{"_id":"69b87c326775360fd207ab04","slug":"the-supreme-court-order-has-not-yet-been-implemented-bareilly-news-c-182-1-sbly1021-106732-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अब तक नहीं हुआ पालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अब तक नहीं हुआ पालन
Tue, 17 Mar 2026 03:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 17 Mar 2026 03:24 AM IST
विज्ञापन
नवाबगंज। नवाबगंज के बाहरी इलाकों में मुर्गी पालन किया जाता है। हरदुआ, बरखन, विशनपुर, कल्यानपुर, हाफिजगंज, सतुईया आदि गांवों में मुर्गी फार्म हैं। इन इलाकों में अब तक सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया है। इसमें यह भी प्रावधान है कि यदि कुत्ता किसी व्यक्ति को काटता है तो पीड़ित मुआवजे की मांग कर सकता है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आरआर अंबरेश ने बताया कि शासन ने नगर पालिका और नगर पंचायतों से डाटा मांगा है। नगर पालिका में कुत्तों की वार्डवार गणना करके प्रपत्र शासन को ऑनलाइन भेज दिया है। शासनादेश पर कार्य कराया जाएगा। नगर पालिका मृत जानवरों को नदी किनारे दफन करवाती है। मुर्गी पालने वालों को अवशेष दफनाने के लिए भी नदी किनारे जगह चिह्नित की गई है।
कुत्तों की गणना कराने वाले सफाई नायक अमर सिंह के मुताबिक, 160 लावारिस और 50 पालतू कुत्तों को चिह्नित किया गया है। सबसे अधिक कुत्ते मोहल्ला चौपला और नई बस्ती पश्चिमी में मिले हैं।
विज्ञापन
मांस खाकर हिसंक हो रहे कुत्ते
ग्रामीणों ने बताया कि मुर्गी फार्म के आसपास जंगली और लावारिस कुत्ते मंडराते रहते हैं। गर्मी बढ़ने पर कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं। फार्म संचालक मुर्गी के अवशेषों को खुली जगह पर ही डाल देते हैं। हिंसक कुत्ते मांस की खोज में रोजाना वहां आते हैं। इससे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। इन्हीं हिंसक कुत्तों ने सोमवार को चार वर्षीय बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया।
सीएचसी में भी बढ़ी टीका लगवाने वालों की संख्या
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित गंगवार ने बताया कि कुत्तों के काटने से घायल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। फरवरी में 581 लोगों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई है। सोमवार को 130 लोगों का टीकाकरण किया गया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन तोमर ने बताया कि लावारिस कुत्तों को पकड़कर महानगर की लाइन यूनिट में रखा जा रहा है। वहां उनके बधियाकरण के बाद उन्हें उनके ही इलाकों में छोड़ दिया जाता है। यह काम राजस्थान की फर्म कर रही है। अभी देहात क्षेत्रों में योजना शुरू नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आरआर अंबरेश ने बताया कि शासन ने नगर पालिका और नगर पंचायतों से डाटा मांगा है। नगर पालिका में कुत्तों की वार्डवार गणना करके प्रपत्र शासन को ऑनलाइन भेज दिया है। शासनादेश पर कार्य कराया जाएगा। नगर पालिका मृत जानवरों को नदी किनारे दफन करवाती है। मुर्गी पालने वालों को अवशेष दफनाने के लिए भी नदी किनारे जगह चिह्नित की गई है।
विज्ञापन
कुत्तों की गणना कराने वाले सफाई नायक अमर सिंह के मुताबिक, 160 लावारिस और 50 पालतू कुत्तों को चिह्नित किया गया है। सबसे अधिक कुत्ते मोहल्ला चौपला और नई बस्ती पश्चिमी में मिले हैं।
विज्ञापन
मांस खाकर हिसंक हो रहे कुत्ते
ग्रामीणों ने बताया कि मुर्गी फार्म के आसपास जंगली और लावारिस कुत्ते मंडराते रहते हैं। गर्मी बढ़ने पर कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं। फार्म संचालक मुर्गी के अवशेषों को खुली जगह पर ही डाल देते हैं। हिंसक कुत्ते मांस की खोज में रोजाना वहां आते हैं। इससे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। इन्हीं हिंसक कुत्तों ने सोमवार को चार वर्षीय बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया।
सीएचसी में भी बढ़ी टीका लगवाने वालों की संख्या
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित गंगवार ने बताया कि कुत्तों के काटने से घायल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। फरवरी में 581 लोगों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई है। सोमवार को 130 लोगों का टीकाकरण किया गया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन तोमर ने बताया कि लावारिस कुत्तों को पकड़कर महानगर की लाइन यूनिट में रखा जा रहा है। वहां उनके बधियाकरण के बाद उन्हें उनके ही इलाकों में छोड़ दिया जाता है। यह काम राजस्थान की फर्म कर रही है। अभी देहात क्षेत्रों में योजना शुरू नहीं हो सकी है।