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राजस्थान और बंगाल से श्रमिकों के वापस आने पर ही शुरू होगा काम
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बरेली। निर्माण इकाइयों को 20 अप्रैल से काम शुरू करने की अनुमति मिलने के बावजूद सेतु निगम ने अभी कई प्रोजेक्ट शुरू नहीं किए हैं। डीएम नितीश कुमार ने सेतु निगम के अधिकारियों से काम न शुरू हो पाने की वजह पूछने के साथ लेबर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि कुशल श्रमिक राजस्थान और बंगाल से वापस आने हैं। इन्हें बुलाने की तैयारी चल रही है। श्रमिकों के आने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा।
सेतु निगम के शहर में आईवीआरआई, चौपुला, लालफाटक, सेटेलाइट और नकटिया नदी पर शाहजहांपुर व बीसलपुर रोड पर पुलों के प्रोजेक्ट बीच में लटके हुए हैं। शासन ने लॉकडाउन में राहत देते हुए 20 अप्रैल से निर्माण इकाईयों को काम शुरू कराने की अनुमति दे दी है, लेकिन सेतु निगम ने अभी कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं किए हैं। डीएम नितीश कुमार ने तमाम परियोजनाओं के प्रारंभ न होने पर डीपीएम वीके सेन से जानकारी ली। सेतु निगम का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान राजस्थान और बंगाल के रहने वाले कुशल श्रमिक वापस जा चुके हैं। आम श्रमिकों की व्यवस्था तो स्थानीय स्तर पर भी हो सकती है लेकिन इन दोनों प्रांतों में वापस गए कुशल श्रमिकों को बुलाए बगैर मशीन ऑपरेशन सहित दूसरे तकनीकी कामों को कराना संभव नहीं हो सकेगा। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द काम शुरू कराने के लिए राजस्थान व बंगाल से श्रमिकों को वापस बुलाने का इंतजाम किया जा रहा है।
उत्तराखंड से आने वाली बजरी के लिए भी लेनी होगी परमीशन
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए बजरी की जरूरत होगी, जो उत्तराखंड से मंगवाई जाती है। जबकि लॉकडाउन में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है। निर्माण में अड़चन न आए, इसके लिए भी अनुमति ली जाएगी।
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‘काम शुरू करने में सबसे ज्यादा दिक्कत लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों में गए श्रमिकों को वापस बुलाने की है। इस संबंध में स्टाफ ने डीएम को अवगत करा दिया है। इसका जल्द कोई न कोई हल निकलेगा।’
- देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
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सेतु निगम के शहर में आईवीआरआई, चौपुला, लालफाटक, सेटेलाइट और नकटिया नदी पर शाहजहांपुर व बीसलपुर रोड पर पुलों के प्रोजेक्ट बीच में लटके हुए हैं। शासन ने लॉकडाउन में राहत देते हुए 20 अप्रैल से निर्माण इकाईयों को काम शुरू कराने की अनुमति दे दी है, लेकिन सेतु निगम ने अभी कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं किए हैं। डीएम नितीश कुमार ने तमाम परियोजनाओं के प्रारंभ न होने पर डीपीएम वीके सेन से जानकारी ली। सेतु निगम का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान राजस्थान और बंगाल के रहने वाले कुशल श्रमिक वापस जा चुके हैं। आम श्रमिकों की व्यवस्था तो स्थानीय स्तर पर भी हो सकती है लेकिन इन दोनों प्रांतों में वापस गए कुशल श्रमिकों को बुलाए बगैर मशीन ऑपरेशन सहित दूसरे तकनीकी कामों को कराना संभव नहीं हो सकेगा। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द काम शुरू कराने के लिए राजस्थान व बंगाल से श्रमिकों को वापस बुलाने का इंतजाम किया जा रहा है।
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उत्तराखंड से आने वाली बजरी के लिए भी लेनी होगी परमीशन
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए बजरी की जरूरत होगी, जो उत्तराखंड से मंगवाई जाती है। जबकि लॉकडाउन में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है। निर्माण में अड़चन न आए, इसके लिए भी अनुमति ली जाएगी।
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‘काम शुरू करने में सबसे ज्यादा दिक्कत लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों में गए श्रमिकों को वापस बुलाने की है। इस संबंध में स्टाफ ने डीएम को अवगत करा दिया है। इसका जल्द कोई न कोई हल निकलेगा।’
- देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम