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Bareilly News: दरगाह आला हजरत पर उर्स-ए-हामिदी का आगाज
Fri, 30 Oct 2026 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:39 AM IST
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बरेली। आला हजरत फाजिले बरेलवी के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रजा खान (हामिद मियां) का 86वां दो दिवसीय उर्स-ए-हामिदी का आगाज बृहस्पतिवार को दरगाह आला हजरत पर हुआ।
दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती व सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन रजा कादरी की सदारत व सैयद आसिफ मियां की निगरानी में इसकी शुरुआत हुई। सुबह तिलावत-ए-कुरान मुफ्ती जईम रजा ने किया। खत्म बुखारी शरीफ की महफिल सजी। हाजी गुलाम सुब्हानी ने मिलाद शरीफ पढ़ी। इमाम अहमद रजा एकेडमी से आए शेखुल हदीस मुफ्ती हनीफ खान ने सभी तलबा को बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस का दर्स दिया।
इस मौके पर मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के सदर मुफ्ती आकिल रजवी ने छात्रों से आह्वान किया कि मजहब-ओ-मसलक का काम बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के सच्चे दिल से करें। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि मदरसे के छात्र मजहब व मसलक का वफादार रहते हुए काम करें। शायर-ए-इस्लाम महशर बरेलवी ने नात-ओ-मनकबत पढ़ी। संचालन मुफ्ती अनस व मौलाना नदीम मंजरी ने किया।
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सुबह 10:30 बजे जिलानी मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा व शजरा नबीरे आला अहसान रजा, मुफ्ती अय्यूब नूरी ने पढ़ा और खुसूसी दुआ मुफ्ती सैयद कफील हाशमी ने की। यहां मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती जमील नूरी, मुफ्ती मोइन, मुफ्ती सैयद शाकिर अली आदि मौजूद रहे। ऑल इंडिया तहरीरी, तकरीरी व मुशायरे का मुकाबला देर रात तक हुआ।
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे कुरानख्वानी व दिन में गुलपोशी-चादरपोशी होगी। मुख्य कार्यक्रम रात 9:00 बजे से शुरू होगा। रात 10:35 पर हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद मदरसा मंदर-ए-इस्लाम का दीक्षांत समारोह (दस्तारबंदी) शुरू होगा।
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दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती व सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन रजा कादरी की सदारत व सैयद आसिफ मियां की निगरानी में इसकी शुरुआत हुई। सुबह तिलावत-ए-कुरान मुफ्ती जईम रजा ने किया। खत्म बुखारी शरीफ की महफिल सजी। हाजी गुलाम सुब्हानी ने मिलाद शरीफ पढ़ी। इमाम अहमद रजा एकेडमी से आए शेखुल हदीस मुफ्ती हनीफ खान ने सभी तलबा को बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस का दर्स दिया।
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इस मौके पर मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के सदर मुफ्ती आकिल रजवी ने छात्रों से आह्वान किया कि मजहब-ओ-मसलक का काम बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के सच्चे दिल से करें। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि मदरसे के छात्र मजहब व मसलक का वफादार रहते हुए काम करें। शायर-ए-इस्लाम महशर बरेलवी ने नात-ओ-मनकबत पढ़ी। संचालन मुफ्ती अनस व मौलाना नदीम मंजरी ने किया।
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सुबह 10:30 बजे जिलानी मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा व शजरा नबीरे आला अहसान रजा, मुफ्ती अय्यूब नूरी ने पढ़ा और खुसूसी दुआ मुफ्ती सैयद कफील हाशमी ने की। यहां मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती जमील नूरी, मुफ्ती मोइन, मुफ्ती सैयद शाकिर अली आदि मौजूद रहे। ऑल इंडिया तहरीरी, तकरीरी व मुशायरे का मुकाबला देर रात तक हुआ।
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे कुरानख्वानी व दिन में गुलपोशी-चादरपोशी होगी। मुख्य कार्यक्रम रात 9:00 बजे से शुरू होगा। रात 10:35 पर हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद मदरसा मंदर-ए-इस्लाम का दीक्षांत समारोह (दस्तारबंदी) शुरू होगा।