{"_id":"43dc0e048802adc7636fd7c5aa2e3b73","slug":"west-bengal-is-hidden-aijaz-guru-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेस्ट बंगाल में छिपा है एजाज का गुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेस्ट बंगाल में छिपा है एजाज का गुरू
बरेली
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:27 AM IST
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बरेली। पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम का गुरू इरशाद हुसैन वेस्ट बंगाल में छिपा है। आशमा के फुफेरे भाई बाबर से भी उसका कोई न कोई नाता है। गरीबी का फायदा उठाकर बाबर को एजाज के गुरू ने अपने लिए काम करने को तैयार कर लिया था। एजाज को हिंदी पढ़ना लिखना सिखाने के बाद गुरू ने बाबर के साथ कर दिया था। कोलकाता में दोनों ही कपड़ों के फेरी के बहाने से सूचनाएं इकट्ठा करके पाकिस्तान को भेजते थे। बाबर ने ही एजाज की आशमा के भाई मोहम्मद रहीम से मुलाकात कराई। एजाज के गुरू के अलावा उसके साथी इरफान, अशफाक और उसका बेटा जहांगीर भी आईएसआई के लिए काम कर रहे हैं। वह भी बंगाल के रहने वाले हैं और एजाज के पकड़े जाने के बाद भूमिगत हो गए हैं। एसटीएफ उनकी तलाश में बंगाल पहुंच गई है और कई स्थानों पर दबिश दे रही है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक शादी से पहले ही रहीम पांच महीने बरेली में रहकर चला गया था। बाबर बिहार आरा गया तो उसने एजाज की अपने मामा शमशेर खान की बेटी से शादी की बात कर ली। शमशेर ने दोनों बेटियों में से किसी से भी शादी करने का प्रस्ताव रख दिया। तीन साल पहले बिहार के जिला आरा के अजीमाबाद गांव में शादी होने के बाद एजाज वहीं रहने लगा। कुछ दिनों पर शमशेर की किराना की दुकान पर बैठा। वहां रहने के दौरान उसने अपनी आईडी बनवा ली और हिंदुस्तानी बनकर अपना नाम कलाम रख लिया। एजाज के कमरे से बिहार का शैक्षिक प्रमाण पत्र भी मिला है। बाबर भी आरा जिले के ही नाड़ी गांव का रहने वाला है। उसी ने उसकी आईडी और शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाए।
फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर रडार पर
सेना इंटेलीजेंस ने कई लोगों से की पूछताछ
कैंट के फोटोग्राफर आसिफ से मिला था एजाज
बरेली। आईएसआई के एजेंट मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम के पकड़े जाने के बाद शहर के कई फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। शनिवार को सेना की इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने एजाज की पत्नी समेत कई लोगों के पूछताछ की।
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एजाज बेहतरीन फोटोग्राफर के अलावा वीडियो मिक्सिंग करना जानता है। बरेली में उसके तमाम फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों से संबंध है। कैंट इलाके के सेना इलाके में फोटोग्राफी करने वाला मोहम्मद आसिफ तो पकड़े जाने से पहले ही एजाज के कमरे पर वीडियो मिक्सिंग कराने के लिए आया था। सेना के ही किसी कार्यक्रम की फोटो और वीडियो मिक्सिंग करा रहा था। शनिवार को सेना की इंटेलीजेंस ने आशमा उसकी बहन शहनाज, उनकी मकान मालकिन और गली के सामने वाले शादीहाल के मालिक से पूछताछ की। वसीम उल्लाह से पहले जिस मकान में एजाज रहा था, उसकी मालकिन से भी जानकारी की गई। आसिफ से सेना इंटेलीजेंस के अधिकारी बात कर चुके हैं। इसके अलावा एजाज को किराए पर मकान दिलाने वाले ताहिर खान वारसी, वीडियोेेेेग्राफी का काम देने वाले मनप्रीत सिंह समेत और भी कई फोटोग्राफर ऐसे हैं, जिनसे पूछताछ होनी बाकी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि एजाज कहीं फोटोग्राफी करने के बहाने सेना के इलाके में तो नहीं पहुंच गया था।
मैं पति के साथ ही रहूंगी
-आशमा का कहना है कि एजाज उर्फ कलाम कहीं का भी हो। मैंने उससे शादी की है। एक महीने बाद उसके बच्चे की मां बनने वाली हूं। जेल से छूटने के बाद उसी के साथ रहूंगी। माता-पिता के आने के बाद वह कलाम से मिलने के लिए मेरठ जाएगी।
पुलिस की यह सुस्ती क्यों
दीवानखाना के जिस मकान में एजाज की पत्नी आशमा और उसकी साली शहनाज रह रही हैं। वहां पुलिस ने उनकी निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। वह किसी भी समय पुलिस को चमका देकर निकल सकती हैं। पाकिस्तानी जासूस की पत्नी को लेकर इतनी लापरवाही समझ में नहीं आ रही है। चौकी में ताला पड़ा है, कई घंटे तक वहां सिपाही ही दिखाई नहीं दिया।
गतिविधियां संदिग्ध देख हमने निकाल दिया
चार महीने पहले दीवानखाना चौराहे पर एजाज कांग्रेस नेता तौसीफ अहमद गुल्लू के मकान में किराए पर रहा था। तौसीफ की पत्नी सीमा खान का कहना है कि एक महीने ही एजाज उनके घर पर रहा। उसके घर में लोगों का आना-जाना बहुत था, इसलिए उसने मकान खाली करा लिया था। ताहिर खान वारसी(मुन्ना मूवी) ने ही उनका मकान भी एजाज को किराए पर दिलाया था।
बीवी के सामने कुबूला... हां मैं पाकिस्तानी हूं
देर रात एजाज के साथ पहुंची एसटीएफ ने घर पर मारा छापा
बरेली। एजाज को लेकर देर रात एसटीएफ जब उसके मकान पर पहुंची तो पत्नी ने उसे देखते ही सवाल किया...क्या तुम पाकिस्तानी हो? जवाब में एजाज ने हां में सिर हिलाया और कहा..फिक्र मत करना मैं छह सात माह में छूटकर आ जाऊंगा। फिर एसटीएफ ने सीपीयू, कैसेट और अन्य दस्तावेज समेटे और रात में ही एजाज को लेकर मेरठ रवाना हो गई।
शुक्रवार को रात करीब डेढ़ बजे एजाज उर्फ कलाम को लेकर एसटीएफ दीवानाखाना( प्रेमनगर) स्थित उसके कमरे पर पहुंची तो भीड़ जमा हो गई। आसपास के लोग नींद से उठकर कलाम के कमरे पर पहुंच गए। आशमा टीवी पर कलाम को बोलते हुए देख चुकी थी। कलाम सारी दुनिया के सामने खुद को पाकिस्तानी बता रहा था। इसके बाद भी आशमा को कलाम के पाकिस्तानी होने का यकीन नहीं हो रहा था। उसने आते ही कलाम से सबसे पहले सवाल यही किया कि क्या तुम वाकई पाकिस्तानी हो।
कलाम पर चप्पल फेंकी
बरेली। पत्नी के सामने जैसे ही कलाम ने खुद को पाकिस्तानी होने की बात कुबूल की मकान मालिक की पत्नी भड़क गईं। उस पर चप्पल फेंक कर बोली- तुझे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के लिए हमारा ही घर मिला था। पूरे घर को परेशान कर दिया। बेटे के इम्तहान हैं, पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पा रहा है। उनका कहना था कि आशमा के माता-पिता बिहार से आ रहे हैं। उनके आते ही वह आशमा और उसकी बहन को घर से निकाल देगी।
अब बिना आईडी देखे नहीं रखें किराएदार
बरेली। थाना प्रेमनगर के दीवानखाना (शाहबाद) के रहने वाले लोगों में पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम के आईएसआई से कनेक्शन सामने आने पर किराएदारों को लेकर बेहद खौफ है। लोगों का कहना है कि अब किसी अंजान को किराएदार नहीं रखेंगे। किराएदार रखने से पहले पुलिस से उनका सत्यापन कराया जाएगा।
मोहल्ला दीवानखाना के शमीम अहमद का कहना था कि कमाल ने पूरे मोहल्ले का विश्वास तोड़ दिया है। मोहम्मद जुनैद ने बताया कि आईएसआई से कनेक्शन रखने वाला हमारा देश का दुश्मन है। ऐसे लोगों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। पूरे शहर को लेकर ही किराएदारों को लेकर भी गंभीरता बरतनी चाहिए। सपा नेता हम्माद नबी ने कहा कि लोगों को किराएदार रखने से पहले उनके बारे में जानकारी करने के लिए प्रेरित कराएंगे। दीवानखाना के शाहनूर खान और शुऐब का कहना है कि आईएसआई का एजेंट हमारे बीच रहकर चला गया। खुफिया एजेंसियां भी फ्लाप हो गईं। इसलिए हमारे अपने सिस्टम को भी चेक करने की जरूरत है। शनिवार को दीवानखाना में दिन भर दुकानों और घरों पर आईएसआई के एजेंट एजाज की ही चर्चा होती रही।
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खुफिया सूत्रों के मुताबिक शादी से पहले ही रहीम पांच महीने बरेली में रहकर चला गया था। बाबर बिहार आरा गया तो उसने एजाज की अपने मामा शमशेर खान की बेटी से शादी की बात कर ली। शमशेर ने दोनों बेटियों में से किसी से भी शादी करने का प्रस्ताव रख दिया। तीन साल पहले बिहार के जिला आरा के अजीमाबाद गांव में शादी होने के बाद एजाज वहीं रहने लगा। कुछ दिनों पर शमशेर की किराना की दुकान पर बैठा। वहां रहने के दौरान उसने अपनी आईडी बनवा ली और हिंदुस्तानी बनकर अपना नाम कलाम रख लिया। एजाज के कमरे से बिहार का शैक्षिक प्रमाण पत्र भी मिला है। बाबर भी आरा जिले के ही नाड़ी गांव का रहने वाला है। उसी ने उसकी आईडी और शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाए।
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फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर रडार पर
सेना इंटेलीजेंस ने कई लोगों से की पूछताछ
कैंट के फोटोग्राफर आसिफ से मिला था एजाज
बरेली। आईएसआई के एजेंट मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम के पकड़े जाने के बाद शहर के कई फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। शनिवार को सेना की इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने एजाज की पत्नी समेत कई लोगों के पूछताछ की।
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एजाज बेहतरीन फोटोग्राफर के अलावा वीडियो मिक्सिंग करना जानता है। बरेली में उसके तमाम फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों से संबंध है। कैंट इलाके के सेना इलाके में फोटोग्राफी करने वाला मोहम्मद आसिफ तो पकड़े जाने से पहले ही एजाज के कमरे पर वीडियो मिक्सिंग कराने के लिए आया था। सेना के ही किसी कार्यक्रम की फोटो और वीडियो मिक्सिंग करा रहा था। शनिवार को सेना की इंटेलीजेंस ने आशमा उसकी बहन शहनाज, उनकी मकान मालकिन और गली के सामने वाले शादीहाल के मालिक से पूछताछ की। वसीम उल्लाह से पहले जिस मकान में एजाज रहा था, उसकी मालकिन से भी जानकारी की गई। आसिफ से सेना इंटेलीजेंस के अधिकारी बात कर चुके हैं। इसके अलावा एजाज को किराए पर मकान दिलाने वाले ताहिर खान वारसी, वीडियोेेेेग्राफी का काम देने वाले मनप्रीत सिंह समेत और भी कई फोटोग्राफर ऐसे हैं, जिनसे पूछताछ होनी बाकी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि एजाज कहीं फोटोग्राफी करने के बहाने सेना के इलाके में तो नहीं पहुंच गया था।
मैं पति के साथ ही रहूंगी
-आशमा का कहना है कि एजाज उर्फ कलाम कहीं का भी हो। मैंने उससे शादी की है। एक महीने बाद उसके बच्चे की मां बनने वाली हूं। जेल से छूटने के बाद उसी के साथ रहूंगी। माता-पिता के आने के बाद वह कलाम से मिलने के लिए मेरठ जाएगी।
पुलिस की यह सुस्ती क्यों
दीवानखाना के जिस मकान में एजाज की पत्नी आशमा और उसकी साली शहनाज रह रही हैं। वहां पुलिस ने उनकी निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। वह किसी भी समय पुलिस को चमका देकर निकल सकती हैं। पाकिस्तानी जासूस की पत्नी को लेकर इतनी लापरवाही समझ में नहीं आ रही है। चौकी में ताला पड़ा है, कई घंटे तक वहां सिपाही ही दिखाई नहीं दिया।
गतिविधियां संदिग्ध देख हमने निकाल दिया
चार महीने पहले दीवानखाना चौराहे पर एजाज कांग्रेस नेता तौसीफ अहमद गुल्लू के मकान में किराए पर रहा था। तौसीफ की पत्नी सीमा खान का कहना है कि एक महीने ही एजाज उनके घर पर रहा। उसके घर में लोगों का आना-जाना बहुत था, इसलिए उसने मकान खाली करा लिया था। ताहिर खान वारसी(मुन्ना मूवी) ने ही उनका मकान भी एजाज को किराए पर दिलाया था।
बीवी के सामने कुबूला... हां मैं पाकिस्तानी हूं
देर रात एजाज के साथ पहुंची एसटीएफ ने घर पर मारा छापा
बरेली। एजाज को लेकर देर रात एसटीएफ जब उसके मकान पर पहुंची तो पत्नी ने उसे देखते ही सवाल किया...क्या तुम पाकिस्तानी हो? जवाब में एजाज ने हां में सिर हिलाया और कहा..फिक्र मत करना मैं छह सात माह में छूटकर आ जाऊंगा। फिर एसटीएफ ने सीपीयू, कैसेट और अन्य दस्तावेज समेटे और रात में ही एजाज को लेकर मेरठ रवाना हो गई।
शुक्रवार को रात करीब डेढ़ बजे एजाज उर्फ कलाम को लेकर एसटीएफ दीवानाखाना( प्रेमनगर) स्थित उसके कमरे पर पहुंची तो भीड़ जमा हो गई। आसपास के लोग नींद से उठकर कलाम के कमरे पर पहुंच गए। आशमा टीवी पर कलाम को बोलते हुए देख चुकी थी। कलाम सारी दुनिया के सामने खुद को पाकिस्तानी बता रहा था। इसके बाद भी आशमा को कलाम के पाकिस्तानी होने का यकीन नहीं हो रहा था। उसने आते ही कलाम से सबसे पहले सवाल यही किया कि क्या तुम वाकई पाकिस्तानी हो।
कलाम पर चप्पल फेंकी
बरेली। पत्नी के सामने जैसे ही कलाम ने खुद को पाकिस्तानी होने की बात कुबूल की मकान मालिक की पत्नी भड़क गईं। उस पर चप्पल फेंक कर बोली- तुझे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के लिए हमारा ही घर मिला था। पूरे घर को परेशान कर दिया। बेटे के इम्तहान हैं, पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पा रहा है। उनका कहना था कि आशमा के माता-पिता बिहार से आ रहे हैं। उनके आते ही वह आशमा और उसकी बहन को घर से निकाल देगी।
अब बिना आईडी देखे नहीं रखें किराएदार
बरेली। थाना प्रेमनगर के दीवानखाना (शाहबाद) के रहने वाले लोगों में पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम के आईएसआई से कनेक्शन सामने आने पर किराएदारों को लेकर बेहद खौफ है। लोगों का कहना है कि अब किसी अंजान को किराएदार नहीं रखेंगे। किराएदार रखने से पहले पुलिस से उनका सत्यापन कराया जाएगा।
मोहल्ला दीवानखाना के शमीम अहमद का कहना था कि कमाल ने पूरे मोहल्ले का विश्वास तोड़ दिया है। मोहम्मद जुनैद ने बताया कि आईएसआई से कनेक्शन रखने वाला हमारा देश का दुश्मन है। ऐसे लोगों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। पूरे शहर को लेकर ही किराएदारों को लेकर भी गंभीरता बरतनी चाहिए। सपा नेता हम्माद नबी ने कहा कि लोगों को किराएदार रखने से पहले उनके बारे में जानकारी करने के लिए प्रेरित कराएंगे। दीवानखाना के शाहनूर खान और शुऐब का कहना है कि आईएसआई का एजेंट हमारे बीच रहकर चला गया। खुफिया एजेंसियां भी फ्लाप हो गईं। इसलिए हमारे अपने सिस्टम को भी चेक करने की जरूरत है। शनिवार को दीवानखाना में दिन भर दुकानों और घरों पर आईएसआई के एजेंट एजाज की ही चर्चा होती रही।