UP Roadways: ट्रेन की तरह पता चल सकेगी रोडवेज बसों की लाइव लोकेशन, वीटीएस से होगी मॉनिटरिंग
यात्रियों का भरोसा कायम रखने के लिए परिवहन निगम रोडवेज की बसों में वीटीएस लगवा रहा है। इसके साथ ही सिस्टम को भी अपडेट किया जाएगा। इससे बसों की लाइव लोकेशन पता चल सकेगी।
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जल्द ही रोडवेज बसें ऑनलाइन हो जाएंगी। इससे ट्रेनों की तरह बसों की भी लाइव लोकेशन पता चल सकेगी। साथ ही बसों की समयसारिणी भी तय होगी। इसके लिए बसों में वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) लगाए जा रहे हैं। इसके जरिये बरेली व लखनऊ दोनों जगह से बसों की मॉनिटरिंग हो सकेगी।
बसों का कोई टाइमटेबल नहीं होने से लोग ट्रेन से यात्रा को वरीयता देते हैं। ऐसे में यात्रियों का भरोसा कायम रखने के लिए परिवहन निगम बसों में वीटीएस लगवा रहा है। इसके साथ ही सिस्टम को भी अपडेट किया जाएगा। वीटीएस का क्षेत्रीय, परिक्षेत्र व मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से अधिकारी बसों की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। बस क्यों देरी से पहुंची, कहां-कितनी देर खड़ी रही, इसकी भी जानकारी हो सकेगी।
बनाया जा रहा कंट्रोल रूम
बरेली के पुराने बस अड्डे पर रीजनल कार्यालय में वीटीएस का कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इसके लिए टेंडर हो चुका है। कंपनी को पांच साल के लिए टेंडर दिया गया है। बरेली के अलावा लखनऊ मुख्यालय पर भी एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से अधिकारी बसों का लाइव स्टेटस जान सकेंगे।
सेटेलाइट से सिर्फ एसी बसें ही जाएंगी दिल्ली
सेटेलाइट बस अड्डे से अब कोई भी साधारण बस दिल्ली के लिए नहीं जाएगी, न ही दिल्ली जाने वाली किसी अन्य डिपो की बस यहां खड़ी होगी। इसके लिए दो गार्डों को तैनात किया गया है।
दिल्ली जाने वाली बसें पुराने बस अड्डे से जाती हैं। बरेली व रुहेलखंड डिपो की बसें तो अपने-अपने स्थान से जाती हैं, लेकिन दिल्ली की तरफ जाने वाली दूसरे डिपो की बसें सेटेलाइट बस अड्डे पर खड़ी हो जाती थीं।
इसको लेकर कई बार मुख्यालय स्तर से भी आपत्ति जताई गई थी लेकिन दूसरे डिपो के चालक सवारियों की तलाश में सेटेलाइट तक पहुंच जाते थे। मंगलवार से सेटेलाइट बस अड्डे पर सख्ती कर दी गई। आरएम दीपक चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेेटेलाइट पर दिल्ली जाने वाली किसी भी डिपो की बस खड़ी नहीं होने दी जाएगी। सेटेलाइट से दिल्ली की तरफ महज जनरथ व शताब्दी बसें ही जाएंगी।