{"_id":"692f58c04d1a227ef90a17c3","slug":"teacher-doing-the-duty-of-blo-supervisor-died-due-to-brain-hemorrhage-bareilly-news-c-4-vns1074-778006-2025-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बीएलओ सुपरवाइजर की ड्यूटी कर रहे शिक्षक की ब्रेन हैमरेज से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बीएलओ सुपरवाइजर की ड्यूटी कर रहे शिक्षक की ब्रेन हैमरेज से मौत
विज्ञापन
बरेली। कर्मचारी नगर, गली नंबर-5 निवासी एमबी इंटर कॉलेज के व्यवसायिक शिक्षक और बीएलओ सुपरवाइजर की ड्यूटी कर रहे अजय अग्रवाल (57) की सोमवार रात मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार अजय को ब्रेन हैमरेज हुआ था। सीटी स्कैन के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुत्र प्रखर अग्रवाल का आरोप है कि एसआईआर के काम के दबाव में पिता की मौत हुई है।
एमबी इंटर कॉलेज में अजय अग्रवाल व्यवसायिक शिक्षक के पद पर 30 वर्ष से कार्यरत थे। परिवार में उनकी पत्नी रानी अग्रवाल और बेटा प्रखर है। एसआईआर के काम के लिए उनकी ड्यूटी बीएलओ सुपरवाइजर के तौर पर सीबीगंज स्थित आईटीआई में लगी थी। प्रखर ने बताया कि पापा की-पैड वाला फोन चलाते थे। एसआईआर के काम के बारे में उन्हें न कुछ जानकारी थी और न खास प्रशिक्षण मिला। ऐसे में यह काम उनके लिए जी का जंजाल बन गया था। एसआईआर के काम से हटाने के लिए उन्होंने अफसरों से बात की, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। वह इन दिनों रोजाना सुबह 9 बजे घर से निकलते थे और रात में आने का कोई निश्चित समय नहीं था। प्रखर ने कहा कि सोमवार रात 10 बजे खाना खाने के दौरान पापा एसआईआर के काम के बारे में ही बात कर रहे थे। कह रहे थे कि यह काम बहुत मुश्किल है। लोगों को फोन करते हैं, लेकिन कोई फॉर्म जमा करने को तैयार नहीं है।
वह खाने के बाद लेटने गए। थोड़ी देर बाद उनके कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजे से झांक कर देखा तो वह अचेत पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने ब्रेन हैमरेज बताया। सीटी स्कैन कराने के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रखर ने कहा कि उनके पिता को इससे पहले स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या नहीं थी।
विज्ञापन
अचानक ब्रेन हैमरेज समझ से परे है। मंगलवार को अजय के शव की अंत्येष्टि सिटी श्मशान भूमि पर की गई, जहां डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
एमबी इंटर कॉलेज में अजय अग्रवाल व्यवसायिक शिक्षक के पद पर 30 वर्ष से कार्यरत थे। परिवार में उनकी पत्नी रानी अग्रवाल और बेटा प्रखर है। एसआईआर के काम के लिए उनकी ड्यूटी बीएलओ सुपरवाइजर के तौर पर सीबीगंज स्थित आईटीआई में लगी थी। प्रखर ने बताया कि पापा की-पैड वाला फोन चलाते थे। एसआईआर के काम के बारे में उन्हें न कुछ जानकारी थी और न खास प्रशिक्षण मिला। ऐसे में यह काम उनके लिए जी का जंजाल बन गया था। एसआईआर के काम से हटाने के लिए उन्होंने अफसरों से बात की, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। वह इन दिनों रोजाना सुबह 9 बजे घर से निकलते थे और रात में आने का कोई निश्चित समय नहीं था। प्रखर ने कहा कि सोमवार रात 10 बजे खाना खाने के दौरान पापा एसआईआर के काम के बारे में ही बात कर रहे थे। कह रहे थे कि यह काम बहुत मुश्किल है। लोगों को फोन करते हैं, लेकिन कोई फॉर्म जमा करने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
वह खाने के बाद लेटने गए। थोड़ी देर बाद उनके कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजे से झांक कर देखा तो वह अचेत पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने ब्रेन हैमरेज बताया। सीटी स्कैन कराने के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रखर ने कहा कि उनके पिता को इससे पहले स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या नहीं थी।
विज्ञापन
अचानक ब्रेन हैमरेज समझ से परे है। मंगलवार को अजय के शव की अंत्येष्टि सिटी श्मशान भूमि पर की गई, जहां डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद