फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   फौजी राममणि को 10वीं बार गोकुल पुरस्कार

फौजी राममणि को 10वीं बार गोकुल पुरस्कार

Tue, 07 Aug 2018 11:53 PM IST
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
फौजी राममणि को 10वीं बार गोकुल पुरस्कार
फोटो
विज्ञापन

पूर्व फौजी राममणि को 10वीं बार गोकुल पुरस्कार
लगातार 10 सालों से दुग्ध के क्षेत्र में रच रहे इतिहास
राष्ट्रीय पुरस्कार से भी केंद्र सरकार से सम्मानित हो चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बहादुरपुर ब्लॉक के फुवरिया पांडेय निवासी रिटायर्ड फौजी राममणि त्रिपाठी को सरकार ने वर्ष 2017-18 के गोकुल पुरस्कार से सम्मानित किया है। राममणि को यह उपलब्धि लगातार 11 वर्षों से मिल रही है। इस बार उन्होंने दुग्ध उत्पादन में 48 हजार लीटर की छलांग लगाई है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पुरस्कार से नवाजा है।

राममणि का बचपन गरीबी में बीता। तीन साल में पिता का साया सिर से उठा तो जब यह जवान हुए तो बड़े भाई ने साथ छोड़ दिया। इनके कंधों पर घर का बोझ आ गया। इन्हें घर की पूरी जिम्मेदारी उठानी पड़ी। घर की माली हालत ठीक नहीं थी तो सेना की नौकरी ज्वाइन की, मगर यहां भी उन्हें चैन नहीं मिला। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दस वर्ष तक देश सेवा करने के बाद नौकरी छोड़ राममणि ने घर की ओर रुख कर दिया। 1984 में इन्होंने आय के लिए दूध बेचने का मन बनाया और एक गाय व एक भैंस खरीदी। दूध बेच वे परिवार का पेट पालने लगे। इनका परिश्रम देखकर बैंकों ने इनकी सहायता की पहल की और ऋण दिया। इसी से एक के बाद एक गाय खरीद व्यवसाय को आगे बढ़ा दिया। वर्ष 2007 में इनके पास 25 हजार लीटर दूध का उत्पादन होने लगा। लगातार इनके पास दूध का उत्पादन बढ़ने लगा। वर्ष 2009 में तीस हजार लीटर दूध उत्पादन पर पहली बार प्रदेश सरकार ने इन्हें गोकुल पुरस्कार से नवाजा। इससे प्रोत्साहित राममणि दुग्ध क्षेत्र में पूरे मनोयोग से जुड़ गए। इससे जहां उन्होंने घर की माली हालत को बेहतर कर दिया। वहीं घर के सभी सदस्यों के अलावा गांव के भी कई युुवकों को अपने डेयरी में रोजगार दे दिया। इसी बीच वर्ष 2011 में केंद्र सरकार के तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पवार ने दिल्ली में देश के दूसरे बड़े दुग्ध उत्पादक के रूप में पुरस्कृत किया। राममणि कहते हैं कि उनका गायों से विशेष लगाव है। उन्होंने जिन पशुओं को पाल रखा है वे उनकी भाषा समझते हैं। उनके दर्द को हम भी बखूबी समझकर उनकी सेेवा करते हैं। इसके बदले गौ माता ने उनका संसार बदल दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed