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Bareilly News: एसएसपी कार्यालय के बाहर महिला ने की आत्मदाह की कोशिश
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बरेली। बहेड़ी थाना क्षेत्र की एक महिला ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय के बाहर खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता से इस घटना को टाल दिया। महिला ने बहेड़ी पुलिस पर बेटे से जुड़े एक विवाद में दूसरे पक्ष पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
एसएसपी अनुराग आर्य आजकल अवकाश पर हैं। मंगलवार दोपहर एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा व एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ही एसएसपी कार्यालय में समस्याएं सुन रहे थे। तभी दोपहर करीब एक बजे महिला आधा लीटर शीतल पेय की बोतल में डीजल लेकर कार्यालय गेट पर पहुंची। उसने खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, जिसके बाद शोर मच गया और पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। महिला की पहचान बहेड़ी के उलहैतापुर गांव निवासी मीना के रूप में हुई। उसे हिरासत में लेकर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के पास ले जाया गया, जहां उसने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप दोहराया। बाद में उसे महिला थाने ले जाकर बहेड़ी की महिला पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मीना को उसके परिवार को सौंप दिया। पुलिस ने अपनी जांच में महिला के आरोपों को निराधार बताया है।
पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
मीना ने छह मार्च को गांव निवासी अजीत, बबलू, हरपाल और सुरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि इन लोगों ने उसके बेटे अवनीत से डीजे के रुपये के लेनदेन को लेकर गालीगलौज और पिटाई की थी। मीना का कहना था कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। उसने कई अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी और संतोषजनक कार्रवाई न होने से मानसिक रूप से परेशान थी।
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एसडीएम और महिला पुलिस से की थी अभद्रता
मीना पहले बहेड़ी की एसडीएम आईएएस इशिता किशोर से भी उलझ चुकी है। करीब दो महीने पहले जब उसने हंगामा किया तो एसडीएम को पुलिस बुलानी पड़ी। महीना भर पहले मीना बहेड़ी थाने में आकर वहां काम कर रहे इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा की वीडियो बनाने लगी। इंस्पेक्टर ने टोका तो वह अभद्रता करने लगी। महिला पुलिसकर्मी आगे बढ़ीं तो उसने हाथापाई शुरू कर दी। महीने भर पहले हुई इस घटना का इंस्पेक्टर ने उसी दिन जीडी में तस्करा दर्ज किया है। महिला अपने देवर व परिवार के लोगों पर भी गंभीर आरोप लगा चुकी है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मीना की रिपोर्ट पर पुलिस ने हरसंभव कार्रवाई की है। मीना के अनुसूचित जाति का होने का दावा करने के बाद एससी अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई। विवेचना क्षेत्राधिकारी बहेड़ी अरुण कुमार को सौंपी गई, जिन्होंने 21 मई को सभी चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दी। चूंकि धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं था, इसलिए गिरफ्तारी नहीं हुई और कोर्ट में विचारण शुरू हो चुका है।
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एसएसपी अनुराग आर्य आजकल अवकाश पर हैं। मंगलवार दोपहर एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा व एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ही एसएसपी कार्यालय में समस्याएं सुन रहे थे। तभी दोपहर करीब एक बजे महिला आधा लीटर शीतल पेय की बोतल में डीजल लेकर कार्यालय गेट पर पहुंची। उसने खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, जिसके बाद शोर मच गया और पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। महिला की पहचान बहेड़ी के उलहैतापुर गांव निवासी मीना के रूप में हुई। उसे हिरासत में लेकर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के पास ले जाया गया, जहां उसने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप दोहराया। बाद में उसे महिला थाने ले जाकर बहेड़ी की महिला पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मीना को उसके परिवार को सौंप दिया। पुलिस ने अपनी जांच में महिला के आरोपों को निराधार बताया है।
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पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
मीना ने छह मार्च को गांव निवासी अजीत, बबलू, हरपाल और सुरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि इन लोगों ने उसके बेटे अवनीत से डीजे के रुपये के लेनदेन को लेकर गालीगलौज और पिटाई की थी। मीना का कहना था कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। उसने कई अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी और संतोषजनक कार्रवाई न होने से मानसिक रूप से परेशान थी।
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एसडीएम और महिला पुलिस से की थी अभद्रता
मीना पहले बहेड़ी की एसडीएम आईएएस इशिता किशोर से भी उलझ चुकी है। करीब दो महीने पहले जब उसने हंगामा किया तो एसडीएम को पुलिस बुलानी पड़ी। महीना भर पहले मीना बहेड़ी थाने में आकर वहां काम कर रहे इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा की वीडियो बनाने लगी। इंस्पेक्टर ने टोका तो वह अभद्रता करने लगी। महिला पुलिसकर्मी आगे बढ़ीं तो उसने हाथापाई शुरू कर दी। महीने भर पहले हुई इस घटना का इंस्पेक्टर ने उसी दिन जीडी में तस्करा दर्ज किया है। महिला अपने देवर व परिवार के लोगों पर भी गंभीर आरोप लगा चुकी है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मीना की रिपोर्ट पर पुलिस ने हरसंभव कार्रवाई की है। मीना के अनुसूचित जाति का होने का दावा करने के बाद एससी अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई। विवेचना क्षेत्राधिकारी बहेड़ी अरुण कुमार को सौंपी गई, जिन्होंने 21 मई को सभी चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दी। चूंकि धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं था, इसलिए गिरफ्तारी नहीं हुई और कोर्ट में विचारण शुरू हो चुका है।