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सिपाही से माफी मंगवाकर ही माने भाजपाई
बरेली।
Updated Sun, 14 May 2017 01:37 AM IST
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BJP to apologize to the soldier
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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यूपी 100 के चालक पर अभद्रता और गाली गलौज के आरोपों लगाते हुए भाजपा पदाधिकारियों ने करीब दो घंटे तक कैंट थाने में हंगामा किया। धोपा रोड के बुक डिपो पर किताब के दाम पर दुकानदार और ग्राहक के बीच झगड़े के बाद विवाद शुरू हुआ था। दुकानदार के रिश्तेदार भाजपा नेता खुद मामला निपटाना चाहते थे। पुलिस उन्हें कैंट थाने ले आई तो उन्होंने पार्टी के लोग बुला लिए। थाने में हंगामा उस वक्त तक जारी रहा, जब तक सिपाही ने माफी नहीं मांग ली। दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने के बाद मामला शांत हो गया।
धोपा रोड पर जायसवाल बुक डिपो के मालिक अनूप के मुताबिक उनकी दुकान पर कांधरपुर निवासी शकील अहमद आइडियल पब्लिक स्कूल की केजी की किताबें खरीदने के लिए आया था। दुकान के पर्चे में 645 रुपये की किताबों में 138 रुपये की एक किताब पर नॉट फॉर सेल लिखा हुआ था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। ग्राहक ने यूपी 100 पुलिस को बुला लिया। अनूप भाजपा मंडल अध्यक्ष शशिकांत के साढू लगते हैं। उनकी पैरवी में शशिकांत पहुंच गए। भाजपाइयों का आरोप है कि पुलिस शशिकांत के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें गाड़ी में बैठाकर कैंट थाने ले गई। इस सूचना पर भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, नरेश शर्मा, अमर सिंह राठौर सहित भाजपा पदाधिकारी कैंट थाने पहुंचे। यूपी 100 के सिपाही पर गाली गलौच बदसलूकी के आरोपों के साथ हंगामा शुरू कर दिया।
सपाराज में सपाई और अब भाजपाई
यूपी 100 पुलिस के दुकान पर पहुंचने पर दुकानदार ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया था। ड्राइवर योगेंद्र पांडेय ने कहा था कि सपा सरकार में सब सपाई थे, अब भाजपा सरकार में सब भाजपाई हैं। दुकान पर नहीं थाने में मामला सुलझेगा। मामले की तहरीर लिखों और थाने चलो। इसी बात पर विवाद बढ़ा था।
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138 की किताब ने कराया हंगामा
पुलिस बनाम भाजपा विवाद बनने के बाद कांधरपुर का ग्राहक खिसक गया। सैंपलिंग की किताब दुकान पर कैसे बिक रही थी। यह मुद्दा भी पीछे छूट गया। दुकान से लेकर थाने तक 138 रुपये की किताब ने हंगामा करवा दिया। बाद में पुलिस ने फोन करके शकील को थाने बुलाया था।
तहरीर दें तो करें कार्रवाई
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कैंट थाने में भाजपा पदाधिकारियों के हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी एसएस पवार से जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर एक पक्ष तहरीर देता है तो मुकदमा लिखा जाए। हालांकि इस दौरान थाने में लिखित ले लिया गया कि वह कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। दोनों पक्ष कार्रवाई नहीं चाहते हैं। हालांकि मैंने निर्देश दिये हैं कि अगर कोई पक्ष लिखित तहरीर देता है तो मुकदमा लिख दिया जाए।
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
पुलिस अभी सपा की मानसिकता से उबर नहीं पाई है। गलती यूपी 100 के चालक की है। सिपाही ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। भाजपा ने बड़ा दिल दिखाते हुए माफ भी कर दिया। सिपाही ने गाली गलौच की थी। भाजपा पदाधिकारी के साथ अभद्रता की थी।
उमेश कठेरिया, महानगर अध्यक्ष
पहले समाजवादी पार्टी के लोग थानों में हंगामा, प्रदर्शन करते थे। सत्ता बदली ते ये भूमिका भारतीय जनता पार्टी को मिल गई। पिछले डेढ़ महीने में किला, बारादरी, नवाबगंज, कैंट और सीबीगंज थानों में भाजपा के पदाधिकारियों के हंगामे की घटनाक्रम हो चुके हैं। दबाव में आई पुलिस ने कहीं चौकी इंचार्ज को निलंबित किया तो कहीं मुकदमे दर्ज करके मामला रफा दफा किया। विधायक पप्पू भरतौल का चुनावी बयान अभी हवा में गूंज रहा है कि अब थाने भाजपा कार्यकर्ता के घर से चलेंगे और अपने एक विरोधी पर हर थाने में दो -दो मुकदमे दर्ज कराने की धमकी भी।
हंगामे के बाद हटे थे चौकी इंचार्ज
विधायक राजेश अग्रवाल पर टिप्पणी के आरोपों के बाद मलूकपुर चौकी इंचार्ज राजवीर के खिलाफ भाजपा पदाधिकारियों ने किला थाने में हंगामा किया था। तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने जांच का आश्वासन दिया था। उनकी रिपोर्ट पर मलूकपुर चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया था। यह मामला एक महिला के घर में नाली के विवाद से शुरू हुआ था।
एफआईआर के लिए जिलाध्यक्ष पहुंच थे
भोजीपुरा के ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल की कार हादसे के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भाजपा के पदाधिकारी ने बारादरी थाने में हंगामा किया था। भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर खुद पैरवी के लिए पहुंचे थे। सीओ तृतीय थाने में क्राइम मीटिंग कर रही थी। भाजपाईयों ने हंगामा करते हुए तत्काल मेडिकल और एफआईआर की मांग रखते हुए आला अधिकारियों से शिकायत की थी। बाद में मुकदमा दर्ज हो गया था।
थाने में घुसकर दरोगा से अभद्रता
अपराधियों का डोजियर बनाते हुए हत्याकांड के आरोपी रहे तीन लोगों के घरों पर सीबीगंज पुलिस पहुंची थी। बाद में भाजपा युवा मोर्चा के दो पदाधिकारियों ने शराब के नशे में थाने के अंदर दरोगा और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की थी। पुलिस ने पदाधिकारी जय प्रकाश यादव और राहुल गुप्ता को थाने में बैठा लिया था। भाजपा पदाधिकारियों ने थाने में खूब हंगामा किया। लेकिन पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान किया था।
हंगामे से डरे बैंककर्मियों ने किया था खुद को कैद
नवाबगंज में बैंक में किसान का बकाया माफ करवाने पर बीजेपी विधायक केसर सिंह ने शाखा प्रबंधक की पिटाई की थी। घटनाक्रम के दूसरे दिन भाजपा के पदाधिकारियों ने बैंक पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। स्टाफ दहशत में आ गया था। बैंक के दरवाजे को बंद करके अंदर खुद को कैद कर लिया था। पुलिस के पहुंचने के बाद भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए थे। भाजपाइयों के डर से कोतवाल ही थाने से गायब हो गए थे। हालांकि बाद में अफसरों के दबाव में मुकदमा लिखा गया।
नवाबगंज थाने में हुआ था हंगामा
नवाबगंज के बारातघर मालिक द्वारा 20 हजार बकाये को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। आरोप है कि हॉल को बुक करने वाला पक्ष बिना भुगतान जा रहा था। पुलिस ने बारातघर के मालिक के बेटों को उठा लिया था। बारातघर मालिक की पैरवी में भाजपाइयों ने नवाबगंज थाने में हंगामा किया था। पुलिस ने कार्रवाई के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हो सका था।
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धोपा रोड पर जायसवाल बुक डिपो के मालिक अनूप के मुताबिक उनकी दुकान पर कांधरपुर निवासी शकील अहमद आइडियल पब्लिक स्कूल की केजी की किताबें खरीदने के लिए आया था। दुकान के पर्चे में 645 रुपये की किताबों में 138 रुपये की एक किताब पर नॉट फॉर सेल लिखा हुआ था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। ग्राहक ने यूपी 100 पुलिस को बुला लिया। अनूप भाजपा मंडल अध्यक्ष शशिकांत के साढू लगते हैं। उनकी पैरवी में शशिकांत पहुंच गए। भाजपाइयों का आरोप है कि पुलिस शशिकांत के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें गाड़ी में बैठाकर कैंट थाने ले गई। इस सूचना पर भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, नरेश शर्मा, अमर सिंह राठौर सहित भाजपा पदाधिकारी कैंट थाने पहुंचे। यूपी 100 के सिपाही पर गाली गलौच बदसलूकी के आरोपों के साथ हंगामा शुरू कर दिया।
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सपाराज में सपाई और अब भाजपाई
यूपी 100 पुलिस के दुकान पर पहुंचने पर दुकानदार ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया था। ड्राइवर योगेंद्र पांडेय ने कहा था कि सपा सरकार में सब सपाई थे, अब भाजपा सरकार में सब भाजपाई हैं। दुकान पर नहीं थाने में मामला सुलझेगा। मामले की तहरीर लिखों और थाने चलो। इसी बात पर विवाद बढ़ा था।
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138 की किताब ने कराया हंगामा
पुलिस बनाम भाजपा विवाद बनने के बाद कांधरपुर का ग्राहक खिसक गया। सैंपलिंग की किताब दुकान पर कैसे बिक रही थी। यह मुद्दा भी पीछे छूट गया। दुकान से लेकर थाने तक 138 रुपये की किताब ने हंगामा करवा दिया। बाद में पुलिस ने फोन करके शकील को थाने बुलाया था।
तहरीर दें तो करें कार्रवाई
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कैंट थाने में भाजपा पदाधिकारियों के हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी एसएस पवार से जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर एक पक्ष तहरीर देता है तो मुकदमा लिखा जाए। हालांकि इस दौरान थाने में लिखित ले लिया गया कि वह कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। दोनों पक्ष कार्रवाई नहीं चाहते हैं। हालांकि मैंने निर्देश दिये हैं कि अगर कोई पक्ष लिखित तहरीर देता है तो मुकदमा लिख दिया जाए।
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
पुलिस अभी सपा की मानसिकता से उबर नहीं पाई है। गलती यूपी 100 के चालक की है। सिपाही ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। भाजपा ने बड़ा दिल दिखाते हुए माफ भी कर दिया। सिपाही ने गाली गलौच की थी। भाजपा पदाधिकारी के साथ अभद्रता की थी।
उमेश कठेरिया, महानगर अध्यक्ष
पहले समाजवादी पार्टी के लोग थानों में हंगामा, प्रदर्शन करते थे। सत्ता बदली ते ये भूमिका भारतीय जनता पार्टी को मिल गई। पिछले डेढ़ महीने में किला, बारादरी, नवाबगंज, कैंट और सीबीगंज थानों में भाजपा के पदाधिकारियों के हंगामे की घटनाक्रम हो चुके हैं। दबाव में आई पुलिस ने कहीं चौकी इंचार्ज को निलंबित किया तो कहीं मुकदमे दर्ज करके मामला रफा दफा किया। विधायक पप्पू भरतौल का चुनावी बयान अभी हवा में गूंज रहा है कि अब थाने भाजपा कार्यकर्ता के घर से चलेंगे और अपने एक विरोधी पर हर थाने में दो -दो मुकदमे दर्ज कराने की धमकी भी।
हंगामे के बाद हटे थे चौकी इंचार्ज
विधायक राजेश अग्रवाल पर टिप्पणी के आरोपों के बाद मलूकपुर चौकी इंचार्ज राजवीर के खिलाफ भाजपा पदाधिकारियों ने किला थाने में हंगामा किया था। तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने जांच का आश्वासन दिया था। उनकी रिपोर्ट पर मलूकपुर चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया था। यह मामला एक महिला के घर में नाली के विवाद से शुरू हुआ था।
एफआईआर के लिए जिलाध्यक्ष पहुंच थे
भोजीपुरा के ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल की कार हादसे के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भाजपा के पदाधिकारी ने बारादरी थाने में हंगामा किया था। भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर खुद पैरवी के लिए पहुंचे थे। सीओ तृतीय थाने में क्राइम मीटिंग कर रही थी। भाजपाईयों ने हंगामा करते हुए तत्काल मेडिकल और एफआईआर की मांग रखते हुए आला अधिकारियों से शिकायत की थी। बाद में मुकदमा दर्ज हो गया था।
थाने में घुसकर दरोगा से अभद्रता
अपराधियों का डोजियर बनाते हुए हत्याकांड के आरोपी रहे तीन लोगों के घरों पर सीबीगंज पुलिस पहुंची थी। बाद में भाजपा युवा मोर्चा के दो पदाधिकारियों ने शराब के नशे में थाने के अंदर दरोगा और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की थी। पुलिस ने पदाधिकारी जय प्रकाश यादव और राहुल गुप्ता को थाने में बैठा लिया था। भाजपा पदाधिकारियों ने थाने में खूब हंगामा किया। लेकिन पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान किया था।
हंगामे से डरे बैंककर्मियों ने किया था खुद को कैद
नवाबगंज में बैंक में किसान का बकाया माफ करवाने पर बीजेपी विधायक केसर सिंह ने शाखा प्रबंधक की पिटाई की थी। घटनाक्रम के दूसरे दिन भाजपा के पदाधिकारियों ने बैंक पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। स्टाफ दहशत में आ गया था। बैंक के दरवाजे को बंद करके अंदर खुद को कैद कर लिया था। पुलिस के पहुंचने के बाद भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए थे। भाजपाइयों के डर से कोतवाल ही थाने से गायब हो गए थे। हालांकि बाद में अफसरों के दबाव में मुकदमा लिखा गया।
नवाबगंज थाने में हुआ था हंगामा
नवाबगंज के बारातघर मालिक द्वारा 20 हजार बकाये को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। आरोप है कि हॉल को बुक करने वाला पक्ष बिना भुगतान जा रहा था। पुलिस ने बारातघर के मालिक के बेटों को उठा लिया था। बारातघर मालिक की पैरवी में भाजपाइयों ने नवाबगंज थाने में हंगामा किया था। पुलिस ने कार्रवाई के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हो सका था।