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जेहाद लफ्ज को बदनाम कर रहा पाकिस्तान : शहाबुद्दीन
बरेली
Updated Sat, 27 Dec 2014 01:22 AM IST
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जमात-रजा-ए-मुस्तफा के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर आतंकवाद को पेश कर रहा है और उसने जेहाद लफ्ज को बदनाम कर दिया है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने यह बात रोटरी क्लब ऑफ बरेली की ओर से शुक्रवार को बरेली क्लब में वैश्विक आतंकवाद-एक नासूर विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि इस्लाम आतंकवाद के पूरी तरह से खिलाफ है। हिंदुस्तान में आतंकवाद पनप नहीं सकता क्योंकि यहां बुजुर्गों के धार्मिक स्थल हैं, जो अमन का संदेश देते हैं। इस्लाम में कभी नहीं कहा गया कि मूर्तियां तोड़ी जाए।
विशिष्ट अतिथि लेखिका डॉ. दीप्ति भारद्वाज ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद जब अपनों को ही नहीं छोड़ रहा तो हमे क्या छोड़ेगा। वह पूरी मानवता के लिए खतरा है इसलिए इसके खिलाफ पूरे देश और दुनिया को एकजुट होकर जवाब देना चाहिए। जिस तरह से हमने पेशावर की घटना की निंदा की, उसी तरह सरहद पर शहीद होने वाले जवानों के लिए भी एकजुटता प्रदर्शित करनी चाहिए। डॉ. एके चौहान ने गोष्ठी के विषय की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस्लाम अमन और भाईचारे का संदेश देता है। आतंकवादी अपने स्वार्थ के लिए इस्लाम की गलत अवधारणा पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। क्लब के अध्यक्ष सीए राजेन विद्यार्थी ने आभार प्रकट किया।
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मौलाना शहाबुद्दीन ने यह बात रोटरी क्लब ऑफ बरेली की ओर से शुक्रवार को बरेली क्लब में वैश्विक आतंकवाद-एक नासूर विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि इस्लाम आतंकवाद के पूरी तरह से खिलाफ है। हिंदुस्तान में आतंकवाद पनप नहीं सकता क्योंकि यहां बुजुर्गों के धार्मिक स्थल हैं, जो अमन का संदेश देते हैं। इस्लाम में कभी नहीं कहा गया कि मूर्तियां तोड़ी जाए।
विशिष्ट अतिथि लेखिका डॉ. दीप्ति भारद्वाज ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद जब अपनों को ही नहीं छोड़ रहा तो हमे क्या छोड़ेगा। वह पूरी मानवता के लिए खतरा है इसलिए इसके खिलाफ पूरे देश और दुनिया को एकजुट होकर जवाब देना चाहिए। जिस तरह से हमने पेशावर की घटना की निंदा की, उसी तरह सरहद पर शहीद होने वाले जवानों के लिए भी एकजुटता प्रदर्शित करनी चाहिए। डॉ. एके चौहान ने गोष्ठी के विषय की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस्लाम अमन और भाईचारे का संदेश देता है। आतंकवादी अपने स्वार्थ के लिए इस्लाम की गलत अवधारणा पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। क्लब के अध्यक्ष सीए राजेन विद्यार्थी ने आभार प्रकट किया।
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