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183 शिक्षकों का वेतन काटने का यूटा ने किया विरोध
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने गांधी उधान में की बैठक
- फोटो : CITY
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बरेली। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) की जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में रविवार को गांधी उद्यान में बैठक हुई। इसमें कहा गया कि शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अलावा भी तमाम कार्य कराए जा रहे हैं। उन्हें चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। वैक्सीनेशन कराने से लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और फिर ऑनलाइन क्लास भी ले रहे हैं। इन दिनों स्कूल बंद हैं। ऐसे में बीएसए के आदेश पर निरीक्षण कर शिक्षकों की भौतिक उपस्थिति न मिलने 183 का वेतन काट दिया गया है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है।
यूटा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि शासन स्तर से छह फरवरी, 2022 तक प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाएं पूर्ण रूप से बंद हैं। इस आदेश में कहीं भी शिक्षकों को भौतिक रूप से विद्यालयों में उपस्थित रहने की बात नहीं कही गई है, बल्कि सभी आदेशों में ऑनलाइन शिक्षण की बात कही गई है। इसके बावजूद बीएसए ने 28 जनवरी को समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से विभिन्न ब्लॉकों में औचक निरीक्षण कराया। इसमें 183 शिक्षकों को अनुपस्थित दर्शाकर बिना कारण बताए उनका वेतन काट दिया, जबकि कोरोना के चलते स्कूल महानिदेशक ने मोहल्ला क्लास और ई-पाठशाला चलाने का आदेश दिया है। मुख्य सचिव ने भी प्रोटोकॉल के तहत पचास फीसदी स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य की है। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई वापस न हुई तो संगठन हाईकोर्ट की शरण में जाएगा।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल सिंह, महिला प्रचार मंत्री शुमाएला खान, शिक्षिका प्रीति सिंह, जिला महामंत्री हरीश बाबू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज पाल्याल, विनोद कुमार, रीटा बत्रा, सविता हिरोलिया, श्वेता सिंह, स्वाति गर्ग आदि मौजूद रहीं।
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यूटा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि शासन स्तर से छह फरवरी, 2022 तक प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाएं पूर्ण रूप से बंद हैं। इस आदेश में कहीं भी शिक्षकों को भौतिक रूप से विद्यालयों में उपस्थित रहने की बात नहीं कही गई है, बल्कि सभी आदेशों में ऑनलाइन शिक्षण की बात कही गई है। इसके बावजूद बीएसए ने 28 जनवरी को समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से विभिन्न ब्लॉकों में औचक निरीक्षण कराया। इसमें 183 शिक्षकों को अनुपस्थित दर्शाकर बिना कारण बताए उनका वेतन काट दिया, जबकि कोरोना के चलते स्कूल महानिदेशक ने मोहल्ला क्लास और ई-पाठशाला चलाने का आदेश दिया है। मुख्य सचिव ने भी प्रोटोकॉल के तहत पचास फीसदी स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य की है। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई वापस न हुई तो संगठन हाईकोर्ट की शरण में जाएगा।
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बैठक में जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल सिंह, महिला प्रचार मंत्री शुमाएला खान, शिक्षिका प्रीति सिंह, जिला महामंत्री हरीश बाबू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज पाल्याल, विनोद कुमार, रीटा बत्रा, सविता हिरोलिया, श्वेता सिंह, स्वाति गर्ग आदि मौजूद रहीं।
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