यूपी: बदायूं में गंगा स्नान करते हुए छह लोग बहे, तीन बच्चों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कछला गंगाघाट पर सोमवती अमावस्या वाले दिन नहाते समय राजस्थान के दौसा जिले के एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत छह लोग बह गए। तीन लोगों को तो गोताखोरों और नाविकों ने बचा लिया, लेकिन तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे सगे चचेरे-तहेरे भाई थे। घरवालों ने दोनों बच्चों की सांसें चलने की बात कही तो पुलिसकर्मी उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। तीसरा मृत बच्चा राजस्थान के ही धौलपुर का है। घरवालों ने उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
गंगाघाट पर पहला हादसा सोमवार पूर्वाह्न में करीब 11 बजे बरेली-मथुरा हाईवे पर बने पुल के कासगंज जिले की साइड वाले पिलर के नजदीक हुआ। गंगा में जलस्तर कम होने की वजह से राजस्थान के दौसा जिले में बांदीकुई थाना क्षेत्र के गांव बसवा के चार-पांच परिवार के लोग पिलर के पास ही स्नान करने लगे। नहाते समय केशराम मीणा का बेटा दिलखुश (12) और भतीजा नितीश (10) पुत्र चेतराम डूब गए। दोनों बच्चों को डूबता देख चाचा धर्मसिंह और उनके दोस्त नेत्र कुमार आगे बढ़े तो उन्हें भी गोता लग गए। दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दिलखुश और नितीश का पता नहीं लग पाया। चीख-पुकार सुन मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने दोनों को करीब आधा घंटा की मशक्कत के बाद बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवार के लोगों ने दोनों के जिंदा होने की बात कही तो पुलिस उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। चिकित्साधिकारी महेश प्रताप सिंह ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। डूबने से बचे धर्म सिंह ने बताया कि उन्होंने भतीजों को बचाने की कोशिश की थी। इसके अलावा दोपहर बाद घाट पर ही धौलपुर जिले के गांव भैसाना निवासी नेमसिंह का बेटा शिवम (4) भी अपने परिवार के साथ नहा रहा था। वह भी गंगा में डूब गया। गोताखोरों ने मशक्कत कर शिवम के शव को बाहर निकाला। इसके अलावा रेलवे पुल के पिलर के पास ही कासगंज निवासी चंद्रपाल भी डूब गया जिसे गोताखोर पप्पू ने सकुशल बाहर निकाल लिया। इधर, परिजनों ने मृत तीनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि दिलखुश और नितीश के शव केशराम और शिवम के शव परिवार वालों को सौंप दिए गए।