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Bareilly News: आसमान छूने की चाह... सिस्टम ने जमीन पर बैठाया

Wed, 15 Oct 2025 02:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 02:50 AM IST
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The desire to touch the sky... the system brought it down to earth
बरेली। आंखों में आसमान छूने का सपना लेकर विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को जिम्मेदार बैठने के लिए फर्नीचर तक नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में जमीन पर बैठकर ही बच्चे अपने सपनों को पंख दे रहे हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में साफ-सफाई का अभाव होने के साथ ही दिव्यांग शौचालयों का ताला भी नहीं खुलता। मंगलवार को पड़ताल के दौरान ज्यादातर परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाएं मिलीं। कहीं बच्चे कक्षाओं से बाहर थे तो कहीं पर्याप्त शिक्षक ही नहीं मिले। इस कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी।
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बीएसए संजय सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को दिक्कत न हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी अव्यवस्था है, तो यह गलत है। संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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कंपोजिट यूपीएस मल्टीस्टोरी बाकरगंज

दोपहर 12:15 बजे कंपोजिट यूपीएस मल्टीस्टोरी बाकरगंज विद्यालय परिसर में ज्यादातर विद्यार्थी अपनी कक्षाओं से बाहर थे। कक्षा के समय बच्चे बाहर क्यों? इस सवाल का जवाब शिक्षकों के पास नहीं था। यहां स्टाफ भी पूरा है। विद्यालय में कुल 114 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए दो शिक्षामित्र, तीन सहायक अध्यापक हैं। विद्यालय का शौचालय देखकर लग रहा था कि इसकी महीनों से सफाई नहीं हुई। जमीन पर बैठाकर ही विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया गया। बच्चे बिना रोक-टोक के बाहर भी जा रहे थे।
आदर्श अपर प्राइमरी स्कूल वीरभट्टी

दोपहर 12:59 बजे आदर्श अपर प्राइमरी स्कूल वीरभट्टी में एक बाहरी व्यक्ति के कहने पर विद्यालय के तीन बच्चे चहारदीवारी पर चढ़कर अशोक के पेड़ के पत्ते तोड़ रहे थे।मैदान पर बड़ी-बड़ी घास खड़ी थी। स्कूल की प्रभारी सीमा कश्यप को राज्य अध्यापक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वह भी मौके पर नहीं मिलीं। कॉल करने पर उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही। यहां तीन दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं, इसके बाद भी दिव्यांग शौचालय पर ताला लटका मिला।

प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर

प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर में पढ़ने वाले 79 विद्यार्थी अपना भविष्य जमीन पर बैठकर संवार रहे हैं। फर्नीचर की मांग वर्षों से लंबित है। मंगलवार को शिक्षामित्र रजनी बच्चों को पढ़ाती मिलीं। उन्होंने बताया कि फर्नीचर की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस वजह से बच्चों को जमीन पर बैठाना मजबूरी है। विद्यालय की प्रभारी बिंदु गंगवार विभाग की एक जरूरी मीटिंग में शामिल होने के कारण मंगलवार को विद्यालय नहीं आईं थीं।
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