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सेमेस्टर प्रणाली के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य
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MJP Rohilkhand university
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के दिए हैं निर्देश
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जिन महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित नहीं, वहां होगी ऑनलाइन पढ़ाई
बरेली। महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाने में आ रही समस्या के अब दूर होने की उम्मीद है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन कॉलेजों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम नहीं हैं, उन्हें ऑनलाइन वोकेशनल कोर्स कराने के निर्देश दिए गए हैं। सेमेस्टर प्रणाली के तहत महाविद्यालयों को स्नातक में अनिवार्य विषय के तौर पर व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करानी होगी।
नई शिक्षा नीति के तहत सत्र 2021-22 में स्नातक में प्रवेश सेमेस्टर प्रणाली के तहत हो रहे हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर प्रणाली से प्रवेश लेने के निर्देश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन कई महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित ही नहीं हो रहे हैं। लिहाजा, वे इस अनिवार्यता को लेकर असमंजस में थे। अब रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समस्या का हल खोल निकाला है। उसने जिन महाविद्यालयों में वोकेशनल कोर्स संचालित नहीं हैं, वहां ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत करने को कहा है। अगर किसी तरह की समस्या है तो वे विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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ये रहेगी सेमेस्टर में विषय चयन की प्रक्रिया
सेमेस्टर प्रणाली के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में तीन वर्ष के पाठ्यक्रम में छह सेमेस्टर होंगे। छात्रों को कला, विज्ञान, वाणिज्य संकाय में से एक संकाय का चयन कर दो प्रमुख विषय अपने संकाय से अनिवार्य रूप में लेने होंगे। तीसरा प्रमुख विषय दूसरे संकाय या फिर अपने ही संकाय से ले सकते हैं। यह उपलब्ध सीटों के आधार पर दिया जाएगा। शुरुआत के चार सेमेस्टर में एक व्यावसायिक विषय का चयन भी करना जरूरी है।
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समस्या दूर, प्रवेश प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
कोर्स की अड़चन खत्म होने के बाद महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया में तेजी आई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध ऐसे महाविद्यालय जहां व्यावसायिक कोर्स संचालित नहीं हैं, वे ऑनलाइन कोर्स के लिए यूजीसी, अपने या अन्य किसी पोर्टल के माध्यम से विषय का चयन कर सकते हैं। उसके बाद महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्त्रस्म भी संचालित करने होंगे। विश्वविद्यालय ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
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जिन महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित नहीं, वहां होगी ऑनलाइन पढ़ाई बरेली। महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाने में आ रही समस्या के अब दूर होने की उम्मीद है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन कॉलेजों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम नहीं हैं, उन्हें ऑनलाइन वोकेशनल कोर्स कराने के निर्देश दिए गए हैं। सेमेस्टर प्रणाली के तहत महाविद्यालयों को स्नातक में अनिवार्य विषय के तौर पर व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करानी होगी।
नई शिक्षा नीति के तहत सत्र 2021-22 में स्नातक में प्रवेश सेमेस्टर प्रणाली के तहत हो रहे हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर प्रणाली से प्रवेश लेने के निर्देश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन कई महाविद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित ही नहीं हो रहे हैं। लिहाजा, वे इस अनिवार्यता को लेकर असमंजस में थे। अब रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समस्या का हल खोल निकाला है। उसने जिन महाविद्यालयों में वोकेशनल कोर्स संचालित नहीं हैं, वहां ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत करने को कहा है। अगर किसी तरह की समस्या है तो वे विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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ये रहेगी सेमेस्टर में विषय चयन की प्रक्रिया
सेमेस्टर प्रणाली के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में तीन वर्ष के पाठ्यक्रम में छह सेमेस्टर होंगे। छात्रों को कला, विज्ञान, वाणिज्य संकाय में से एक संकाय का चयन कर दो प्रमुख विषय अपने संकाय से अनिवार्य रूप में लेने होंगे। तीसरा प्रमुख विषय दूसरे संकाय या फिर अपने ही संकाय से ले सकते हैं। यह उपलब्ध सीटों के आधार पर दिया जाएगा। शुरुआत के चार सेमेस्टर में एक व्यावसायिक विषय का चयन भी करना जरूरी है।
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