फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Sting then why did not the law?

जब कानून नहीं था तो स्टिंग क्यों कराया?

Fri, 16 Dec 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 16 Dec 2016 02:29 AM IST
विज्ञापन
Sting then why did not the law?
note - फोटो : ANI
पुलिस का खेल भी अजब है। दरोगा ने नोट बदलने वालों का स्टिंग तो करा लिया मगर जब कार्रवाई की बात आई तो कानून खोजा जाने लगा। खेल बहुत निचले स्तर पर रचा गया। बड़े अफसरों तक बात न पहुंचती तो शायद मामला सामने भी न आता। बड़े अफसर दोनों युवकों की धरपकड़ को कामयाबी तो बता रहे हैं मगर यह इस खेल में शामिल लोगों को हाथ डालने से कतरा रहे हैं। फिर ये स्टिंग किया ही क्यों इसका जवाब उनके पास नहीं है। चर्चा है कि किसी बड़े दबाव की वजह से पुलिस और इनकम टैक्स विभाग ने कदम पीछे खींच लिए हैं। नोटबंदी के बाद अपने किस्म के इस नए मामले के सामने आने के बाध आयकर विभाग और ईडी भी कोई सक्रियता नहीं दिखा रहा है। 
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने कह रहे हैं कि पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकती थी, क्योंकि यह क्राइम नहीं है। आयकर विभाग के अधिकारियों से बात हो गई थी। उनके कहने के मुताबिक फर्द बनाकर पकड़े गए नोट मालखाने में रखवा दिए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया है। आयकर विभाग ही छानबीन के दौरान इस मामले में कार्रवाई करेगा।  पुलिस यदि चाहती तो तो दोनों लड़कों से सख्ती से पूछताछ कर इतना तो पता कर ही सकती थी कि उनका आका कौन है। उनके मोबाइल की काल डिटेल से उन लोगों तक पहुंचना भी मुश्किल नहीं था जिनके नाम लड़कों ने बताए हैं। इसके बाद नोट बदलने वाले बैंक या दूसरे शख्स तक पहंचा जा सकता था। 
विज्ञापन


ऐसे तो कोई भी नोट बदल सकता है
नोट बदलने वाले गिरोह के दो सदस्य पकड़े जाने के बाद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी तो इस धंधे को करने वालों के हौसले बुलंद हो जाएंगे। अब तक तो बैंकों से मिलीभगत करके लोग  चुपचाप नोट बदल रहे थे। इस तरह की छूट मिलने पर तो खुलेआम नोट बदलने का धंधा चलने लगेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
कैसे पकड़ा जाएगा असली खिलाड़ी
 पुलिस के लिए नोट बदलने के खेल का खुलासा करने के लिए यह अच्छा मौका था। इसमें कई बडे़ लोगों की गर्दन भी फंस सकती थी। बडे़ लोगों में कोई सियासी हस्ती भी हो सकती है। कारोबारी और बैंक के जुड़ा व्यक्ति भी इस खेल के पीछे हो सकता है, लेकिन पुलिस का बुधवार की रात गुजरने के बाद जो रवैया है, उससे तो पूरा मामला टांय-टांय फिस्स हो गया है। जबकि पकड़े गए लड़कों के मोबाइल की कॉल डिटेल के अलावा केपी और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने से सारी हकीकत सामने आ जाएगी।   

 
आईजी ने फाइल तलब की
आईजी विजय सिंह मीना ने नोट बदलने का काम करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़कर छोड़ने के मामले की फाइन तलब की है। आईजी ने बताया कि फाइल देखने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी। यह भी देखा जाएगा कि इस तरह के मामले में किस तरह कार्रवाई हो सकती है। 
  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed