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Bareilly News: अपने साथी से भी घूस लेने में नहीं चूका जोरावर, भेजा गया जेल
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बरेली। एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार को जिस संग्रह अमीन जोरावर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, शुक्रवार को कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया गया। टीम ने कोतवाली में जोरावर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत शून्य अपराध संख्या के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसे एंटी करप्शन थाने ट्रांसफर कर दिया गया। खास बात यह है कि जोरावर ने अपने साथी अमीन से ही रिश्वत वसूली थी।
बारादरी निवासी सुरेश चंद्र सदर तहसील में संग्रह अमीन हैं। सुरेश ने एक आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए एनपीएस खाते से 25 प्रतिशत रकम निकालने के लिए आवेदन किया था। जोरावर वसूली और वेतन संबंधी कार्यों को करने के लिए सदर तहसील से संबद्ध है। जोरावर ने अपने ही साथी सुरेश चंद्र से उनका काम करवाने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। सुरेश ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी और जोरावर रंगे हाथ दबोच लिया गया।
आरोपी बोला- तुमसे यह उम्मीद नहीं थी
कैंटीन में शिकायतकर्ता अमीन सुरेश चंद्र ने जोरावर को जलजीरा पिलाया। सुरेश ने जैसे ही ट्रीटेड नोट जोरावर को दिए, उसने अपनी शर्ट की जेब में रख लिए। इसके बाद सुरेश चंद्र ने रुमाल से चेहरा साफ किया। इशारा पाकर टीम ने जोरावर को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद जोरावर ने सुरेश से कहा कि तुमसे यह उम्मीद नहीं थी। टीम ने रिश्वत में लिए गए नोट बरामद कर लिए।
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नस-नस में भ्रष्टाचार का वायरस
सदर तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। भ्रष्टाचार का वायरस तहसील के कुछ कर्मियों की नसों में दौड़ रहा है। एक महीने के भीतर एंटी करप्शन टीम ने तहसील परिसर से यह दूसरी गिरफ्तारी की है। आरोपी जोरावर अपने ही स्टाफ से वसूली कर रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों से तहसील में कितनी वसूली की जाती होगी। पिछले महीने एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल विपिन पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। करमपुर चौधरी के दिव्यांग वली मोहम्मद से लेखपाल विपिन पटेल ने दाखिल खारिज के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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बारादरी निवासी सुरेश चंद्र सदर तहसील में संग्रह अमीन हैं। सुरेश ने एक आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए एनपीएस खाते से 25 प्रतिशत रकम निकालने के लिए आवेदन किया था। जोरावर वसूली और वेतन संबंधी कार्यों को करने के लिए सदर तहसील से संबद्ध है। जोरावर ने अपने ही साथी सुरेश चंद्र से उनका काम करवाने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। सुरेश ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी और जोरावर रंगे हाथ दबोच लिया गया।
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आरोपी बोला- तुमसे यह उम्मीद नहीं थी
कैंटीन में शिकायतकर्ता अमीन सुरेश चंद्र ने जोरावर को जलजीरा पिलाया। सुरेश ने जैसे ही ट्रीटेड नोट जोरावर को दिए, उसने अपनी शर्ट की जेब में रख लिए। इसके बाद सुरेश चंद्र ने रुमाल से चेहरा साफ किया। इशारा पाकर टीम ने जोरावर को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद जोरावर ने सुरेश से कहा कि तुमसे यह उम्मीद नहीं थी। टीम ने रिश्वत में लिए गए नोट बरामद कर लिए।
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सदर तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। भ्रष्टाचार का वायरस तहसील के कुछ कर्मियों की नसों में दौड़ रहा है। एक महीने के भीतर एंटी करप्शन टीम ने तहसील परिसर से यह दूसरी गिरफ्तारी की है। आरोपी जोरावर अपने ही स्टाफ से वसूली कर रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों से तहसील में कितनी वसूली की जाती होगी। पिछले महीने एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल विपिन पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। करमपुर चौधरी के दिव्यांग वली मोहम्मद से लेखपाल विपिन पटेल ने दाखिल खारिज के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

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