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एक पैन नंबर, एक जैसे डाक्यूमेंट, पर दो शिक्षक कर रहे नौकरी, ऐसे हुआ खुलासा
Thu, 23 Jan 2020 08:38 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 23 Jan 2020 08:38 PM IST
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- फोटो : Social Media
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बेसिक शिक्षा विभाग ऐसा विभाग बन गया है, जहां पर सबसे ज्यादा फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के मामले पाए जा चुके हैं। इसी फेहरिस्त में एक नया मामला सामने आया है कि एक ही पैन नंबर और एक जैसे डाक्यूमेंट पर अलग-अलग जिलों में दो शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। एक शिक्षक लखीमपुर के ईसानगर ब्लॉक में तैनात है, तो दूसरा पड़ोसी जिले सीतापुर के महोली ब्लॉक में तैनात है।
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आयकर रिटर्न दाखिल करने के दौरान पैन कार्ड डिटेल पर जब लखीमपुर, सीतापुर और फिरोजाबाद जिले के वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा आयकर कटौती जमा किए जाने की बात सामने आई, तब मामले का खुलासा हुआ। मामला फर्जी कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का प्रतीत हो रहा है। लिहाजा वित्त एवं लेखाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने सीतापुर के वित्त एवं लेखाधिकारी से शिक्षक का अभिलेखीय ब्यौरा मांगा है।
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ईसानगर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खनवापुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात सतीश कुमार इससे पहले शिक्षामित्र थे। सपा सरकार के दौरान वह समायोजित शिक्षक बने, लेकिन 2017 में कोर्ट के आदेश पर सभी समायोजित शिक्षकों को फिर से शिक्षामित्र बना दिया गया। इसके बाद 2018 में हुई 41,556 सहायक अध्यापक भर्ती में सतीश कुमार पुन: सहायक अध्यापक बनने में कामयाब रहे, जिसके बाद छह सितंबर 2018 को नियुक्त पाई थी।
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वहीं, सीतापुर के महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मूड़ाहारी में तैनात सहायक अध्यापक सतीश कुमार अगस्त 2016 में फिरोजबाद जनपद से अंतरजनपदीय स्थानांतरण होकर आए थे। इससे पहले वर्ष 2013 में फिरोजाबाद में नियुक्ति पाई थी। दोनों सहायक अध्यापकों के नाम समान हैं और पिता का नाम सुरेश कुमार भी एक जैसे हैं। इसके अलावा जन्मतिथि भी दोनों की 17 मई 1985 है। दोनों शिक्षकों का पैन नंबर सीइएलपीके6844आर है।
फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ खुलासा
ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय खनवापुर में तैनात शिक्षक सतीश कुमार ने चार अक्तूबर 2019 को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में शिकायत कर बताया कि आयकर कटौती के प्रपत्र 26 एएस में उसके पैन नंबर पर सीतापुर और फिरोजाबाद के वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा पैसा जमा किया जा रहा है। इससे यहां के वित्त एवं लेखाधिकारी भी हैरान हो गए, क्योंकि एक पैन कार्ड पर तीन जनपदों से आयकर कटौती की बात सामने आ चुकी थी। इसके बाद वित्त एवं लेखाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने सीतापुर के वित्त एवं लेखाधिकारी दीपक रस्तोगी को पत्र लिखकर पैन कार्ड पर की जा रही कटौती के बारे में ब्यौरा मांगा। इसके बाद वहां के अधिकारियों में खलबली मच गई।
फाल्ट का हवाला देकर बनवाया नया पैन कार्ड
सीतापुर के महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मूड़ाहारी के शिक्षक सतीश कुमार ने आनन-फानन में अपने पैन कार्ड को सरेंडर करके नया पैन नंबर जेसीजेडपीके 6520 बी हासिल कर लिया। फिर उसने नया पैन नंबर संबद्ध कराने के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र लिखा, जिसमें उसने पहले वाले पैन बनाने में संस्था यानी आयकर विभाग की त्रुटि बताई है। पता लिखते समय सतीश कुमार ने ब्लॉक मितौली जिला खीरी लिखा, जिसे काटकर महोली सीतापुर कर दिया। इससे सीतापुर में तैनात सतीश कुमार के अभिलेखों की विश्वनीयता संदिग्ध हो गई है।
दोनों शिक्षकों के एक जैसे नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक होना संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शैक्षिक अभिलेखों की जांच से ही प्रकरण के राज से पर्दा उठेगा। इसके लिए सीतापुर के वित्त एवं लेखाधिकारी और बीएसए को पत्र भेजकर महोली के मूड़ाहारी में तैनात शिक्षक सतीश कुमार के शैक्षिक अभिलेखों का पूरा ब्यौरा मांगा है।
-दिलीप कुमार सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी