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शहजादे शाह मेहंदी मियां ने संभाली खानकाह नियाजिया की रूहानी विरासत
Fri, 16 Oct 2020 02:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 16 Oct 2020 02:51 AM IST
सार
- शाही अंदाज में की गई ताजपोशी, मशहूर खानकाहों के सज्जादगान ने की दस्तारबंदी
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शाही अंदाज में हुई दस्तारबंदी...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
खानकाह नियाजिया में रूहानियत के माहौल में गुरुवार को हर मजहब-ओ-मिल्लत का अनूठा संगम देखने को मिला। मौका था नए सज्जादा के तौर पर शाहजादे अल्हाज शाह मेहंदी मियां निजामी नियाजी की ताजपोशी का। शाही अंदाज में देश की तमाम बड़ी और मशहूर खानकाहों के नुमाइंदों ने दस्तारबंदी कर शाह मेंहदी मियां को खानकाह की रूहानी विरासत की जिम्मेदारी सौंपी।
खानकाह के आंगन में सुबह से ही मुरीद और नियाजिया सरकारों के दीवाने जुटने शुरू हो गए थे। रस्म शुरू होने तक खानकाह और बाहर तक औरतों और मर्दों का भारी हुजूम जमा हो गया। कुरान ख्वानी और फातेहा के बाद लगभग सवा नौ बजे मुंतजिम शब्बू मियां नियाजी की निगरानी और सरपरस्ती में ताजपोशी की रस्म शुरू हुई। ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर शरीफ के नायब दीवान सैयद नसीर उद्दीन अली खां ने दस्तारबंदी से रस्म की शुरूआत की।
हजरत ख्वाजा कुतुबउद्दीन बख्तियार काकी महरोली शरीफ के सज्जादा रब्बानी मियां, समदानी मियां, खानकाह महबूबे इलाही दिल्ली के नजमी मियां, फरीद मियां निजामी, अनफाल मियां, सैयद मियां, दरगाह शाबिर पाक कलियर शरीफ के अली शाह मियां, हजरत सैयद अब्दुल्ला बगदादी औलादे गौसे आजम दरगाह के राशिद मियां, इकबाल मियां ने दस्तारबंदी कर मुबारकबाद दी और दुआ की।
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इस दौरान खानकाह वामिया निशातिया के सज्जादानशीन मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी, कासिम मियां, डॉ. कलाम मियां, जाहिद मियां, पाशा मियां, असकरी मियां आदि ने तोहफा और नजराना पेश कर मुबारकबाद दी। इस दौरान खानकाही चौकी के कव्वाल ने मुबारकी पढ़ी। इसके बाद सज्जादा नशीन मेहंदी मियां और शब्बू मियां ने तमाम लोगों के साथ मजारात पर चादर और गुलपोशी कर दुआएं मांगी। इन रस्मों के बाद हुजरे में भी लाइनों में लग कर लोग सज्जादा से मिलते रहे। यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।
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खानकाह के आंगन में सुबह से ही मुरीद और नियाजिया सरकारों के दीवाने जुटने शुरू हो गए थे। रस्म शुरू होने तक खानकाह और बाहर तक औरतों और मर्दों का भारी हुजूम जमा हो गया। कुरान ख्वानी और फातेहा के बाद लगभग सवा नौ बजे मुंतजिम शब्बू मियां नियाजी की निगरानी और सरपरस्ती में ताजपोशी की रस्म शुरू हुई। ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर शरीफ के नायब दीवान सैयद नसीर उद्दीन अली खां ने दस्तारबंदी से रस्म की शुरूआत की।
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हजरत ख्वाजा कुतुबउद्दीन बख्तियार काकी महरोली शरीफ के सज्जादा रब्बानी मियां, समदानी मियां, खानकाह महबूबे इलाही दिल्ली के नजमी मियां, फरीद मियां निजामी, अनफाल मियां, सैयद मियां, दरगाह शाबिर पाक कलियर शरीफ के अली शाह मियां, हजरत सैयद अब्दुल्ला बगदादी औलादे गौसे आजम दरगाह के राशिद मियां, इकबाल मियां ने दस्तारबंदी कर मुबारकबाद दी और दुआ की।
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इस दौरान खानकाह वामिया निशातिया के सज्जादानशीन मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी, कासिम मियां, डॉ. कलाम मियां, जाहिद मियां, पाशा मियां, असकरी मियां आदि ने तोहफा और नजराना पेश कर मुबारकबाद दी। इस दौरान खानकाही चौकी के कव्वाल ने मुबारकी पढ़ी। इसके बाद सज्जादा नशीन मेहंदी मियां और शब्बू मियां ने तमाम लोगों के साथ मजारात पर चादर और गुलपोशी कर दुआएं मांगी। इन रस्मों के बाद हुजरे में भी लाइनों में लग कर लोग सज्जादा से मिलते रहे। यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।