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इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए दस करोड़ मिले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:26 AM IST
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बस्ती। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण में धन की बाधा अब खत्म हो गई
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है। शासन ने प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी के साथ प्रथम किस्त के दस करोड़
रुपये भी जारी कर दिए हैं। इस रकम से जल्द ही निर्माण एजेंसी काम शुरू कर
देगी।
यहां पर राजकीय पॉलिटेक्निक की खाली पड़ी दस एकड़ भूमि पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण लंबे समय से प्रस्तावित है। इस पर कुल 4346.75 लाख रुपये खर्च होने हैं। मगर बजट नहीं होने से कॉलेज के निर्माण में तेेजी नहीं आ पा रही थी।
शासन ने निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश जल निगम को कॉलेज के निर्माण के लिए अधिकृत करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अनुसचिव अवध किशोर ने प्राविधिक शिक्षा निदेशक कानपुर को इस आशय का पत्र लिखा है और जिलाधिकारी को भी अवगत करवाया है।
जारी निर्देश में कहा है कि निर्माण एजेंसी को पर्यावरण और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। साथ ही मानचित्र की स्वीकृति भी स्थानीय एजेंसी से करवानी होगी। स्वीकृत धनराशि समय-समय पर प्राविधिक शिक्षा के निदेशक की तरफ से जारी किया जाएगा।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी को लेबर सेस के तौर पर नियमानुसार श्रम विभाग को भुगतान करना होगा। जिलाधिकारी एके दमेले ने बताया कि कॉलेज का निर्माण होने से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को भविष्य में लाभ मिलेगा और इस क्षेत्र के भी छात्र इंजीनियर बन सकेंगे।
यहां पर राजकीय पॉलिटेक्निक की खाली पड़ी दस एकड़ भूमि पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण लंबे समय से प्रस्तावित है। इस पर कुल 4346.75 लाख रुपये खर्च होने हैं। मगर बजट नहीं होने से कॉलेज के निर्माण में तेेजी नहीं आ पा रही थी।
शासन ने निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश जल निगम को कॉलेज के निर्माण के लिए अधिकृत करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अनुसचिव अवध किशोर ने प्राविधिक शिक्षा निदेशक कानपुर को इस आशय का पत्र लिखा है और जिलाधिकारी को भी अवगत करवाया है।
जारी निर्देश में कहा है कि निर्माण एजेंसी को पर्यावरण और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। साथ ही मानचित्र की स्वीकृति भी स्थानीय एजेंसी से करवानी होगी। स्वीकृत धनराशि समय-समय पर प्राविधिक शिक्षा के निदेशक की तरफ से जारी किया जाएगा।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी को लेबर सेस के तौर पर नियमानुसार श्रम विभाग को भुगतान करना होगा। जिलाधिकारी एके दमेले ने बताया कि कॉलेज का निर्माण होने से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को भविष्य में लाभ मिलेगा और इस क्षेत्र के भी छात्र इंजीनियर बन सकेंगे।