Bareilly : ताजुश्शरिया के उर्स में लहराया अजहरी परचम, मजहबी नारों से गूंज उठी दरगाह, हजारों जायरीन हुए शामिल
बरेली में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इसी के साथ हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के दो दिवसीय उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आगाज हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में दरगाह आला हजरत परिसर स्थित दरगाह ताजुश्शरिया बुधवार को मजहबी नारों से गूंज उठी। गलियों से लेकर दरगाह तक इत्र, गुलाब जल और फूलों की खुशबू फैली हुई थी। इस रुहानी मंजर के बीच काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इसी के साथ हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के दो दिवसीय उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आगाज हो गया।
इससे पहले शहर के अलग-अलग इलाकों से परचमी जुलूस निकाला गया। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उर्स प्रभारी सलमान हसन खान और राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान की कयादत में जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचा। कोहाड़ापीर से सैयद फैजी रजा, पुराना शहर से समरान खान और आजमनगर से मोहम्मद साजिद रजा की ओर से परचमी जुलूस निकाला गया।
दरगाह पर एक साथ पहुंचे तीनों जुलूस
ये तीनों जुलूस सैकड़ों अकीदतमंदों के साथ कदीमी रास्तों से होते हुए बिहारीपुर ढाल पहुंचे। वहां से तीनों जुलूस एक साथ दरगाह शरीफ पहुंचे। वहां लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। जुलूस में मोइन खान, अब्दुल्ला रजा खां, शईबुद्दीन, रेहान रजा खां, कौसल अली आदि मौजूद रहे। इससे पहले खानकाह ताजुश्शरिया पर कुरान ख्वानी हुई। नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया गया। फातेहा और दुआ की गई।
दरगाह शरीफ पर जायरीन की हाजिरी का सिलसिला भी सुबह से जारी रहा। लोग चादपरपोशी और गुलपोशी करते रहे। इस दौरान शहर के तमाम इलाकों से चादरों के जुलूस भी पहुंचते रहे। देश-विदेश के जायरीन की आमद भी जारी रही। आला हजरत दरगाह की गलियों में रौनक छाई हुई है। जायरीन खूब खरीदारी कर रहे हैं। कुरान पाक सहित आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद, ताजुश्शरिया की लिखी किताबों की मांग रही।
अदा की गई मुफ्ती-ए-आजम के कुल की रस्म
ताजुश्शरिया के उर्स में दिनभर की रस्मों के बाद रात में मथुरापुर स्थित जमीयतुर्रजा परिसर में तकरीरी जलसा आयोजित हुआ। देर रात मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। यह जलसा दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन व काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती व सदारत में हुआ।
इस मौके पर उलमा इकराम ने हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) की जिंदगी पर रोशनी डाली। दीन के रास्ते पर चलने और शरई एतबार से जिंदगी गुजारने की ताकीद की। इसमें अल्लामा जियाउल मुस्तफा, मौलाना शकील, मुफ्ती शहजाद, मौलाना जाहिद, मुफ्ती नश्तर फारूकी ने तकरीर की। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद असजद मियां ने मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की।