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भू-माफियों के कब्जे वाली संपतियों का बनेगा रिकार्ड
Updated Fri, 15 Sep 2017 11:56 PM IST
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भू-माफिया के कब्जे वाली संपत्तियों का बनेगा रिकॉर्ड
बस्ती।
भू-माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से पहले शासन उनके द्वारा कब्जा की गई संपत्तियों का लेखा-जोखा तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अचल संपत्ति रजिस्टर बनाने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके लिए सभी लेखपालों को भू-माफिया के द्वारा अतिक्रमण किए गए सरकारी संपत्तियों की पहचान करने के लिए गांव-गांव जाने को कहा गया है। पहचान की गई संपत्तियों को भू-लेख के पोर्टल पर ऑनलाइन भी करना होगा। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 20 सितंबर तक कब्जा की अचल संपत्तियों की सूची देने के लिए निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं। एंटी-भूमाफिया टॉस्क फोर्स की शासन स्तर पर हुई बैठक में इसकी प्रगति पर मुख्य सचिव की ओर से असंतोष जताया गया। यहां तक कि एंटी-भूमाफिया के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की सूचनाओं तक में भी भिन्नता पाई गई। निर्णय हुआ इसकी जानकारी भू-लेख के पोर्टल पर ऑनलाइन की जाएगी, ताकि राज्य और जनपद स्तर की सूचनाओं का मिलान किया जा सके। डीएम को 20 सितंबर से पहले एंटी-भूमाफिया टॉस्क फोर्स की बैठक कराने को कहा गया है। पहली बैठक में ग्राम पंचायत, सार्वजनिक भूमि एवं अन्य विभागों की भूमि पर हुए कब्जे को चिह्नित कर उसे मुक्त कराना है। दूसरी बैठक में की गई कार्रवाई को अपलोड करना होगा। डीएम और राजस्व निरीक्षक को इस बात का प्रमाण-पत्र देना होगा कि गांव में किसी तरह का अतिक्रमण नहीं है।
डीएसटीओ करेंगे घोटाले की जांच
बस्ती।
डीएम अरविंद कुमार सिंह के आदेश पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आरएस पांडेय कप्तानगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत मरवटिया तिवारी में विकास के नाम पर किए गए भारी गोलमाल की जांच करेंगे। इस गांव के लोगों ने शपथ-पत्र देकर डीएम से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि डीएम के आदेश पर डीएसटीओ को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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शपथ-पत्र के साथ गांव के रामकृष्ण, माधव, घनश्याम, शत्रुघ्न प्रसाद और अरुण कुमार सहित अन्य ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में भारी गोलमाल की बात कही गई। कहा कि ग्राम निधि प्रथम का खुले आम प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा दुरुपयोग किया गया। बिना कार्य कराए धन निकालकर बंदरबांट कर ली। अपात्रों को दोहरा लाभ देने, कोठी वाले को भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास देने, चार पहिया वाहन और अच्छी खेती करने वालों को पात्र गृहस्थी का लाभ दिलवा दिया। दो मंजिला मकान और ट्रैक्टर ट्रॉली के स्वामी को अन्त्योदय योजना का राशन कार्ड बनवा दिया।
आदेश पर भी नहीं हुई विरुद्ध कार्रवाई
बस्ती। डीएम के आदेश के बाद भी हर्रैया तहसील प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके चलते भू-माफिया निडर होकर शिकायकर्ताओं को धमकी दे रहा है। शिकायत वापस न लेने का दबाव बना रहा है। मामला हर्रैया तहसील के ग्राम सूदीपुर का है। शिकायतकर्ता सुशील कुमार सिंह ने शिकायती पत्र में कहा है कि गांव के कुछ लोग ग्राम सभा के नाम की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। एसडीएम हर्रैया और तहसीलदार से शिकायत पर दो लेखपालों ने गांव में पैमाइश के बाद कब्जे की रिपोर्ट भी की। डीएम ने एसडीएम को एंटी-भूमाफिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। कार्रवाई नहीं होने पर कमिश्नर और राजस्व परिषद में अर्जी दी गई कहीं से कार्रवाई नहीं होने पर अब शिकायत कर्ता को धमकी दी जा रही है।
