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दिव्यांगों को बिना शुल्क बनाएंगे इंजीनियर
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दिव्यांगों को बिना शुल्क बनाएंगे इंजीनियर
एआईसीटीई कानपुर में प्रवेश को लेकर पहल
दिव्यांगों की नि:शुल्क आवासीय शिक्षा का प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को जीरो खर्च पर विभिन्न तकनीकी विषयों में दक्ष बनाने की पहल की गई है। भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) एवं प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा विभाग की स्वयत्तशासी संस्था की तरफ से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्कीटेक्चरलशिप और मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेट्रियल प्रैक्सिस में तीन वर्षीय डिग्री/डिप्लोमा दिया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत शत-प्रतिशत कैंपस सेलेक्शन है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तहत तकनीकी संस्थाओं में तकनीकी शिक्षा के वृहद परिदृश्य में स्नातकोत्तर, अवर-स्नातक और डिप्लोमा शामिल हैं, जिसमें इंजीनियरिंग/ प्रौद्योगिकी, फार्मेसी, वास्तुशिल्प, होटल प्रबंधन और केटरिंग प्रौद्योगिकी, प्रबंध अध्ययन, कम्प्यूटर एप्लीकेशन और अनुपयुक्त कला और शिल्प शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. बृजभूषण मौर्य ने बताया कि 1987 में स्थापित डॉक्टर आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी फार हैंडीकेप्ड में बिना किसी शुल्क के छात्रावास, शिक्षण एवं यूनीफॉर्म की व्यवस्था है। जिले के सभी इंटरमीडिएट कॉलेजों को पत्र भेजा गया है। इसमें उक्त कॉलेज में प्रवेश के लिए पहल करने को कहा गया है।
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एआईसीटीई कानपुर में प्रवेश को लेकर पहल
दिव्यांगों की नि:शुल्क आवासीय शिक्षा का प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को जीरो खर्च पर विभिन्न तकनीकी विषयों में दक्ष बनाने की पहल की गई है। भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) एवं प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा विभाग की स्वयत्तशासी संस्था की तरफ से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्कीटेक्चरलशिप और मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेट्रियल प्रैक्सिस में तीन वर्षीय डिग्री/डिप्लोमा दिया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत शत-प्रतिशत कैंपस सेलेक्शन है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तहत तकनीकी संस्थाओं में तकनीकी शिक्षा के वृहद परिदृश्य में स्नातकोत्तर, अवर-स्नातक और डिप्लोमा शामिल हैं, जिसमें इंजीनियरिंग/ प्रौद्योगिकी, फार्मेसी, वास्तुशिल्प, होटल प्रबंधन और केटरिंग प्रौद्योगिकी, प्रबंध अध्ययन, कम्प्यूटर एप्लीकेशन और अनुपयुक्त कला और शिल्प शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. बृजभूषण मौर्य ने बताया कि 1987 में स्थापित डॉक्टर आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी फार हैंडीकेप्ड में बिना किसी शुल्क के छात्रावास, शिक्षण एवं यूनीफॉर्म की व्यवस्था है। जिले के सभी इंटरमीडिएट कॉलेजों को पत्र भेजा गया है। इसमें उक्त कॉलेज में प्रवेश के लिए पहल करने को कहा गया है।
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