{"_id":"710382a0d9d5f173387593ccd3d7b387","slug":"sugar-mil-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने की अवैध खरीद में फंसी मीरगंज मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने की अवैध खरीद में फंसी मीरगंज मिल
बरेली
Updated Wed, 25 Feb 2015 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पिछले दिनों तक गन्ना खरीद में आनाकानी करने वाली चीनी मिलें अब एक दूसरे के क्षेत्र से जाकर खरीदारी करने लगी हैं। गन्ना नीति को भी ताक पर रख दिया है। डीएसएम शुगर मिल मीरगंज (बरेली) कल्यानपुर गांव से फर्जी सट्टे के जरिए गन्ना खरीद कर रही थी। कई गांवों में किसानों के नाम से जाली सट्टा तैयार कर लिया गया था। इन सभी का गांव कल्याणपुर और कोड फर्जी पाए गए हैं। दर्जन भर किसानों में नौ किसान का डीएसएम मीरगंज और दो त्रिवेणी मिलनरायनपुर और एक राणा शुगर लिमिटेड करीमगंज का सट्टा है। समिति को डी.एस.एम. मीरगंज ने बी. डब्लू. यू.पी. ग्रामीण बैंक के नाम से किसानों की बैंक एडवाईज भेजी गई ,लेकिन मिलक में इस नाम का कोई बैंक ही नहीं है। मामला पकड़ में आने पर गन्ना समिति के सचिव निरंजन सिंह ने मामले में छद्म अभिलेख तैयार कर दूसरी मिल क्षेत्रों से अवैध गन्ना खरीद के अभिलेखोंको छुपाने के लिए डीएसएम शुगर इकाई मीरगंज बरेली के अध्यासी अरविंद कुमार दीक्षित, कृष्ण पाल सिंह सहायक महाप्रबंधक(गन्ना) के खिलाफ छल, जालसाजी और छुपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, जिस पर यह मुकदमा दर्ज हो गया।