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सत्तादल ने गिनाईं उपलब्धियां, तो विपक्ष ने बोला हमला
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पीलीभीत। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दीं है। चुनाव में विकास का मुद्दा रहेगा या फिर जातिधर्म पर लड़ा जाएगा। वोटरों के मन में सत्ता दल और विपक्षी दल को लेकर क्या है। सत्तादल विपक्ष को लेकर क्या सोचता है। भाजपा के कामकाज और चुनाव में अन्य दलों को लेकर जनता क्या सोचती है। इन सवालों के जवाब जानने के लिए मंगलवार को अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम जिले में पहुंचा।
सुबह गांधी स्टेडियम के गेट पर आम लोगों से चाय पर चर्चा हुई। दोपहर में आधी आबादी से बात हुई। जेएमबी इंस्टीट्यूट में युवाओं से बात हुई। इसके बाद शाम को अशोक कॉलोनी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सत्तादल और विपक्षी दलों से आमने-सामने वार्ता हुई। सबसे पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने प्रदेश की योगी और केंद्र में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस पर विपक्ष दलों ने तंज कसते हुए कहा कि जिले में सड़कों का नाम तोड़ रोड रखा गया है। सड़कों, महंगाई, बेरोजगारी, अपराध पर तीखों विपक्ष ने प्रहार किए। मामला गर्माया, तो तकरार तक की नौबत आ गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीति सिंह चब्बा ने कहा कांग्रेस सरकार में जिले में फैक्टरी स्थापित की गई। नया कुछ नहीं किया गया। किसानों को मुद्दा सबसे बड़ा है। शिक्षा क्षेत्र में कुछ नहीं किया। सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि जिस तरह हमारी सरकार ने काम किया था। उसको देखते हुए जनता सपा को देख रही है। जिले में जो भी काम हुआ है। वह सब सपा सरकार में हुए है। भाजपा सरकार ने कुछ काम जिले में नहीं कराया। हमारी सरकार ने पीलीभीत टनकपुर 47 करोड़ की लगात से सपा सरकार में हाईवे बनवाया गया था। जिसकी भाजपा सरकार मरम्मत नहीं करा पा रही है। जिले में कई सड़कें ऐसी है जिसकी मरम्मत तक नहीं हो पा रही। 64 करोड़ की लागत से बाईपास दिया गया, मगर अभी तक चालू नहीं कराया गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा ने बड़ी रेल लाइन प्रदेश और केंद्र सरकार ने किया। छह माह में लखनऊ तक ट्रेन सुविधा मिलने वाली है। मेडिकल कॉलेज खोला गया। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए खमीर फैक्टरी लगवाई गई। पूरे जिले में कानून व्यवस्था दुरुस्त कराई गई है। सभी क्षेत्र में काम किया गया है। जो बरखेड़ा में घटना हुई है। उसको जल्द खुलासा को लेकर प्रयास कराए जा रहे है।
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भाजपा का काम जमीन पर नहीं दिखाई देता : सपा
सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भाजपा के विकास के दावे को बड़ा झूठ बतलाते हुए कहा कि पूरी पीलीभीत में जो भी विकास के कार्य हुए हैं वो अखिलेश यादव के कार्यकाल में किए। भाजपा की वर्तमान सरकार तो हमारी बनाई हुई सड़कों की मरम्मत तक नहीं करा पा रही है। भाजपा का विकास केवल कागजों पर ही है वो जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देता है। भाजपा ने केवल एक ही काम किया है वो है समाज को बांटने का। इनके कार्यकाल में आज किसान परेशान है। किसानों को खाद तक समय पर नहीं मिल पा रही है। पूरे प्रदेश में गुंडा राज है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हत्या व लूट की घटनाएं आम हो गई हैं।
जो विकास हुआ, वो कांग्रेस ने कराया
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने कहा कि पीलीभीत को जो कुछ मिला है वो केवल कांग्रेस की सरकार में ही मिला। कांग्रेस के बाद आई सभी सरकारों ने यहां कोई कामकाज नहीं किया। यहां मौजूद गन्ना मिलें कांग्रेस सरकार की देन है। स्कूल-कॉलेज हमारी सरकार के द्वारा बनाए गए। भाजपा की वर्तमान सरकार केवल रंगाई-पोताई का काम किया है। यहां मौजूद सड़कें तो बनाई नहीं लेकिरन उन पर इस (भाजपा) सरकार ने टॉल लगाने का काम जरूर किया। आगामी चुनाव में हम जनता के बीच किसानों व बेरोजगारी का मुद्दा लेकर जाएंगे और अपनी सरकार बनाएंगे।
आधी आबादी ने रखे विचार, शिक्षा और सुरक्षा पर भी सरकार हो गंभीर
जेएमबी इंटरनेशनल स्कूल परिसर में चुनावी रथ आधी आबादी के बीच दोपहर में पहुंचा। जिसमें महिला सुरक्षा, कानून, शिक्षा और जागरूकता का मुद्दा उठा। महिलाओं ने कहा - सरकार नियम बना रही है, मगर लोगों को जागरूक नहीं किया जा रहा है। शिक्षा और सुरक्षा पर भी सरकार को गंभीर होना चाहिए।
डॉ. अनुरीता सक्सेना ने कहा कि शहर में एक महिला चौकी है। इसको गंभीरता से लेते हुए और महिला पुलिस चौकियों को बनाया जाना चाहिए। महिला सुरक्षा को लेकर और काम करने की जरूरत है। गृहिणी शहनाज ने कहा कि वोट करने के दौरान अच्छा सरकार बनने की उम्मीद होती है, मगर बाद में सभी एक जैसी सरकार निकलतीं है। बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो चाहिए। सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। श्रुति ने कहा कि महिला सुरक्षा और शिक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिले में छात्राओं के लिए डिग्री कॉलेज की कमी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मौजूद समय में महंगाई भी चर्म पर है। डॉ. ईश ने कहा कि सरकार ने काम तो अच्छा किया, मगर जागरूकता की कमी है। अशिक्षित महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। आरक्षण खत्म होना चाहिए। इससे सभी को एक सामान रोजगार मिल सके। इस समय शिक्षित बेरोजगारी फैली हुई है। महिला शिक्षक निधि ने कहा कि सरकार ने काफी काम किया है। आने वाले समय में और अच्छा होने की उम्मीद है। बार्बी बर्मन ने कहा कि महिला सुरक्षा का मुख्य मुद्दा है। डॉ. उदिता गंगवार ने कहा कि शहर में पार्किंग की मुख्य समस्या है। आए दिन शहर की सड़कों पर जाम की स्थित बन जाती है। महिला सुरक्षा को लेकर नियम बढ़ाने की जरूरत है। गृहिणी गुलनाज ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। अधिकारों को महिलाएं जानेंगे, तभी हक की लड़ाई लड़ सकती हैं।
लोगों ने शहर में शुद्ध पेयजल की समस्या पर सवाल उठाए
अमर उजाला का चुनावी रथ मंगलवार को सुबह जिले में पहुंचा। इसके बाद गांधी स्टेडियम के गेट के पास चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने शहर में शुद्ध पेयजल की समस्या पर सवाल उठाए। तो कई लोगों ने इस क्षेत्र में काम होने की बात कहीं। चुनाव जीतने के बाद आज तक क्षेत्र में विधायक के न पहुंचने पर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कहा-जहां से वह जीते वहां देखने तक नहीं आए कि जनता कि वहां क्या दशा है।
गांधी स्टेडियम रोड पर भैया जी टी स्टाल की दुकान पर सुबह आठ बजे चाय के साथ संवाद शुरू हुआ। मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी चाय विक्रेता राकेश कश्यप ने बताया कि साफ-सफाई तो बेहतर है। स्टेडियम रोड पर बाइकें खड़ी होती हैं। ट्रैफिक की समस्या रहती है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए। हरिपाल यादव ने कहा कि मार्केट में मुख्य समस्या पानी और अतिक्रमण की है। अतिक्रमण अभियान के बाद कुछ दिन तो ठीक रहता है। बाद में फिर वहीं हाल हो जाता है। पार्किंग की व्यवस्था का सबसे बड़ा मुद्दा है। जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए। अब चुनाव आने वाला है, तो सभी जनप्रतिनिधि मिलने आ रहे हैं। आम दिनों में उनसे मिलना दुश्वार हो जाता है। अंचल गुप्ता ने कहा - सड़कें तो ठीक हैं, मगर जिला प्रशासन को अतिक्रमण की ओर ध्यान देना चाहिए। जिला अस्पताल की दशा खराब होने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाना पड़ता है। सेवानिवृत्त लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि शहर की मुख्य समस्या शुद्ध पेयजल की है। गरीब आदमी को शुद्ध पानी नहीं मिल पाता है। जो पानी की सप्लाई आती है। उसमें एक माह में बीस दिन नाली का पानी आता है। इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाता है। शीतल मौर्य ने कहा - जिले में बहुत समस्या है। छात्रा को दरिंदों ने हवस का शिकार बनाकर मार दिया। महिला वर्ग सुरक्षित नहीं है। आज घर से बाहर निकलने के लिए परमीशन लेनी पड़ी। लोग सरकारी टीचर बनना चाहते हैं, मगर खुद के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री शैली अग्रवाल ने कहा कि समस्या हमारी, तो समाधान ही हम करेंगे। कोई भी सरकार छवि खराब नहीं करती। दुकानदार सुंदरलाल ने कहा कि महंगाई बहुत है। ग्राहक सस्ता मांग रहा ऐसे में दुकानदारी करना मुश्किल हो रहा है। संजय गंगवार जब विधायक बने तभी देखा था, मगर इसके बाद आज तक नहीं देखा। जहां से वह जीते वहां यह देखने तक नहीं आए कि जनता की वहां क्या दशा है। इस पर शेखर त्यागी ने विधायक का नाम लिए बिना तर्क दिए कहा कि वह रोज स्टेडियम आते हैं। हो सकता है कि वह आप के घर न गए हो, मगर उनका जनता कार्यालय हमेशा खुला रहता है। प्रवक्ता अनुज मिश्रा, व्यापारी, अनिल मैनी, संजय गुप्ता, शैली अग्रवाल, उपेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा, मुरली अग्रवाल ने भी अपनी बात रखी।
युवा बोले - प्रतियोगी तैयारियों को लेकर जिले में बड़ी समस्या
जेएमबी इंस्टीट्यूट में छात्र-छात्राओं ने शिक्षा और शहर की समस्याओं को लेकर बातें कहीं। रोजगार और महिला सुरक्षा का मुद्दा भी रहा। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और परिवहन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
छात्रा नेहा ने कहा कि जिले में कई विषय की पढ़ाई की व्यवस्था पढ़ाई नहीं है। इससे बाहर जाना पढ़ता है। इसी लिए इस क्षेत्र में सरकार को काम करने की जरूरत। सरकारी स्कूल स्टॉफ समेत अन्य सुविधाओं का जरूरत है। डी फार्मा के छात्र योगेश ने कहा कि जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुविधा नहीं है। सभी बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। जिले में ऐसी सुविधा देने वाले को वोट करेंगे। छात्रा चंद्रशेखर ने कहा कि जिले में प्रापर कोचिंग की सुविधा नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। छात्रा नैंसी ने कहा कि रास्ते में सरकार को पुलिस के बूथ लगाने चाहिए है। इससे छात्राएं सुरक्षित रहेगी। छात्रा महविश ने कहा कि जिले में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी गंभीर है। निशा अंसारी जिले में वैसे तो छात्राओं की सुरक्षा पर्याप्त है, मगर सूनसान रास्तों पर महिला पुलिस की तैनाती जरूरी है। इससे छात्राएं भी सुरक्षित रहेंगी और परिवार वाले भी परेशान नहीं होंगे। परिवार वाले भी छात्राओं को असुरक्षित समझकर परेशान रहते है। सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर काम की जरूरत है। छात्र लक्ष्य वर्मा ने कहा कि बिजनेस करने को लेकर जिले में कोई सुविधा नहीं है। छात्रा खुशी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा की इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार को इस ओर पहले ध्यान देने की जरूरत है। जहां पुलिस की गाड़ी मिलतीं है। वहां सुरक्षित महसूस करते है। पांच किलोमीटर दूर गांव से आते है, इसलिए एक सुरक्षा को लेकर बेहतर काम करने की जरूरत है। परिवहन सुविधा बढ़ानी चाहिए। छात्रा आरती देवी ने कहा कि काफी काम हुआ है। इसके अलावा अपने विचारों पर ध्यान देने की जरूरत है। वोट करने से पहले उसके व्यवहार के बारे में पता करके ही वोट करें। छात्र प्रियांश ने कहा कि शहर में ट्रैफिक की बड़ी समस्या है। आए दिन शहर के अंदर जाम की स्थित बनी रहती है।
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सुबह गांधी स्टेडियम के गेट पर आम लोगों से चाय पर चर्चा हुई। दोपहर में आधी आबादी से बात हुई। जेएमबी इंस्टीट्यूट में युवाओं से बात हुई। इसके बाद शाम को अशोक कॉलोनी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सत्तादल और विपक्षी दलों से आमने-सामने वार्ता हुई। सबसे पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने प्रदेश की योगी और केंद्र में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस पर विपक्ष दलों ने तंज कसते हुए कहा कि जिले में सड़कों का नाम तोड़ रोड रखा गया है। सड़कों, महंगाई, बेरोजगारी, अपराध पर तीखों विपक्ष ने प्रहार किए। मामला गर्माया, तो तकरार तक की नौबत आ गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीति सिंह चब्बा ने कहा कांग्रेस सरकार में जिले में फैक्टरी स्थापित की गई। नया कुछ नहीं किया गया। किसानों को मुद्दा सबसे बड़ा है। शिक्षा क्षेत्र में कुछ नहीं किया। सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि जिस तरह हमारी सरकार ने काम किया था। उसको देखते हुए जनता सपा को देख रही है। जिले में जो भी काम हुआ है। वह सब सपा सरकार में हुए है। भाजपा सरकार ने कुछ काम जिले में नहीं कराया। हमारी सरकार ने पीलीभीत टनकपुर 47 करोड़ की लगात से सपा सरकार में हाईवे बनवाया गया था। जिसकी भाजपा सरकार मरम्मत नहीं करा पा रही है। जिले में कई सड़कें ऐसी है जिसकी मरम्मत तक नहीं हो पा रही। 64 करोड़ की लागत से बाईपास दिया गया, मगर अभी तक चालू नहीं कराया गया।
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भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा ने बड़ी रेल लाइन प्रदेश और केंद्र सरकार ने किया। छह माह में लखनऊ तक ट्रेन सुविधा मिलने वाली है। मेडिकल कॉलेज खोला गया। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए खमीर फैक्टरी लगवाई गई। पूरे जिले में कानून व्यवस्था दुरुस्त कराई गई है। सभी क्षेत्र में काम किया गया है। जो बरखेड़ा में घटना हुई है। उसको जल्द खुलासा को लेकर प्रयास कराए जा रहे है।
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भाजपा का काम जमीन पर नहीं दिखाई देता : सपा
सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भाजपा के विकास के दावे को बड़ा झूठ बतलाते हुए कहा कि पूरी पीलीभीत में जो भी विकास के कार्य हुए हैं वो अखिलेश यादव के कार्यकाल में किए। भाजपा की वर्तमान सरकार तो हमारी बनाई हुई सड़कों की मरम्मत तक नहीं करा पा रही है। भाजपा का विकास केवल कागजों पर ही है वो जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देता है। भाजपा ने केवल एक ही काम किया है वो है समाज को बांटने का। इनके कार्यकाल में आज किसान परेशान है। किसानों को खाद तक समय पर नहीं मिल पा रही है। पूरे प्रदेश में गुंडा राज है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हत्या व लूट की घटनाएं आम हो गई हैं।
जो विकास हुआ, वो कांग्रेस ने कराया
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने कहा कि पीलीभीत को जो कुछ मिला है वो केवल कांग्रेस की सरकार में ही मिला। कांग्रेस के बाद आई सभी सरकारों ने यहां कोई कामकाज नहीं किया। यहां मौजूद गन्ना मिलें कांग्रेस सरकार की देन है। स्कूल-कॉलेज हमारी सरकार के द्वारा बनाए गए। भाजपा की वर्तमान सरकार केवल रंगाई-पोताई का काम किया है। यहां मौजूद सड़कें तो बनाई नहीं लेकिरन उन पर इस (भाजपा) सरकार ने टॉल लगाने का काम जरूर किया। आगामी चुनाव में हम जनता के बीच किसानों व बेरोजगारी का मुद्दा लेकर जाएंगे और अपनी सरकार बनाएंगे।
आधी आबादी ने रखे विचार, शिक्षा और सुरक्षा पर भी सरकार हो गंभीर
जेएमबी इंटरनेशनल स्कूल परिसर में चुनावी रथ आधी आबादी के बीच दोपहर में पहुंचा। जिसमें महिला सुरक्षा, कानून, शिक्षा और जागरूकता का मुद्दा उठा। महिलाओं ने कहा - सरकार नियम बना रही है, मगर लोगों को जागरूक नहीं किया जा रहा है। शिक्षा और सुरक्षा पर भी सरकार को गंभीर होना चाहिए।
डॉ. अनुरीता सक्सेना ने कहा कि शहर में एक महिला चौकी है। इसको गंभीरता से लेते हुए और महिला पुलिस चौकियों को बनाया जाना चाहिए। महिला सुरक्षा को लेकर और काम करने की जरूरत है। गृहिणी शहनाज ने कहा कि वोट करने के दौरान अच्छा सरकार बनने की उम्मीद होती है, मगर बाद में सभी एक जैसी सरकार निकलतीं है। बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो चाहिए। सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। श्रुति ने कहा कि महिला सुरक्षा और शिक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिले में छात्राओं के लिए डिग्री कॉलेज की कमी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मौजूद समय में महंगाई भी चर्म पर है। डॉ. ईश ने कहा कि सरकार ने काम तो अच्छा किया, मगर जागरूकता की कमी है। अशिक्षित महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। आरक्षण खत्म होना चाहिए। इससे सभी को एक सामान रोजगार मिल सके। इस समय शिक्षित बेरोजगारी फैली हुई है। महिला शिक्षक निधि ने कहा कि सरकार ने काफी काम किया है। आने वाले समय में और अच्छा होने की उम्मीद है। बार्बी बर्मन ने कहा कि महिला सुरक्षा का मुख्य मुद्दा है। डॉ. उदिता गंगवार ने कहा कि शहर में पार्किंग की मुख्य समस्या है। आए दिन शहर की सड़कों पर जाम की स्थित बन जाती है। महिला सुरक्षा को लेकर नियम बढ़ाने की जरूरत है। गृहिणी गुलनाज ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। अधिकारों को महिलाएं जानेंगे, तभी हक की लड़ाई लड़ सकती हैं।
लोगों ने शहर में शुद्ध पेयजल की समस्या पर सवाल उठाए
अमर उजाला का चुनावी रथ मंगलवार को सुबह जिले में पहुंचा। इसके बाद गांधी स्टेडियम के गेट के पास चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने शहर में शुद्ध पेयजल की समस्या पर सवाल उठाए। तो कई लोगों ने इस क्षेत्र में काम होने की बात कहीं। चुनाव जीतने के बाद आज तक क्षेत्र में विधायक के न पहुंचने पर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कहा-जहां से वह जीते वहां देखने तक नहीं आए कि जनता कि वहां क्या दशा है।
गांधी स्टेडियम रोड पर भैया जी टी स्टाल की दुकान पर सुबह आठ बजे चाय के साथ संवाद शुरू हुआ। मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी चाय विक्रेता राकेश कश्यप ने बताया कि साफ-सफाई तो बेहतर है। स्टेडियम रोड पर बाइकें खड़ी होती हैं। ट्रैफिक की समस्या रहती है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए। हरिपाल यादव ने कहा कि मार्केट में मुख्य समस्या पानी और अतिक्रमण की है। अतिक्रमण अभियान के बाद कुछ दिन तो ठीक रहता है। बाद में फिर वहीं हाल हो जाता है। पार्किंग की व्यवस्था का सबसे बड़ा मुद्दा है। जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए। अब चुनाव आने वाला है, तो सभी जनप्रतिनिधि मिलने आ रहे हैं। आम दिनों में उनसे मिलना दुश्वार हो जाता है। अंचल गुप्ता ने कहा - सड़कें तो ठीक हैं, मगर जिला प्रशासन को अतिक्रमण की ओर ध्यान देना चाहिए। जिला अस्पताल की दशा खराब होने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाना पड़ता है। सेवानिवृत्त लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि शहर की मुख्य समस्या शुद्ध पेयजल की है। गरीब आदमी को शुद्ध पानी नहीं मिल पाता है। जो पानी की सप्लाई आती है। उसमें एक माह में बीस दिन नाली का पानी आता है। इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाता है। शीतल मौर्य ने कहा - जिले में बहुत समस्या है। छात्रा को दरिंदों ने हवस का शिकार बनाकर मार दिया। महिला वर्ग सुरक्षित नहीं है। आज घर से बाहर निकलने के लिए परमीशन लेनी पड़ी। लोग सरकारी टीचर बनना चाहते हैं, मगर खुद के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री शैली अग्रवाल ने कहा कि समस्या हमारी, तो समाधान ही हम करेंगे। कोई भी सरकार छवि खराब नहीं करती। दुकानदार सुंदरलाल ने कहा कि महंगाई बहुत है। ग्राहक सस्ता मांग रहा ऐसे में दुकानदारी करना मुश्किल हो रहा है। संजय गंगवार जब विधायक बने तभी देखा था, मगर इसके बाद आज तक नहीं देखा। जहां से वह जीते वहां यह देखने तक नहीं आए कि जनता की वहां क्या दशा है। इस पर शेखर त्यागी ने विधायक का नाम लिए बिना तर्क दिए कहा कि वह रोज स्टेडियम आते हैं। हो सकता है कि वह आप के घर न गए हो, मगर उनका जनता कार्यालय हमेशा खुला रहता है। प्रवक्ता अनुज मिश्रा, व्यापारी, अनिल मैनी, संजय गुप्ता, शैली अग्रवाल, उपेंद्र नाथ मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा, मुरली अग्रवाल ने भी अपनी बात रखी।
युवा बोले - प्रतियोगी तैयारियों को लेकर जिले में बड़ी समस्या
जेएमबी इंस्टीट्यूट में छात्र-छात्राओं ने शिक्षा और शहर की समस्याओं को लेकर बातें कहीं। रोजगार और महिला सुरक्षा का मुद्दा भी रहा। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और परिवहन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
छात्रा नेहा ने कहा कि जिले में कई विषय की पढ़ाई की व्यवस्था पढ़ाई नहीं है। इससे बाहर जाना पढ़ता है। इसी लिए इस क्षेत्र में सरकार को काम करने की जरूरत। सरकारी स्कूल स्टॉफ समेत अन्य सुविधाओं का जरूरत है। डी फार्मा के छात्र योगेश ने कहा कि जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुविधा नहीं है। सभी बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। जिले में ऐसी सुविधा देने वाले को वोट करेंगे। छात्रा चंद्रशेखर ने कहा कि जिले में प्रापर कोचिंग की सुविधा नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। छात्रा नैंसी ने कहा कि रास्ते में सरकार को पुलिस के बूथ लगाने चाहिए है। इससे छात्राएं सुरक्षित रहेगी। छात्रा महविश ने कहा कि जिले में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी गंभीर है। निशा अंसारी जिले में वैसे तो छात्राओं की सुरक्षा पर्याप्त है, मगर सूनसान रास्तों पर महिला पुलिस की तैनाती जरूरी है। इससे छात्राएं भी सुरक्षित रहेंगी और परिवार वाले भी परेशान नहीं होंगे। परिवार वाले भी छात्राओं को असुरक्षित समझकर परेशान रहते है। सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर काम की जरूरत है। छात्र लक्ष्य वर्मा ने कहा कि बिजनेस करने को लेकर जिले में कोई सुविधा नहीं है। छात्रा खुशी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा की इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार को इस ओर पहले ध्यान देने की जरूरत है। जहां पुलिस की गाड़ी मिलतीं है। वहां सुरक्षित महसूस करते है। पांच किलोमीटर दूर गांव से आते है, इसलिए एक सुरक्षा को लेकर बेहतर काम करने की जरूरत है। परिवहन सुविधा बढ़ानी चाहिए। छात्रा आरती देवी ने कहा कि काफी काम हुआ है। इसके अलावा अपने विचारों पर ध्यान देने की जरूरत है। वोट करने से पहले उसके व्यवहार के बारे में पता करके ही वोट करें। छात्र प्रियांश ने कहा कि शहर में ट्रैफिक की बड़ी समस्या है। आए दिन शहर के अंदर जाम की स्थित बनी रहती है।