही है। अपराजिता मुहिम के तहत हर नागरिक खासकर महिलाओं को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को अपने घरवालों को मतदान के लिए प्रेरित करने की सीख दी जा रही है। प्रधानाचार्य अंजू किजवानी ने कहा कि एक वोट से भी सरकार बनती और बिगड़ती है। इस वजह से हमें मतदान अवश्य करना चाहिए। प्रधानाचार्य ने नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों पर भी चर्चा की। इस दौरान 136 विद्यार्थियों ने शपथ पत्र भरकर मतदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षक पूनम शुक्ला, अमित सिंह, संजय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
----------------------
मतदान के लिए जागरूक करना सराहनीय
- शिक्षक पूनम शुक्ल ने कहा कि आज भी कुछ लोग हैं जो मतदान का महत्व नहीं समझते। अपराजिता अभियान के तहत उन्हें जागरूक किया जा रहा है। यह सराहनीय है।
-----------------------
सभी को करना चाहिए मतदान
- छात्रा श्रेया ने कहा कि हम सभी को लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होना चाहिए। खुद मतदान करने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
--------------------------
महत्वपूर्ण जानकारी मिली
- छात्रा इकरा ने कहा कि कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जिनकी उम्र 18 साल से कम है वे दूसरों को प्रेरित कर अपना दायित्व निभा सकते हैं।
-------------------
बदलनी होगी सोच
- छात्रा शिवांशी ने कहा कि यह सोच बदलनी होगी कि एक वोट से क्या होगा। हमें जागरूक होना होगा और मतदान करना होगा।