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बस्ती।
भू-माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से पहले शासन उनके द्वारा कब्जा की गई संपत्तियों का लेखा-जोखा तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में अचल संपत्ति रजिस्टर बनाने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके लिए सभी लेखपालों को भू-माफिया के द्वारा अतिक्रमण किए गए सरकारी संपत्तियों की पहचान करने के लिए गांव-गांव जाने को कहा गया है। पहचान की गई संपत्तियों को भू-लेख के पोर्टल पर ऑनलाइन भी करना होगा। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 20 सितंबर तक कब्जा की अचल संपत्तियों की सूची देने के लिए निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं। एंटी-भूमाफिया टॉस्क फोर्स की शासन स्तर पर हुई बैठक में इसकी प्रगति पर मुख्य सचिव की ओर से असंतोष जताया गया। यहां तक कि एंटी-भूमाफिया के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की सूचनाओं तक में भी भिन्नता पाई गई। निर्णय हुआ इसकी जानकारी भू-लेख के पोर्टल पर ऑनलाइन की जाएगी, ताकि राज्य और जनपद स्तर की सूचनाओं का मिलान किया जा सके। डीएम को 20 सितंबर से पहले एंटी-भूमाफिया टॉस्क फोर्स की बैठक कराने को कहा गया है। पहली बैठक में ग्राम पंचायत, सार्वजनिक भूमि एवं अन्य विभागों की भूमि पर हुए कब्जे को चिह्नित कर उसे मुक्त कराना है। दूसरी बैठक में की गई कार्रवाई को अपलोड करना होगा। डीएम और राजस्व निरीक्षक को इस बात का प्रमाण-पत्र देना होगा कि गांव में किसी तरह का अतिक्रमण नहीं है।
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डीएसटीओ करेंगे घोटाले की जांच
बस्ती।
डीएम अरविंद कुमार सिंह के आदेश पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आरएस पांडेय कप्तानगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत मरवटिया तिवारी में विकास के नाम पर किए गए भारी गोलमाल की जांच करेंगे। इस गांव के लोगों ने शपथ-पत्र देकर डीएम से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि डीएम के आदेश पर डीएसटीओ को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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शपथ-पत्र के साथ गांव के रामकृष्ण, माधव, घनश्याम, शत्रुघ्न प्रसाद और अरुण कुमार सहित अन्य ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में भारी गोलमाल की बात कही गई। कहा कि ग्राम निधि प्रथम का खुले आम प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा दुरुपयोग किया गया। बिना कार्य कराए धन निकालकर बंदरबांट कर ली। अपात्रों को दोहरा लाभ देने, कोठी वाले को भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास देने, चार पहिया वाहन और अच्छी खेती करने वालों को पात्र गृहस्थी का लाभ दिलवा दिया। दो मंजिला मकान और ट्रैक्टर ट्रॉली के स्वामी को अन्त्योदय योजना का राशन कार्ड बनवा दिया।
आदेश पर भी नहीं हुई विरुद्ध कार्रवाई
बस्ती। डीएम के आदेश के बाद भी हर्रैया तहसील प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके चलते भू-माफिया निडर होकर शिकायकर्ताओं को धमकी दे रहा है। शिकायत वापस न लेने का दबाव बना रहा है। मामला हर्रैया तहसील के ग्राम सूदीपुर का है। शिकायतकर्ता सुशील कुमार सिंह ने शिकायती पत्र में कहा है कि गांव के कुछ लोग ग्राम सभा के नाम की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। एसडीएम हर्रैया और तहसीलदार से शिकायत पर दो लेखपालों ने गांव में पैमाइश के बाद कब्जे की रिपोर्ट भी की। डीएम ने एसडीएम को एंटी-भूमाफिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। कार्रवाई नहीं होने पर कमिश्नर और राजस्व परिषद में अर्जी दी गई कहीं से कार्रवाई नहीं होने पर अब शिकायत कर्ता को धमकी दी जा रही है।